सिंधु घाटी सभ्यता का एक संक्षिप्त परिचय

प्रश्न: सिंधु घाटी सभ्यता के कलाकार और शिल्पकार कलात्मक संवेदनशीलता और जीवंत कल्पना शक्ति से संपन्न होने के साथ साथ अत्यधिक कुशल भी थे। इस संदर्भ में, सिंधु घाटी सभ्यता के स्थलों से जुड़ी कलाकृतियों से मिली जानकारी के आधार पर, इस युग में लोक जीवन के पहलुओं की चर्चा कीजिए।

दृष्टिकोण

  • सिंधु घाटी सभ्यता का एक संक्षिप्त परिचय दीजिए।
  • उत्खनन के माध्यम से सिन्धु सभ्यता के लोगों के जीवन के विषय में ज्ञात होने वाली प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  • एक संक्षिप्त निष्कर्ष प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर

सिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2500-1700 ईसा पूर्व), आधुनिक पाकिस्तान और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में विस्तृत एक कांस्य युगीन नगरीय सभ्यता थी। सिंधु घाटी के स्थलों से जुड़ी विभिन्न कलाकृतियों से उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को चिह्नित किया जा सकता है:

  • मूर्तियां: अनेक प्रमुख मूर्तियां, जैसे- एक नर्तकी की कांस्य प्रतिमा, बैल, पुजारी आदि की सेलखड़ी (steatite) की प्रतिमाएं इत्यादि सीयर पेड्यू (cire perdue) अर्थात् लॉस्ट-वैक्स कास्टिंग (lost-wax casting) जैसी तकनीकों के ज्ञान के परिष्कृत स्तर को दर्शाती हैं।
  • मुहरें: इन स्थलों से सेलखड़ी (steatite) एवं तांबे से निर्मित और सांड, बैल, एक श्रृंगी पशु इत्यादि की प्रतिमाओं से अलंकृत एवं अभिलेखित लगभग 2000 मुहरें प्राप्त हुई हैं। मुहरों का प्रयोग व्यापार के लिए और ताबीज़ के रूप में भी किया जाता था।
  • मृदभांड: अधिकांश मृदभांड लाल मिट्टी से निर्मित और सादे एवं चमकीले दोनों प्रकार के थे। कुछ स्थलों से काले पॉलिशदार मृदभांड भी प्राप्त हुए है। मृदभांड के निर्माण हेतु चाक का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया गया था।
  • वस्त्र, सौंदर्य प्रसाधन और आभूषण: कई स्थलों से ऊनी और सूती वस्त्र बुनने की तकलियाँ (spindles) प्राप्त हुई हैं। सिंधु सभ्यता के लोग सिंदूर, काजल इत्यादि का प्रयोग करते थे। इसके अतिरिक्त, लोथल में पुरुषों और महिलाओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले मनके के हार प्राप्त हुए है। यहां तक कि मृतकों को भी आभूषणों के साथ दफनाया गया था।
  • धर्म: लोगों द्वारा मातृदेवी, भगवान पशुपति, वृक्ष और पशुओं की पूजा करने के साक्ष्य मिले हैं।
  • व्यापार: अधिकांश व्यापार सेवाओं एवं वस्तुओं के विनिमय प्रणाली (बार्टर सिस्टम) के माध्यम से किया जाता था। सिंधु सभ्यता के निवासी पहिए, नौचालन इत्यादि के उपयोग से परिचित थे और इस सभ्यता के मेसोपोटामिया, अफगानिस्तान आदि के साथ वाणिज्यिक संबंध थे।
  • मनोरंजन: बच्चों के लिए खिलौना गाड़ियां, पशु एवं पक्षियों की मूर्तियां बनाई गई थीं। पुरातत्त्वविदों ने उत्खनन के दौरान छः फलकों और चिह्नों से युक्त घन पासा भी प्राप्त किया है।

सभ्यता की धार्मिक और पारलौकिक जीवन, वस्त्र एवं सजावट, मनोरंजन आदि से संबंधी विशिष्टताएं स्पष्ट रूप से उनके कौशल, कलात्मक संवेदनशीलताओं और जीवंत कल्पना को दर्शाती हैं। इसके साथ ही, मेसोपोटामिया जैसी समकालीन सभ्यताओं की तुलना में, सिंधु घाटी सभ्यता एक उन्नत प्राचीन सभ्यता के रूप में वर्णित की जाती है।

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