1. आधुनिक आनुवंशिक विज्ञान का जनक कौन है?
(a) ग्रेगर जॉन मॅडल
(b) ह्यूगो डी ब्रीज
(c) चार्ल्स डार्विन
(d) थामस हंट मार्गन
[Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2011]
उत्तर – (a) ग्रेगर जॉन मॅडल
- आनुवंशिकता की खोज ग्रेगर जॉन मेंडल ने की थी, इसलिए इन्हें ‘आधुनिक आनुवंशिक विज्ञान का जनक’ कहा जाता है।
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2. आनुवंशिकता के जनक के रूप में विख्यात वैज्ञानिक हैं-
(a) जॉनसन
(b) जी.जे. मेंडल
(c) एफ.बी.मोरिसन
(d) मोर्गन
[Uttarakhand Lower Sub. (Pre) 2010]
उत्तर – (b) जी.जे. मेंडल
- आनुवंशिकता के जनक के रूप में विख्यात वैज्ञानिक जी.जे. मेंडल हैं।
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3. मेंडल ने अपने चिरप्रतिष्ठित “वंशागति नियमों” को प्रतिपादित करने में जिस जीवधारी का उपयोग किया, वह था –
(a) ड्रासोफिला
(b) स्नैप ड्रैगान
(c) गार्डेन पी (मटर)
(d) स्वीट पी (सुगंधित मटर)
[U.P.P.C.S. (Mains) 2002]
उत्तर – (c) गार्डेन पी (मटर)
- ग्रेगर जॉन मॅडल को ‘आधुनिक आनुवंशिकी का पिता’ कहा जाता है।
- उन्होंने मटर के पौधे पर अपना प्रयोग किया था। मेंडल ने सर्वप्रथम मटर के पौधे में मौजूद सात प्रकार के गुणों का अध्ययन कर तीन नियम प्रतिपादित किए, जो अधोलिखित हैं- 1. प्रभाविता का नियम, 2. पृथक्करण का नियम एवं 3. स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम।
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4. मेंडल के आनुवंशिकता का सिद्धांत किस पर आधारित है?
(a) कायिक जनन
(b) अलैंगिक जनन
(c) लैंगिक जनन
(d) उपर्युक्त सभी
[53to55th B.P.S.C. (Pre) 2011]
उत्तर – (c) लैंगिक जनन
- मॅडल के आनुवंशिकता का सिद्धांत लैंगिक जनन पर आधारित है।
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5. जीनोम चित्रण (Genome Mapping) का इनसे संबंध है-
(a) रक्त वर्गीकरण
(b) जीन्स का चित्रण
(c) स्नायु केंद्रों का चित्रण
(d) मस्तिष्क का चित्रण
[U.P.P.C.S. (Pre) 2002]
उत्तर – (b) जीन्स का चित्रण
- ‘जीनोम चित्रण’ (Genome Mapping) का संबंध जीन्स (Genes) के चित्रण से है।
- किसी भी जीव के डीएनए में विद्यमान समस्त जीनों का अनुक्रम जीनोम कहलाता है।
- जीनोम के सभी गुणसूत्रों का संरचनात्मक एवं प्रकार्यात्मक संगठन जीनोम चित्रण कहलाता है।
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6. जीवों में आनुवंशिक लक्षण संतान में ले जाए जाते हैं-
(a) राइबोसोम द्वारा
(b) क्रोमोसोम द्वारा
(c) प्लाज्मा द्वारा
(d) लाइसोसोम द्वारा
[R.A.S./R.T.S. (Pre) 1992]
उत्तर – (b) क्रोमोसोम द्वारा
- जीवों में आनुवंशिक लक्षण क्रोमोसोम (Chromosome) द्वारा संतान में ले जाए जाते हैं।
- ये न्यूक्लियोप्रोटीन (Nucleoprotein) के बने होते हैं तथा इसका नाम प्रस्तुत करने वाले वैज्ञानिक वाल्डेयर (1888 ई.) थे।
- कोशिका विभाजन के समय क्रोमेटिन जालिका की धागे के समान छोटे-छोटे टुकड़ों के रूप में स्पष्ट हो जाती हैं।
- क्रोमेटिन पदार्थ के इन छोटे टुकड़ों को गुणसूत्र कहते हैं, जिन पर जीन्स (Genes) पाए जाते हैं।
