1. निम्न कथनों के आधार पर सही विकल्प का चुनाव करें –
कथन (I): प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) का सिद्धांत 1967 में H.H. Hess ने दिया था।
कारण (II) : प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत समुद्र तल विस्तारण सिद्धांत पर आधारित है।
(a) कथन I एवं कथन II दोनों सत्य हैं
(b) कथन I एवं कथन II दोनों असत्य हैं
(c) कथन I सत्य है, परंतु कथन II असत्य हैं
(d) कथन I असत्य है, परंतु कथन II सत्य हैं
[Chhatisgarh P.C.S. (Pre) 2021]
उत्तर- (d) कथन I असत्य है, परंतु कथन II सत्य हैं
- प्लेट विवर्तनिकी की अवधारणा (सिद्धांत) 1960 प्रतिपादित किया गया था।
- इस सिद्धांत के विकास में विल्सन, मार्गन, पार्कर, मैकेन्जी, हेरी हेस आदि विद्वानों ने योगदान दिया था।
- प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत समुद्र तल विस्तारण सिद्धांत पर आधारित है।
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2. भूकम्प के समय किन तरंगों का उद्भव होता है?
(a) बी.एस.एल.
(b) ए.बी.एल.
(c) आर.एस.एल.
(d) पी.एस.एल.
(e) एफ.एस.एल.
[Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2013]
उत्तर- (d) पी.एस.एल.
- भूकम्प के दौरान तीन प्रकार की भूकम्पीय तरंगें उत्पन्न होती हैं ‘पी’ (Pri- mary), ‘एस’ (Secondary) और ‘धरातलीय’ (Surface Waves) तरंगें।
- धरातलीय तरंगों के दो रूप माने जाते हैं- ‘एल’ तरंग एवं ‘रेलिंग’ तरंग।
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3. ‘भूकम्पीय छाया क्षेत्र’ से संबंधित निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प को चुनिए :
कथन I : एक भूकम्प का छाया क्षेत्र दूसरे भूकम्प के छाया क्षेत्र से सर्वथा भिन्न होता है।
कथन II : भूकम्पलेखी, भूकम्प-अधिकेंद्र से 105° के बाहर किसी भी दूरी पर ‘P’ एवं ‘S’ दोनों तरंगों का अभिलेखन करते हैं।
(a) कथन I एवं कथन II दोनों ही सही हैं।
(b) कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।
(c) कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।
(d) कथन I एवं कथन II दोनों ही गलत हैं।
[Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2020]
उत्तर- (b) कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।
- भूकम्पलेखी यंत्र पर दूरस्थ स्थानों से आने वाली भूकम्पीय तरंगें अभिलेखित होती हैं।
- हालांकि कुछ ऐसे भी क्षेत्र हैं, जहां कोई भी भूकम्पीय तरंग अभिलेखित नहीं होती।
- ऐसे क्षेत्र को भूकम्पीय छाया क्षेत्र कहते हैं।
- विभिन्न भूकम्पीय घटनाओं के अध्ययन से ज्ञात होता है कि एक भूकम्प का छाया क्षेत्र दूसरे भूकम्प के छाया क्षेत्र से सर्वथा भिन्न होता है।
- वैज्ञानिकों का मानना है कि भूकम्प अधिकेंद्र से 105° (103° से 105°) और 140° के बीच का क्षेत्र ‘P’ और ‘S’ तरंगों के लिए छाया क्षेत्र है। ‘
