उत्तर प्रदेश में पर्यटन एक नवीन उभरता हुआ उद्योग है। इसके विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार किये जा रहे प्रयासों की संक्षिप्त चर्चा करें

उत्तर की संरचनाः

भूमिका:

  • संक्षेप में उत्तर प्रदेश में पर्यटन के आर्थिक महत्व को बताएं।

मुख्य भाग:

  • उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटन के विकास हेतु संचालित विभिन्न कार्यक्रमों/योजनाओं एवं नीतियों की चर्चा करें।
  • इस संदर्भ में विद्यमान समस्याओं को बताएं।

निष्कर्ष:

  • पर्यटन क्षेत्र के विकास हेतु कुछ सुझावों के साथ निष्कर्ष दें।

उत्तर

भूमिकाः

उत्तर प्रदेश में पर्यटन के विभिन्न प्रकारों (यथा- पर्यावरणीय/प्राकृतिक पर्यटन, ऐतिहासिक एवं विरासत पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, शैक्षिक पर्यटन) की अपार संभावनाएँ हैं, जैसे हाल ही में कुंभ का आयोजन। पर्यटन, उत्तर प्रदेश में गरीबी को दूर करने, व्यापक रोजगार उत्पन्न करने तथा ग्रामीण विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्य भागः

