क्लाउड कंप्यूटिंग की परिभाषा : इसके द्वारा व्युत्पन्न कुछ चुनौतियों की चर्चा, समाधान हेतु आवश्यक उपाय

प्रश्न: क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है? उदाहरणों के साथ, पहचान कीजिए कि यह शासन की गुणवत्ता कैसे सुधार सकता है। साथ […]...

वायु, जल एवं मृदा प्रदूषण से निपटने के लिए नैनो प्रौद्योगिकी और इसके अनुप्रयोगों का परिचय

प्रश्न: अपने संबंधित जोखिमों के बावजूद, नैनो प्रौद्योगिकी वायु, जल और मृदा प्रदूषण से निपटने के लिए वर्तमान प्रौद्योगिकियों में सुधार […]...

सुपरबग की अवधारणा का परिचय : भारत में सुपरबग के खतरे से निपटने के लिए व्यावहारिक अनुशंसायें

प्रश्न: सुपरबग को परिभाषित करते हुए, मूल्यांकन कीजिए कि भारत इनके प्रति विशेष रूप से सुभेद्य क्यों है। साथ ही, […]...

सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) प्रौद्योगिकी का संक्षिप्त परिचय

प्रश्न: कृषि क्षेत्रक में सुदूर संवेदन प्रौद्योगिकी की भूमिका का सविस्तार वर्णन कीजिए। साथ ही, भारत में कृषि की निगरानी […]...

NISAR मिशन और इसके अनुप्रयोगों पर संक्षिप्त चर्चा : भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता

प्रश्न: NISAR मिशन के अनुप्रयोगों पर चर्चा करते हुए, संसाधन जुटाने और विशेषज्ञता विकसित करने के लिए भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम […]...

एकीकृत थिएटर कमांड की आवश्यकता पर चर्चा

प्रश्न: एकीकृत थिएटर कमांड सशस्त्र बलों की प्रभावशीलता में सुधार लाने के लिए आवश्यक कई उपायों में से केवल एक […]...

प्रभावी पुलिस व्यवस्था के लिए सोशल मीडिया की संभाव्यताओं का आकलन

प्रश्न: भारत में प्रभावी पुलिस व्यवस्था के लिए सोशल मीडिया नेटवर्क की संभाव्यताओं का आकलन कीजिए। साथ ही, भारत में पुलिस […]...

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) : इसके समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर चर्चा

प्रश्न: जहां राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण भारत की प्रमुख आतंक अन्वेषण अभिकरण के रूप में उभर रही है, वहीं इसके समक्ष बहुआयामी […]...

1980 के दशक में जम्मू-कश्मीर में हिंसा की लहर उत्पन्न होने के कारणों का उल्लेख

प्रश्न: नियंत्रित करने के निरंतर प्रयासों के बावजूद, 1980 के दशक के उत्तरार्ध में उपद्रव (इंसजेंसी) आरंभ होने के बाद […]...

भारत में शहरी आतंकवादी हमलों की बढ़ती घटनाओं और उनके प्रभावों के परिप्रेक्ष्य में एक संक्षिप्त परिचय

प्रश्न: हाल के समय में शहरी आतंकवाद उफान पर रहा है। शहरी केंद्रों को आतंकवादी हमलों के लिए सुग्राह्य बनाने […]...