- S’ तरंगों का छाया क्षेत्र ‘P’ तरंगों के छाया क्षेत्र से अधिक विस्तृत है।
- S तरंगे 103° के बाद नहीं प्रकट होती है।
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4. ‘रिंग ऑफ फायर’ संबद्ध है-
1. भूकम्प से
2. ज्वालामुखी से
3. प्रशांत महासागर से
4. जंगल की आग से
अपना उत्तर नीचे दिए गए कूट की सहायता से
कूट :
(a) 1, 2 और 3
(b) 2 और 3
(c) 2 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4
[U.P.P.C.S. (Pre) 2008]
उत्तर- (a) 1, 2 और 3
- ‘रिंग ऑफ फायर’ प्रशांत महासागर क्षेत्र में भूकम्प तथा ज्वालामुखी से प्रायः प्रभावित परिक्षेत्र है।
- इस पेटी में संपूर्ण विश्व के लगभग 90 प्रतिशत भूकम्पों का अनुभव किया जाता है।
- यहां भूकम्प के लिए चार प्रमुख दशाएं सुलभ हैं-
1. सागर तथा स्थल भागों के मिलन बिंदु
2. नवीन मोड्दार पर्वतीय क्षेत्र
3. ज्वालामुखी क्षेत्र
4. विनाशी प्लेट सीमाओं का आभिसरण
- इस क्षेत्र में चिली, कैलिफोर्निया, अलास्का, जापान, फिलीपींस, न्यूजीलैंड तथा मध्य महासागरीय भागों में भूकम्प के विस्तृत क्षेत्र आते हैं।
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5. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. रिक्टर स्केल एक लघुगणकीय (लॉगेरिथम) मापक्रम है तथा इसके फलस्वरूप परिमाण मात्रक में 1 की वृद्धि आयाम के लिए 10 के गुणक को निरूपित करती है।
2. रिक्टर स्केल में प्रत्येक पूर्णांक पठन पर ऊर्जा पूर्ववर्ती पूर्णांक पठन की ऊर्जा के 100 गुना होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) दोनों 1 तथा 2
(d) न ही 1 तथा न ही 2
[I.A.S. (Pre) 2006]
उत्तर- (a) केवल 1
- भूकम्पीय परिमाण का मापन रिक्टर स्केल (Richter Scale) एवं तीव्रता का संशोधित मरकेली स्केल (Modified Mercalli Scale) पर किया जाता है।
- रिक्टर स्केल का आविष्कार वर्ष 1935 में चार्ल्स एफ. रिक्टर ने किया था।
- रिक्टर मापन लघुगणकीय पैमाने (Logarithmic Scale) पर आधारित होती है, जिसका आधार 10 अंक होता है।
- प्रत्येक अंक सिस्मोग्राफ (Seismograph) पर 10 गुने आयाम (10 Times Amplitude) की वृद्धि को प्रदर्शित करता है, जबकि प्रत्येक अंक पर ऊर्जा लगभग 32 गुना (31.6 गुना) मुक्त होती है।
- एक अंक मापन की भूकम्पीय तरंग 6 औस TNT (6 Ounces of TNT) ऊर्जा निर्मुक्त करती है।
- अतः स्पष्ट है कि कथन (1) सही तथा कथन (2) गलत है।
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6. भूकम्प के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. भूकम्प की तीव्रता को मरकेली स्केल पर नापा जाता है।
2. भूकम्प का मैग्नीट्यूड विमुक्त ऊर्जा की माप है।
3. भूकम्प के मैग्नीट्यूड भूकम्पी तरंगों के आयाम के सीधे मापनों पर आधारित हैं।
4. रिक्टर स्केल में, हर पूर्णांक विमुक्त ऊर्जा के परिमाण में सौगुनी वृद्धि का निदर्शन करता है
इन कथनों में से कौन-कौन से सही हैं?
