भारत में हाथ से मैला उठाने की प्रथा : मैला उठाने की प्रथा के जारी रहने के लिए उत्तरदायी कारण
प्रश्न: हाथ से मैला उठाने के विरुद्ध कानूनी प्रावधानों के बावजूद, भारत में हाथ से मैला उठाने की प्रथा जारी है। इसके पीछे उत्तरदायी कारणों की व्याख्या करते हुए, इस समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु उपायों का सुझाव दीजिए।
दृष्टिकोण
- भारत में हाथ से मैला उठाने की प्रथा तथा उसके विस्तार का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कीजिए।
- भारत में हाथ से मैला उठाने की प्रथा के जारी रहने के लिए उत्तरदायी कारणों का वर्णन कीजिए।
- इस समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु उपाय सुझाइए।
उत्तर
हाथ से मैला उठाने से आशय अपरिष्कृत और अनुपचारित मानव मल-मूत्र को असुरक्षित तरीके से एवं हाथ द्वारा हटाये जाने से है। सामाजिक-आर्थिक और जाति आधारित जनगणना, 2011 के अनुसार 167,487 परिवारों ने परिवार के कम से कम एक सदस्य को हाथ से मैला उठाने वाले के रूप में दर्ज कराया है।
वैधानिक प्रावधान
हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के उद्देश्य हैं:
- अस्वच्छ शौचालयों का उन्मूलन।
- निम्नलिखित का निषेध-
- हाथ से मैला उठाने वाले के रूप में नियोजन।
- सीवर और सेप्टिक टैंक की खतरनाक मैनुअल सफाई।
- हाथ से मैला उठाने वालों से सम्बंधित सर्वेक्षण तथा उनका पुनर्वास एक समयबद्ध तरीके से हो।
भारत में हाथ से मैला उठाने की प्रथा के जारी रहने के पीछे उत्तरदायी कारण निम्नलिखित हैं:
- पुराने अस्वच्छ शौचालयों की व्यापकता। जनगणना 2011 के अनुसार देश में 2.6 मिलियन शुष्क शौचालय (dry latrines) हैं।
- ‘स्वच्छता’ संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची 2 (राज्य सूची) का विषय है। यह प्रतिषेध के एकसमान कार्यान्वयन के लिए एक चुनौती है।
- 2013 का अधिनियम कुछ मामलों में हाथ से मैला उठाने को अनुमति प्रदान करता है, जैसे- नियोक्ता द्वारा सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध करवाए जाने पर सेप्टिक टैंक की मैनुअल सफाई तथा सुरक्षात्मक उपकरणों का प्रयोग कर रेलवे पैसेंजर कोच में वॉटर फ्लश शौचालयों की मैनुअल सफाई आदि। ध्यातव्य है कि भारतीय रेलवे हाथ से मैला उठाने वालों का सबसे बड़ा नियोक्ता है तथा एक अज्ञात संख्या में ऐसे कार्मिक रेलवे हेतु कार्य कर रहें हैं।
- निरंतर जारी जाति आधारित व्यवसाय पृथक्करण के कारण लगभग 1.3 मिलियन दलित (मुख्यतः महिलाएं) हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के रूप में नियोजित हैं।
- हाथ से मैला उठाने वाले कर्मी अधिकांशत: निरक्षर होते हैं तथा उनके पास वैकल्पिक रोजगार हेतु बहुत कम अवसर होते हैं।
- हाथ से मैला उठाने वालों को ऋण प्रदान करने को लेकर बैंक सहज नहीं हैं। सफाई कर्मचारियों से ऋण पुनर्घाप्ति की निम्न दर के कारण कई राज्य समर्थित एजेंसियां भी हाथ से मैला उठाने वालों तक ऋण का विस्तार करने हेतु अनिच्छुक हैं।
समस्या के समाधान हेतु उपाय
- इस मुद्दे की सटीक स्थिति की जानकारी हेतु आधिकारिक सर्वेक्षण।
- प्रौद्योगिकीय समाधान जैसे कि रेलवे जैसे प्रतिष्ठानों में जैव-शौचालयों को अपनाना।
- हाथ से मैला उठाने वालों के पुनर्वास और क्षमता निर्माण हेतु वित्त आबंटन में वृद्धि।
- हाथ से मैला उठाने की प्रथा को प्रतिबंधित करने वाले विधिक प्रावधानों का सख्त प्रवर्तन।
- हाथ से मैला उठाने के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को संवेदनशील बनाना।
हाथ से मैला उठाने के सभी रूपों का उन्मूलन संविधान में निहित गरिमामय जीवन के अधिकार को बनाए रखेगा तथा सतत स्वच्छता का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।
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