जलोढ़ पंख और डेल्टा की अवधारणा : भू-आकृति प्रकारों के आर्थिक महत्व

प्रश्न: डेल्टा और जलोढ़ पंख के मध्य अंतर बताते हुए, उनके निर्माण के लिए उत्तरदायी कारकों पर प्रकाश डालिए। साथ ही, इन दो निक्षेपात्मक भू-आकृतिक प्रकारों के आर्थिक महत्व को भी संक्षेप में बताइए।

दृष्टिकोण

  • सर्वप्रथम, आधारभूत अंतर दर्शाते हुए जलोढ़ पंख और डेल्टा की अवधारणाओं पर संक्षेप में प्रकाश डालिए।
  • इनके निर्माण के लिए उत्तरदायी विभिन्न कारकों को सूचीबद्ध कीजिए।
  • तत्पश्चात् इन दो भू-आकृति प्रकारों के आर्थिक महत्व का उल्लेख कीजिए।

उत्तर

डेल्टा और जलोढ़ पंख, दोनों प्रवाहमान नदियों द्वारा निर्मित निक्षेपात्मक भू-आकृतियाँ हैं। जलोढ़ पंख का निर्माण पर्वतों की तलहटी में होता है। यहाँ उच्च सतह से प्रवाहित होकर आने वाली जलधाराएँ, निम्न प्रवणता वाले ढालयुक्त पाद मैदानों में पहुँचने पर अनेक भागों में बँटकर बिखर जाती हैं। जबकि डेल्टा नदियों के मुहाने के निकट बनता है, जहाँ नदियाँ समुद्र या किसी स्थिर जल निकाय से मिलती हैं।

दोनों भू-आकृतियाँ अपनी निक्षेपीय विशेषताओं के संदर्भ में भी भिन्न होती हैं। जलोढ़ पंख सामान्यत: मोटे अवसादों से बने होते हैं और स्पष्ट रूप से स्तरीकृत नहीं होते हैं, जबकि डेल्टा सामान्यत: बारीक निक्षेपों से बने होते हैं।

जलोढ़ पंख के निर्माण के लिए उत्तरदायी कारक:

 

  • अधिक ऊँचाई से तीव्र ढाल के साथ बहने वाली जल धाराओं में अवसाद ढोने की अधिक क्षमता होती है।
  • जलधारा का मार्ग सुगमता पूर्वक अपरदनीय होता है।
  • इसके अतिरिक्त, जलोढ़ पंख का आकार जलवायु पर भी निर्भर करता है। जैसे कि आर्द्र क्षेत्रों में इनमें शीर्ष से पाद तक सामान्यत: हल्के ढाल वाले शंकु दिखते हैं जबकि शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु क्षेत्रों में तीव्र ढाल वाले शंकु दिखते हैं।

डेल्टा के निर्माण के लिए उत्तरदायी कारक:

  • नदियों की भार ढोने की क्षमता: जब नदियों की भार वहन क्षमता कम हो जाती है तो समुद्र के किनारे अवसादों के निक्षेपण से शंक्वाकार डेल्टा का निर्माण होता है।
  • नदियों द्वारा ढोकर लाए गए अवसादों की संरचना: स्थूल अवसाद नीचे बैठ जाते हैं और सिल्ट और क्ले जैसे महीन या बारीक अंश समुद्र में पहुँच जाते हैं।
  • महाद्वीपीय शेल्फः विस्तृत और कम तीव्र ढाल वाले महाद्वीपीय शेल्फ डेल्टा निर्माण में सहायक होते हैं।

जलोढ़ पंख का आर्थिक महत्व:

  • छिद्रित और पारगम्य पंख निक्षेप, भू-जल के प्राथमिक स्रोत हैं, जिसका सिंचाई और जलापूर्ति के लिए उपयोग किया जाता है, विशेष रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों में।
  • आर्द्र पंख भारी खनिजों के कणों को प्लेसर निक्षेपों के रूप में संकेंद्रित करते हैं। इससे इन तत्वों के किफ़ायती निष्कर्षण में सहायता मिलती है।

डेल्टा का आर्थिक महत्व:

  • डेल्टा सर्वाधिक उपजाऊ कृषि क्षेत्रों का निर्माण करते हैं। इस प्रकार ये लाखों लोगों को आजीविका उपलब्ध कराते हैं और साथ ही जीव-जन्तुओं और वनस्पतियों की विविधता और वृद्धि को भी बढ़ावा देते हैं।
  • इनमें अच्छी गुणवत्ता की रेत और बजरी होती है, जिनका खनन किया जाता है।
  • अपनी प्राकृतिक विविधता और समृद्धि के कारण डेल्टा पर्यटन और मनोरंजन केंद्र बन जाते हैं।

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