‘मिट्टी के लाल के सिद्धांत’ : देशीय राजनीतिक दलों और आंदोलनों द्वारा “स्थानीय” लोगों को रोजगार की मांग

प्रश्न: देशीय राजनीतिक दलों और आंदोलनों द्वारा “स्थानीय” लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग ने कुछ निश्चित मुद्दों […]...

डिजिटल प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व के संबंध में परिचय : वंचित बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु डिजिटल प्रौद्योगिकी

प्रश्न: डिजिटल प्रौद्योगिकी या तो वंचित बच्चों के लिए एक दिशा-परिवर्तक हो सकती है या फिर एक और बाँटने वाली […]...

बाल अपराध की अवधारणा : भारतीय संदर्भ में इससे सम्बंधित तथ्य

प्रश्न: कम उम्र में दिखाई पड़ने वाले जोखिम कारकों पर ध्यान तथा समय पर हस्तक्षेप बाल अपराध एवं उनके बढ़कर […]...

भारत में श्रम बाजार के अनौपचारीकरण की अवधारणा एवं प्रसार

प्रश्न: श्रम बाज़ार के बढ़ते ‘अनौपचारीकरण’ को आर्थिक संभाव्यता को साकार करने में एक अवरोध के साथ-साथ दीर्घकालिक आर्थिक विकास तथा […]...

सम्पूर्ण विश्व और भारत में गरीबों की संख्या में हुई कमी : असमानता पर हाल की रिपोर्ट/सर्वेक्षणों

प्रश्न: हालांकि हालिया दशकों में लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है, लेकिन असमानता में वृद्धि के समाज […]...

अनुसूचित जनजातियों की सामाजिक-आर्थिक अवस्थिति : भारत में जनजातियों को शिक्षा प्रदान करने में सामने आने वाली चुनौतियां

प्रश्न: अनुसूचित जनजातियों की सामाजिक-आर्थिक अवस्थिति में उत्थान के लिए शिक्षा एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस सन्दर्भ में, भारत में जनजातियों […]...

लैंगिक असमानता : भारत जैसे अंतर्निहित पितृसत्तात्मक स्वरूप वाले समाज में श्रम के भेदभावपूर्ण विभाजन

प्रश्न: महिलाओं को जीवन के निजी क्षेत्र तक सीमित करना, भारत में लैंगिक असमानता और शोषण के पीछे मुख्य कारण […]...

शहरीकरण और इसके परिणामस्वरूप पड़ने वाले प्रभाव

प्रश्न: तीव्र शहरीकरण न केवल शहरी क्षेत्रों के अभावों को दूर करने की मांग करता है अपितु इसके कारण ग्रामीण […]...

भारत में वृद्धों की बढ़ती जनसंख्या का संक्षिप्त विवरण एवम उनके समक्ष आने वाली बाधायें

प्रश्न: वृद्धों की देखभाल सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों हेतु तेजी से चिंता के एक नाजुक विषय के रूप में […]...

भारत में शहरी अपराधों में वृद्धि : शहरी अपराधों में वृद्धि के कारक

प्रश्न: शहरी अपराधों में बढ़ोत्तरी भारत में शहरीकरण की अनियोजित और तीव्र प्रकृति की विकटता का सूचक है। चर्चा कीजिए। साथ […]...