- यद्यपि अधिकतर जीन्स DNA के भाग हैं, परंतु कुछ विषाणुओं में ये RNA के भाग होते हैं जैसे रियोवाइरस (Reovirus) में।
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7. गुणसूत्रों की वंशागत का सिद्धांत दिया था :
(a) मेंडल
(b) सूटन एवं बोवेरी
(c) मुलर
(d) वाल्डेयर
[Jharkhand P.C.S. (Pre) 2021]
उत्तर – (b) सूटन एवं बोवेरी
- वाल्टर सूटन और थियोडोर बोवेरी ने गुणसूत्रों का वंशागत सिद्धांत (Chromosome Theory of Heredity) दिया था।
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8. जीन है-
(a) डी. एन. ए. का एक भाग
(b) डी. एन. ए. और हिस्टोन का एक भाग
(c) डी. एन. ए., आर. एन. ए. और हिस्टोन का एक भाग
(d) उपरोक्त सभी
[Uttarakhand P.C.S. (Pre) Exam. 2016]
उत्तर – (a) डी. एन. ए. का एक भाग
- प्रत्येक गुणसूत्र में डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल (DNA) का अत्यधिक लंबा व कुंडलित सूत्रनुमा अणु होता है और इसी अणु के छोटे-छोटे खंड को जीन (Gene) कहते हैं।
- सामान्यतः एक जीन में DNA अणु के 5,000 से 1,00,000 जोड़ी न्यूक्लिओटाइड एकलक (Monomers) अणु होते हैं।
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9. जीन के भीतर अनुक्रम आधार में परिवर्तन कहलाता है-
(a) उत्परिवर्तन
(c) संयोजन
(b) प्रतिरूपण
(d) प्रजनन
[U.P. P.C.S. (Pre) 2020]
उत्तर – (a) उत्परिवर्तन
- जीन के भीतर अनुक्रम आधार में होने वाले परिवर्तन को उत्परिवर्तन (Mutation) कहते हैं।
- उद्विकास के लिए आनुवंशिक परिवर्तन स्थापित करने में उत्परिवर्तनों का काफी महत्व होता है।
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10. हमारे शरीर में आनुवंशिकता की इकाई को कहते हैं:
(a) गुणसूत्र
(c) जीन
(b) डीएनए
(d) केंद्रक
[U.P.P.S.C. (GIC) 2010]
उत्तर – (c) जीन
- क्रोमोसोम्स पर स्थित डीएनए की बनी ऐसी अति सूक्ष्म संरचनाएं जो आनुवंशिक लक्षणों का धारण एवं उनका एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरण करती हैं, जीन कहलाती हैं।
- जीन जीवों के शरीर में आनुवंशिकता की मूलभूत इकाई है।
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11. किसी भी प्रजाति में गुणसूत्र संख्या –
(a) आयु के साथ बढ़ती है।
(c) स्थिर रहती है।
(b) आयु के साथ घटती है।
(d) वजन के साथ बढ़ती है।
[Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2019]
उत्तर – (c) स्थिर रहती है।
- सामान्यतः किसी भी प्रजाति में गुणसूत्रों (क्रोमोसोम) की संख्या निश्चित व स्थिर (Constant) रहती है।
- गुणसूत्रों की संख्या आयु अथवा वजन के साथ परिवर्तित नहीं होती है।
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12. जीव-कोशिकाओं में आनुवंशिक लक्षणों के नियंत्रण में निम्नलिखित में से कौन-सा उत्तरदायी है?
(a) एंजाइम
(b) हॉर्मोन
(c) आर.एन.ए.
(d) डी.एन.ए.
(e) उपरोक्त में से कोई नहीं/ उपरोक्त में से एक से अधिक
[B.P.S.C. (Pre) Exam, 2016]
उत्तर – (d) डी.एन.ए.
- जीव कोशिकाओं में आनुवंशिक लक्षणों के नियंत्रण में डी.एन.ए. उत्तरदायी होता है।
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13. ‘प्लवमान जीन’ (जंपिंग जीन) के सिद्धांत का प्रतिपादन किसने किया था?
