Category: भारतीय संस्कृति

मंदिर निर्माण की द्रविड़ शैली के संबंध में संक्षिप्त वर्णन : पल्लव और चोल के योगदान

प्रश्न: पल्लव और चोल दोनों ने दक्षिण भारत के संरचनात्मक मंदिरों के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उदाहरणों के […]...

गांधार, मथुरा और अमरावती कला शैलियों का संक्षिप्त परिचय

प्रश्न: प्रथम शताब्दी ईस्वी के आसपास विकसित होने वाली गांधार, मथुरा और अमरावती कला शैलियों की सुस्पष्ट विशेषताओं को प्रस्तुत कीजिए। […]...

भारत में गुहा स्थापत्य : गुहा स्थापत्य के तत्व जैसे- पुरावशेष, कलाकृतियाँ, भित्तिचित्र तथा प्रतिमाएँ

प्रश्न: भारत में गुहा स्थापत्य न केवल हमें प्राचीनकालीन परम्पराओं और रीति-रिवाजों की जानकारी प्रदान करता है, अपितु यह सरंचनात्मक अभियांत्रिकी […]...

भारत की शास्त्रीय और लोक नृत्य शैलियां

प्रश्न: भारत की कुछ शास्त्रीय और लोक नृत्य शैलियां मार्शल आर्ट्स और मंदिर अनुष्ठानों का एक अनूठा मिश्रण हैं। स्पष्ट […]...

भारतीय भाषाओं की वर्तमान स्थिति की व्याख्या : भारत में इंडेंजर्ड (लुप्तप्राय) भाषाओं की संख्या में वृद्धि करने वाले कारक

प्रश्न: यूनेस्को के एटलस ऑफ़ वर्ल्ड लेंग्वेजेज इन डेंजर के अनुसार, भारत में 197 भाषाओं के इंडेंजर्ड (लुप्तप्राय) होने की […]...

7वीं शताब्दी के मध्य के उपरांत मन्दिर स्थापत्य की एक मिश्रित शैली

प्रश्न: यद्यपि दक्कन क्षेत्र में ऐसे मन्दिर हैं जो स्पष्ट रूप से नागर या द्रविड़ शैलियों पर आधारित हैं, तथापि […]...

फड़ ,पट्टचित्र ,यक्षगान, छऊ, संकीर्तन, पर एक संक्षिप्त टिप्पणी

प्रश्न: निम्नलिखित पर एक संक्षिप्त लेख (टिप्पणी) लिखिए: (a) Phad (फड़) (b) Pattachitra (पट्टचित्र) (c) Yaksha Gana (यक्षगान) (d) Chhau […]...

भारतीय दर्शन को समृद्ध करने में बौद्ध धर्म की भूमिका : मूर्तिकला, चित्रकला इत्यादि के माध्यम से भारतीय कला में बौद्ध धर्म के योगदान

प्रश्न: बौद्ध धर्म ने न केवल भारतीय दर्शन को समृद्ध किया बल्कि प्राचीन भारतीय कला एवं स्थापत्य पर एक अमिट […]...

भारतीय समाज में धर्म का महत्व : कला के विकास हेतु की गयी विभिन्न पहलें

प्रश्न: प्राचीन भारत के लगभग सभी कलात्मक अवशेष धार्मिक प्रकृति के हैं, या कम से कम धार्मिक उद्देश्य से बनाए […]...

भक्ति साहित्य का एक संक्षिप्त परिचय

प्रश्न: 1000 से 1800 ई. के बीच मध्यकालीन भारतीय साहित्य का सबसे मजबूत चलन भक्तिपरक (भक्ति) कविताएं हैं, जो देश […]...
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