एक जिला-एक उत्पाद से आप क्या समझते हैं? क्या यह योजना समावेशी विकास के सन्दर्भ में प्रासंगिक होगी?

उत्तर की संरचनाः

रूपरेखाः

उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘एक जिला-एक उत्पाद योजना’ (One District-One Product) को जनवरा 2018 म लान्च किया था। इसके बाद, इस योजना से राज्य भर में लगभग लाखों बेरोजगार उम्मीदवारों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

इस योजना के अंतर्गत, उत्तर प्रदेश सरकार आने वाले 5 वर्षों में स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को 25.000/रुपये प्रदान करेगी। एक जिला एक उत्पादन प्रदेश सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा वरन् रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

इस योजना के अंतर्गत लघु, मध्यम, परंपरागत उद्योग को आर्थिक रूप से सरकार मदद करेगी, साथ ही उसकी गुणवत्ता, कुशलता में विशेष सुधार पर काम किया जायेगा। योजना के अंतर्गत कम ब्याज दर में ऋण दिया जायेगा. जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ ले सकें।

इसके साथ ही इसकी पैकिंग, ब्रांडिंग पर भी काम किया जायेगा। हर एक उत्पाद को ब्रांड नाम दिया जायेगा, जिससे उत्तर प्रदेश राज्य की भी विश्व पटल पर पहचान बढ़ेगी। अच्छी पैकिंग, ब्रांड नाम होने से लोग इसे जानेंगें और प्रोडक्ट की तरफ आकर्षित होंगें।

इन उत्पादों को इसे निर्यात किया जायेगा, इसके लिए ऑनलाइन माध्यम चुना जायेगा। इसके अलावा हस्तशिल्प जैसे मेला लगाए जायेंगे, जगह जगह काउंटर पर इसकी बिक्री शुरू की जाएगी। इस योजना के चलते उस क्षेत्र की अपनी अलग पहचान बनेगी साथ ही वहाँ का पर्यटन भी बढेगा।

सरकार विभिन्न राज्यों में काम कर रहे कई उद्योगों के सहयोग से इस योजना को लागू करेगी। इसके अलावा, प्रत्येक जिले को एक जिला-एक उत्पादन योजना के तहत एक उत्पाद सौंपा जायेगा। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य किसी विशेष उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करना और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए अपनी गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए है।

एक जिला-एक उत्पाद : समावेशी विकास के लिए आवश्यक

यह योजना पूरे राज्य के समावेशी विकास के लिए आवश्यक है। ‘एक जिला-एक उत्पाद योजना’ के सकल घरेलू उत्पाद को 2 प्रतिशत तक बढ़ायेगी। इस योजना के तहत लगभग 25 लाख बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह योजना जिलों के छोटे, मध्यम और पारंपरिक उद्योगों के विक.स में वृद्धि करेगी। तद्नुसार, राज्य सरकार बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए नई तकनीक को अनुकूलित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

सरकार ने हर एक जिले से एक उत्पाद को चुना है। जिस जिले में जिसका उत्पादन अधिक है, उससे जडे कारीगर वहां है, तो उस जिले को उस विशेष उत्पाद के निर्माण के लिए चुन लिए जायेगा, फिर सरकार उनकी आर्थिक मदद करेगी और उस जिले को उस विशेष उत्पाद का केन्द्र बिन्दु बना दिया जाता है। इस योजना में हर जिले के लिए उत्पाद का चयन वहाँ की परंपरा और उपलब्धता के आधार पर किया गया है, जैसे आगरा चमड़ा उत्पाद के लिए, फिरोजाबाद काँच की चुड़ियों के लिए, इलाहाबाद अमरूद फ्रूट प्रोसेसिंग के लिए, प्रतापगढ़ आवला फ्रंट प्रोसेसिंग के लिए।

यही नहीं इस योजना के सफल कार्यान्वयन के बाद, सभी उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिलेगी। इसके अलावा ये उत्पाद ब्रांड बन जायेगे और ब्रांड यूपी (Brand UP) की पहचान भी बन जायेगी। इस प्रकार यह नवोन्मेषी योजना समावेशी विकास के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की विशेष पहचान स्थापित करने में भी मदद करेगी।

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