(a) ग्रेगोर जोहन मेंडल
(c) बारबरा मैक्लिंटॉक
(b) टॉमस हंट मॉर्गन
(d) वॉट्सन और क्रिक
[I.A.S. (Pre) 1993]
उत्तर – (c) बारबरा मैक्लिंटॉक
- ‘प्लवमान जीन’ (Jumping Gene) के सिद्धांत के प्रतिपादक बारबरा मैक्लिंटॉक थे, जिन्हें 1983 ई. में इस विशेष अनुसंधान के लिए चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
- इन्होंने मक्का के पौधे पर आनुवंशिकता का अध्ययन करते समय देखा कि कुछ आनुवंशिक तत्व एक गुणसूत्र में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने में समर्थ हैं।
- अध्ययन के तौर पर इन्होंने देखा कि जंपिंग जीन्स द्वारा जो आनुवंशिक परिवर्तन होते हैं, उससे मक्का के दाने पर कुछ धब्बे (Spots) पड़ जाते हैं।
- नए प्रयोगों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि सभी कोशिकाओं में D.N.A. के खंड होते हैं, जिन्हें ट्रांसपोजेबल तत्व या ट्रांसपोजोन (Transposon) कहते हैं, जिनका विकास की प्रकिया में महत्वपूर्ण योगदान है।
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14. डी.एन.ए. में उपलब्ध कौन-सा यौगिक एमीनो अम्ल नहीं बनाता ?
(a) एडीनीन
(b) टायरोसीन
(c) गुआनीन
(d) साइटोसीन
[U.P.P.C.S. (Pre) 1994]
उत्तर – (b) टायरोसीन
- एडीनीन, गुआनीन और साइटोसीन एमीनो अम्ल बनाते हैं। टायरोसीन (Tyrosine) एक अतात्विक अमीनो अम्ल (Non essential Amino Acid) है, जो कि स्तनियों के शरीर में ही निर्मित होता है।
- टायरोसीन नामक एमीनो अम्ल डी.एन.ए. में मौजूद एक यौगिक है, जो कि एमीनो अम्ल नहीं बनाता है।
- डी.एन.ए. एक न्यूक्लिक अम्ल (Nucleic Acid) है, जो कि जीवों के लक्षणों की संकेत सूचनाओं को जन्मपत्री की भांति जनकों से संतानों में पहुंचाने का कार्य करता है।
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15. डी.एन.ए. में मौजूद शर्करा होती है-
(a) ग्लूकोज
(b) फ्रक्टोज
(c) डिऑक्सीराइबोस
(d) राइबोस
[U.P.P.C.S. (Mains) 2016]
उत्तर – (c) डिऑक्सीराइबोस
- जीव कोशिकाओं में दो प्रकार के न्यूक्लिक अम्ल होते हैं- डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल अर्थात डी.एन.ए. तथा राइबोन्यूक्लिक अम्ल अर्थात आर.एन.ए.।
- प्रत्येक न्यूक्लिक अम्ल के संयोजन में चार प्रकार के न्यूक्लिओटाइड अणु भाग लेते हैं।
- डी.एन.ए. मुख्यतः केंद्रक में होता है और इसके न्यूक्लिओटाइड अणुओं में शर्करा डीऑक्सीराइबोस तथा नाइट्रोजनीय समाक्षार एडीनीन, ग्वानीन, थाइमीन व साइटोसीन होता है।
- इसके विपरीत आर.एन.ए. मुख्यतः कोशिकाओं के साइटोसॉल (Cytosol) में होता है और इसके न्यूक्लिओटाइड अणुओं में शर्करा राइबोस तथा नाइट्रोजनीय समाक्षार एडीनीन, ग्वानीन, यूरैसिल व साइटोसीन होता है।
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16. D.N.A. की खोज किसने की?
