Author: IASbook

नैतिक मूल्य व अभिप्रेरणा

प्रश्न:  किसी कार्यवाही का नैतिक मूल्य इससे प्राप्त होने वाले परिणामों पर नहीं, बल्कि उसकी अभिप्रेरणा पर निर्भर करता है। उपयुक्त […]...

भ्रष्टाचार : सामाजिक-आर्थिक विषमताएं

प्रश्न: सामाजिक-आर्थिक विषमताएं जितनी तीक्ष्ण होंगी, भ्रष्टाचार के प्रति प्रोत्साहन उतना ही अधिक होगा। विश्लेषण कीजिए। दृष्टिकोण भारत में सामाजिक-आर्थिक […]...

सार्वजनिक पदधारकों के लिए नैतिक मानक : नोलन समिति

प्रश्न: सार्वजनिक पदधारकों के लिए नैतिक मानक क्या हैं, नोलन समिति इसका एक सर्वाधिक विशद विवरण प्रदान करती है। सविस्तार वर्णन […]...

अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के परिप्रेक्ष्य में नीतिशास्त्र

प्रश्न:  अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के परिप्रेक्ष्य में नीतिशास्त्र में 21वीं सदी की कूटनीतिक चुनौतियों से निपटने का सामर्थ्य है। परीक्षण कीजिए। दृष्टिकोण […]...

नेपोलियन : विधि इतनी सारगर्भित (संक्षिप्त) होनी चाहिए कि इसे कोट की जेब में रखा जा सके और इसे इतना सरल होना चाहिए कि इसे एक किसान भी समझ सके

प्रश्न: “विधि इतनी सारगर्भित (संक्षिप्त) होनी चाहिए कि इसे कोट की जेब में रखा जा सके और इसे इतना सरल […]...

नैतिक व्यवहार : कॉर्पोरेट शासन नीति

प्रश्न : नैतिक व्यवहार को प्रेरित करने और कार्यस्थल को सही अर्थों में नीतिपरक बनाए रखने हेतु कॉर्पोरेट शासन नीति […]...

राजनीतिक सत्ता : समालोचनात्मक चर्चा

प्रश्न: राजनीतिक सत्ता के अनुसरण में प्राय: साधनों से समझौता किया जाता है, जिससे अनैतिक व्यवहारों के प्रति प्रतिस्पर्धात्मक निर्भरता पैदा […]...

वेबर की नौकरशाही : समालोचनात्मक चर्चा

प्रश्न: वेबर की नौकरशाही की एक विशिष्ट विशेषता, अवैयक्तिक प्रबंधन, समय के साथ विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों […]...

उद्धरण : श्रेष्ठतर व्यक्ति की बुद्धि न्यायपरायणता में दक्ष होती है; जबकि तुच्छ व्यक्ति की बुद्धि लाभोन्मुख होती है। कन्फ्यूशियस।

 प्रश्न: श्रेष्ठतर व्यक्ति की बुद्धि न्यायपरायणता में दक्ष होती है; जबकि तुच्छ व्यक्ति की बुद्धि लाभोन्मुख होती है। कन्फ्यूशियस। दृष्टिकोण […]...

आचरण का सुनहरा नियम पारस्परिक सहिष्णुता है: महात्मा गांधी।

प्रश्न: नीचे उद्धरण दिए गए हैं। इनमें से प्रत्येक का वर्तमान सन्दर्भ में आपके लिए क्या महत्व है, स्पष्ट कीजिए। […]...