‘रणनीतिक स्वायत्तता’ और इसके महत्व : गुट निरपेक्ष आंदोलन (NAM) एवम भारत की समकालीन विदेश नीति

प्रश्न: रणनीतिक स्वायत्तता क्या है ? हाल के घटनाक्रमों के संदर्भ में भारत की समकालीन विदेश नीति में ऐसी नीति […]...

राजनीतिक सशक्तिकरण एवं लिंग समानता के मध्य संबंध का उल्लेख : पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) की महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण में भूमिका

प्रश्न: महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण में PRIs (पंचायती राज संस्थाओं) द्वारा निभाई गई भूमिका की चर्चा कीजिए। साथ ही, उनकी राजनीतिक […]...

भारत में उच्च शिक्षा : इस संदर्भ में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) के महत्व एवं इसके प्रदर्शन का उल्लेख

प्रश्न: भारत में उच्च शिक्षा का ध्यान कुछ चुनिंदा केन्द्रीय या स्वायत्त संस्थानों पर केन्द्रित रहा है, जबकि राज्यों में […]...

स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का संक्षिप्त परिचय : ग्रामीण विकास और महिला उद्यमिता के जुड़वां लक्ष्यों के संदर्भ में विश्लेषण 

प्रश्न: SHG’s ने वित्तीय समावेशन प्रदान करने में सफलता प्राप्त की है, लेकिन उनके लिए व्यवहार्य व्यापार उद्यम के रूप […]...

प्रेस की स्वतंत्रता तथा सुशासन की गैर-अपवर्जिता (non-exclusivity) के महत्व

प्रश्न: प्रेस की स्वतंत्रता और सुशासन परस्पर अपवर्जी नहीं हैं। देश के आर्थिक और मानव विकास को प्रोत्साहित करते हुए […]...

अनुच्छेद 356 और इसकी घोषणा के लिए आवश्यक परिस्थितियों का संक्षिप्त वर्णन

प्रश्न: अनुच्छेद 356 के उचित उपयोग से संबंधित परिपाटी विकसित करने और उसे बनाए रखने में राजनीतिक वर्ग की अक्षमता […]...

निबंध: सोशल मीडिया और इसके दुष्परिणाम (Essay on Social media in Hindi)

प्रसिद्ध व्यक्तित्वों के कथन (Quotes by Famous Personalities) सोशल मीडिया ने हमारे संवाद को लोकतांत्रिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई […]...

NITI आयोग के व्यापक अधिदेश (broad mandate) का वर्णन : कमियों का उल्लेख करते हुए, इसे और अधिक प्रभावी बनाने हेतु कुछ उपाय

प्रश्न: NITI आयोग के उद्देश्यों को सूचीबद्ध कीजिए। साथ ही, इसकी स्थापना के बाद से इस निकाय के प्रदर्शन की […]...

भारतीय संविधान में वर्णित विभिन्न प्रकार की रिट एवम उनके उपयोग

प्रश्न: जहाँ अधिकार है वहां उपचार भी है। इस संदर्भ में, यथोचित उदाहरणों के साथ भारत में रिटों की प्रकृति […]...