(a) जेम्स वॉटसन एवं फ्रांसिस क्रिक
(b) ग्रेगर मेंडल
(c) जोहॉन्सन
(d) हरगोविंद खुराना
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
[B.P.S.C. (Pre) 2018]
उत्तर – (e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
- यह एक गलत धारणा है कि डॉ. जेम्स वॉटसन, डॉ. फ्रांसिस क्रिक,एम.एच. एफ. विल्किंस तथा फ्रैंकलिन नामक वैज्ञानिकों ने डी.एन.ए. की खोज की थी।
- वस्तुतः इन वैज्ञानिकों ने एक्स-रे विश्लेषण द्वारा 1953 ई. में D.N.A. का कुंडलीकार विन्यास प्रस्तुत किया था।
- वास्तव में D.N.A. की पहचान सर्वप्रथम 1869 ई. में स्विस रसायनशास्त्री फ्रेडरिक मिशर ने की थी।
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17. डी.एन.ए. की द्विकुंडलिनी संरचना किसके द्वारा की गई थी?
(a) जैकब तथा मोनोड
(b) वॉटसन तथा क्रिक
(c) एच.जी. खुराना
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
[U.P.P.C.S. (Pre) 2018]
उत्तर – (b) वॉटसन तथा क्रिक
- जेम्स वॉटसन, फ्रांसिस क्रिक, एम. एच. एफ, विल्किन्स तथा फ्रैंकलिन नामक वैज्ञानिकों ने एक्स-रे विश्लेषण द्वारा डी.एन.ए. की द्विकुंडलिनी संरचना प्रस्तुत किया।
- इसके अनुसार, एक सीढ़ी की भांति D.N.Α. का अणु सीधा नहीं होता, बल्कि सर्पिलाकार सीढ़ी सदृश्य अर्थात द्विकुंडलिनी (Double helical) संरचना के रूप में होता है।
- एक D.N.A. कुंडली में एक पूरा घुमाव 3.4 नैनोमीटर लंबा होता है।
- इस पूरे घुमाव में 10 क्षारक युग्म होते हैं तथा प्रत्येक क्षारक युग्म परस्पर 34 नैनोमीटर की दूरी पर होते हैं।
- द्विकुंडलित D.N.A. अणु का व्यास 2 नैनोमीटर या 20 एंगस्ट्राम होता है।
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18. राइबोजाइम्स होते हैं-
(a) डी.एन.ए.
(b) आर.एन.ए.
(c) प्रोटीन्स
(d) इनमें से कोई नहीं
[Jharkhand P.C.S. (Pre) Exam. 2016]
उत्तर – (b) आर.एन.ए.
- ‘राइबोन्यूक्लिक एसिड एंजाइम’ या राइबोजाइम्स (Ribozymes) R.N.A. अणु हैं, जो विशिष्ट जैव रसायनिक प्रतिक्रियाओं (Reaction) को उत्प्रेरित करने की क्षमता रखते हैं।
- R.N.A. के इस उत्प्रेरक गुण (Catalytic Properties) की खोज के लिए थॉमस आर. केच (Thomas R. Cech) तथा सिडनी अल्टमॉन (Sidney Altman) को 1989 ई. में नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था।
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19. अग्रलिखित व्यवसाय में लगे व्यक्तियों में से कौन-से व्यक्तियों को अपनी कोशिकाओं के डी.एन.ए. (D.N.A.) में स्थायी परिवर्तन का खतरा रहता है?
1. कार्बन-14 समस्थानिक का उपयोग करके अनुसंधान करने वाले
2. एक्स-रे तकनीकज्ञ
3. कोयला खनक
4. रंगरेज और रंगसाज
कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए-
(a) केवल 2
(c) 1, 2 और 4
(b) 1, 2 और 3
(d) 1, 3 और 4
[I.A.S. (Pre) 1996]
उत्तर – (a) केवल 2
- एक्स-रे तकनीक (X-Ray technique) व्यवसाय में लगे व्यक्तियों को अपनी कोशिकाओं (cells) के डी-ऑक्सीरिबोन्यूक्लिक अम्ल (D.N.A.) में स्थायी परिवर्तन का खतरा रहता है।
- D.N.A. एक न्यूक्लिक अम्ल (Nucleic Acid) है, जो कि आनुवंशिक पदार्थ के रूप में कार्य करता है।
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