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयास-

  • मथुरा, वृन्दावन, अयोध्या, प्रयाग, विंध्याचल, नैमिषारण्य, चित्रकूट, कुशीनगर और वाराणसी आदि में सांस्कृतिक पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने हेतु योजनाओं का क्रियान्वयन।
  • स्वदेश दर्शन स्कीम के रामायण सर्किट के अन्तर्गत अयोध्या में राम कथा गैलरी, गुप्तार घाट, लक्ष्मण घाट एवं अन्य मूलभूत पर्यटक अवस्थापना सुविधाओं के विकास आदि के कार्य एवं श्रृंग्वेरपुर (जनपद-इलाहाबाद) में टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेन्टर, घाट एवं अन्य मूलभूत पर्यटक अवस्थापना सुविधाओं के विकास आदि के कार्य तथा चित्रकूट में परिक्रमा मार्ग पर कवर्ड शेड, मध्य प्रदेश एवं रामघाट के मध्य फुट ओवरब्रिज, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेन्टर, रामायण गैलरी एवं अन्य मूलभूत पर्यटक अवस्थापना सुविधाओं के विकास आदि के कार्यों हेतु भारत सरकार से रू.202.75 करोड़ की धनराशि से सभी स्थलों पर कार्य प्रारंभ किया गया है।
  • स्वदेश दर्शन स्कीम के बौद्ध सर्किट के अन्तर्गत कुशीनगर, कपिलवस्तु एवं श्रावस्ती में साउण्ड एंड लाईट शो एवं अन्य मूलभूत पर्यटक अवस्थापना सुविधाओं के विकास आदि कार्यों हेतु भारत सरकार से रू. 100.00 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करायी गई। सभी स्थलों पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
  • स्वदेश दर्शन स्कीम के हेरिटेज सर्किट एवं स्पिरीचुअल सर्किट-1 एवं 2 के अन्तर्गत प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों के विकास हेतु भारत सरकार से रू. 180.45 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करायी गयी। सभी स्थलों पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
  • प्रसाद स्कीम के अंतर्गत वाराणसी में पर्यटन विकास कार्यों के लिये रू. 92.92 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करायी गयी।
  • ब्रज के सम्पूर्ण एवं समग्र विकास के लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद की स्थापना।
  • विश्व बैंक एवं भारत सरकार के साथ उत्तर प्रदेश प्रो-पुअर पर्यटन विकास परियोजना रू. 371.43 करोड़ का एग्रीमेन्ट किया गया है। इस योजना के अंतर्गत बौद्ध सर्किट के समेकित पर्यटन विकास हेतु लगभग रू. 1000.00 करोड़ की योजना तैयार करायी जा रही है।
  • ईको दूरिज्म एव वन्यजीव पर्यटन को बढावा देने हेत दुधवा, कतरनिया, चन्द्रप्रभा, पटना पक्षी विहार, बखीर पक्षी विहार, ककरैल नवाबगंज पक्षी विहार सोहगीबरवा पक्षी विहार आदि का विकास किया जा रहा है।
  • सास्कतिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेत अयोध्या में दीपोत्सव का विश्व कीर्तिमान ।
  • सूरज कुण्ड मेला-2018 में उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा प्रथम बार थीम स्टेट के रूप में प्रतिभाग। रामायण परिपथ कृष्ण/ब्रज परिपथ, बौद्ध परिपथ, वाइल्ड लाइफ एवं ईको टूरिज्म परिपथ, बुन्दलेखंड परिपथ, महाभारत परिपथ,शक्तिपीठ परिपथ,आध्यात्मिक परिपथ, सफी परिपथ तथा जैन परिपथ का चिहनांकन किया गया है।
  • पर्यटन के समुचित विकास एवं रोजगार सृजन के अवसर प्रदान करने हेतु पर्यटन नीति-2018 प्रख्यापित।
  • वन स्टाप ट्रेवल सल्यूशन पोर्टल की व्यवस्था की गयी है।
  • उत्तर प्रदेश की ब्राण्डिंग के लिए “य.पी. नहीं देखा. तो इण्डिया नहीं देखा’ को टेग लाइन ब्राण्डिंग।
  • कुम्भ को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित-प्रसारित कराने हेतु प्रथम बार पर्यटन विभाग द्वारा कुम्भ-2019 का लागा जारी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किये जाने वाले सभी विज्ञापनों, राजकीय पत्राचारों एवं प्रचार के अन्य माध्यमों में लोगो का प्रयोग।
  • इन्वेस्टर्स समिट में 58 एमओयू के माध्यम से रू. 14803.79 करोड़ की धनराशि के प्रस्ताव पर्यटन क्षेत्र में निवेश हेतु प्राप्त।
  • वाराणसी के प्रमुख धार्मिक स्थलों को “पावन पथ” के नाम से विकसित किया जा रहा है।
  • प्रदेश के विभिन्न प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हेलीकाप्टर-राइड की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।
  • गोरखपुर में स्थित रामगढ़ ताल में जलक्रीडा एवं साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु लगभग रू. 59.00 करोड़ की लागत से वाटर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स का निर्माण इसके साथ ही पूर्व निर्मित जेटी के जीर्णोद्धार हेतु रू. 77.94 लाख की योजना स्वीकृत की गयी है।
  • दक्षिण कोरिया में आयोजित “अयोध्या महोत्सव” अयोध्या में सांस्कृतिक दल का प्रतिभाग।
  • नवम्बर, 2017 में कुरूक्षेत्र, हरियाणा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में “स्टेट पार्टनर” के रूप में प्रतिभाग।

उत्तर प्रदेश में पर्यटन के विकास के समक्ष विभिन्न समस्याएँ एवं चुनौतियाँ विद्यमान हैं जैसे- वित्तीय संसाधनें की समस्या, तकनीकी संसाधनों की समस्या, लोगों में पर्यटन से संबंधित जागरूकता का अभाव, भौतिक एवं सामाजिक अवसंरचना का अभाव इत्यादि।

निष्कर्षः 

उत्तर प्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं को लाभ में परिवर्तित करने के लिए केन्द्र, राज्य एवं नागरिक समाज के सम्मिलित प्रयास की आवश्यकता है। साथ ही नीतियों एवं विकास योजनाओं (जैसे- स्वदेश दर्शन, प्रसाद योजन, हृदय योजना, सुगम्य भारत, स्वच्छ भारत, हरित शहर इत्यादि) के कुशल क्रियान्वयन द्वारा, पर्यटन के प्रति जन जागरूकता फैलाकर एवं आक्रामक प्रचार-प्रसार (टूरिज्म मार्केटिंग) आदि प्रयासों द्वारा पर्यटन क्षेत्र का विकास किया जा सकता है।

 

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