Author: IASbook

विश्व के प्रमुख यूरेनियम भंडार : परमाणु संयंत्रों के लिए ईंधन आपूर्ति की सुरक्षा

प्रश्न: विश्व के प्रमुख यूरेनियम भंडारों और उन देशों की पहचान कीजिए जहां से भारत इसका आयात करता है। देश […]...

भारतीय वन अधिनियम, 1927 :भारत में वनों के अभिशासन (गवर्नेस) की आधारीय रूपरेखा

प्रश्न: व्याख्या कीजिये की किस प्रकार भारतीय वन अधिनियम, 1927 भारत में वनों के अभिशासन (गवर्नेस) की आधारीय रूपरेखा निर्मित करता […]...

जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति-2018 : इस नीति से लाभ

प्रश्न: जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति-2018 मुख्य रूप से आपूर्ति पक्ष के मुद्दों का समाधान करने का प्रयास करती है […]...

सीबेड माइनिंग क्या है: सीबेड माइनिंग से जुड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों

प्रश्न: सीबेड माइनिंग क्या है और यह भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? सीबेड माइनिंग से जुड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों पर […]...

भारत में पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्रों (PCPIRs) की अवधारणा

प्रश्न: भारत में पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्रों (PCPIRs) की अवधारणा, उद्देश्यों एवं वितरण का सविस्तार वर्णन कीजिए। साथ ही, […]...

भारत में जल-विद्युत् उत्पादन की उच्च संभावना: पर्यावरण पर इसके प्रभाव

प्रश्न: भारत में जल-विद्युत् उत्पादन की उच्च संभावना वाले विभिन्न क्षेत्रों का वर्णन कीजिए। पर्यावरण पर जल-विद्युत परियोजनाओं के प्रभाव की […]...

भारत में संरक्षण कृषि को अपनाने की संभावना और चुनौती

प्रश्न:संरक्षण कृषि क्या है? भारत में संरक्षण कृषि को अपनाने की संभावनाओं और चुनौतियों पर प्रकाश डालिए। साथ ही, इसके प्रोत्साहन […]...

भारत में मृदा प्रदूषण के लिए उत्तरदायी कारक : पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं पर इसके प्रभाव

प्रश्न:भारत में मृदा प्रदूषण के लिए उत्तरदायी कारकों का परीक्षण कीजिए। विभिन्न पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं पर इसके प्रभाव की विवेचना करते […]...

भारत में ऑटोमोबाइल उद्योगों की अवस्थिति: ऑटोमोटिव उद्योग में हो रहे परिवर्तनों के आलोक में चुनौती

प्रश्न:भारत में ऑटोमोबाइल उद्योगों की अवस्थिति के लिए उत्तरदायी कारकों पर प्रकाश डालिए। साथ ही, ऑटोमोटिव उद्योग में हो रहे परिवर्तनों […]...

पेरिस जलवायु समझौते के उद्देश्य : ‘कैटोवाइस जलवायु पैकेज’

प्रश्न: विश्लेषण कीजिए कि भारत जैसे विकासशील देशों की चिंताओं के संबंध में पेरिस जलवायु समझौते के उद्देश्यों को प्राप्त […]...