(a) 1, 2 और 3
(b) 2, 3 और 4
(c) 1 और 4
(d) 1 और 3
[I.A.S. (Pre) 2001]
उत्तर- (a) 1, 2 और 3
- भूकम्प के परिमाण एवं तीव्रता का मापन क्रमशः-
- (1) रिक्टर स्केल और (2) संशोधित मरकेली स्केल पर किया जाता है।
- अतः कथन (1) सही है।
- भूकम्प की परिमाण विमुक्त ऊर्जा (Released Energy) की सूचक होती है।
- भूकम्पीय तरंग की परिमाण से टीएनटी के 6 औंस के बराबर ऊर्जा विमुक्त होती है, जबकि 8 परिमाण के भूकम्प से टीएनटी के 6 मिलियन टन के बराबर ऊर्जा विमुक्त होती है अर्थात रिक्टर स्केल पर प्रत्येक अंक ‘भूकम्पमापी यंत्र’ (Seismograph) पर 10 गुने आयाम को तथा लगभग 32 गुना (31.6 गुना) ऊर्जा वृद्धि का निदर्शन करता है।
- अतः कथन (2) एवं (3) भी सही हैं, किंतु कथन (4) गलत है।
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7. सिस्मोमीटर मापता है-
(a) हृदय गति
(b) पेड़ों की ऊंचाई
(c) भूकम्प
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
[Uttarakhand Lower Sub. (Pre) 2010]
उत्तर- (c) भूकम्प
- ‘सिस्मोमीटर’ (Seismometer) भूकम्प मापन हेतु प्रयुक्त होता है।
- यह सिस्मोग्राफ का आंतरिक भाग है। जबकि हृदय गति को ‘कार्डियोग्राम (Cardiogram) से तथा पेड़ों की वृद्धि को दर्शाने वाला यंत्र ‘क्रेस्कोग्राफ (Crescograph) है।
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8. निम्नलिखित में से किस यंत्र का भूकम्प तरंगों के मापन के लिए प्रयोग किया जाता है?
(a) सिस्मोग्राम
(b) सिस्मोग्राफ
(c) सिस्मोस्कोप
(d) सिस्मोमीटर
[U.P.P.C.S. (Mains), 2017]
उत्तर- (b) सिस्मोग्राफ
- सिस्मोग्राफ, भूकम्प का पता लगाने एवं उसे रिकॉर्ड करने के लिए प्रयोग किया जाने वाला एक उपकरण है।
- सिस्मोमीटर, सिस्मोग्राफ का आंतरिक भाग होता है, जो एक लोलक (पेंडुलम) या फिर स्प्रिंग पर चढ़ा हुआ भार हो सकता है।
- हालांकि सामान्यतः इसे सिस्मोग्राफ के समानार्थी के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।
- सिस्मोग्राम, सिस्मोग्राफ उपकरण के विशिष्ट स्थान पर भूकम्प की रिकॉर्डिंग है।
- अतः सिस्मोग्राफ आमतौर पर एक इकाई के रूप में सिस्मोमीटर और इसकी रिकॉर्डिंग डिवाइस को संदर्भित करता है।
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9. निम्नलिखित भाषाओं में ‘सुनामी’ शब्द किस भाषा से संबंधित है?
(a) अरबी
(b) जापानी
(c) हिब्रू
(d) लैटिन
[Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2005]
उत्तर- (b) जापानी
- सुनामी (Tsunami) शब्द जापानी भाषा से संबंधित है।
- Tsu का अर्थ बंदरगाह (Harbour) तथा Nami का अर्थ तरंग (Wave) होता है।
- सुनामी भूकम्प, ज्वालामुखी क्रिया एवं भ्रंशन के फलस्वरूप समुद्र क्षेत्र में उठने वाली तरंगें हैं, जो ऊंची उठी लहरों के साथ तटीय क्षेत्रों को भारी हानि पहुंचा सकती हैं।
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10. वर्ष 2004 के हिंद महासागरीय भूकम्प तथा उससे परिणामित सुनामी के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) सुण्डा खाई में भारतीय प्लेट के बर्मी प्लेट से अधःगमन वाले क्षेत्र में लगभग 1,200 किमी. भ्रंश रेखा का 15 मीटर तक खिसकाव होने के कारण इस भूकम्प की उत्पत्ति हुई है।
(b) परिणामी सुनामी ने इंडोनेशिया के तट से अफ्रीका के पूर्वी तट तक, अधिकेंद्र से लगभग 8,500 किमी. की दूरी तक तटों पर घोर विध्वंस किया।
(c) वर्तमान अनुमानों के अनुसार, भूकम्पजनित सुनामी ने समुद्र में डूब गई अनगिनत लाशों के अतिरिक्त 50 लाख से अधिक लोगों को मौत के घाट उतारा।
(d) बांग्लादेश में बहुत कम लोग हताहत हुए, क्योंकि भूकम्प प्रभावित भ्रंश रेखा की दिस्थिति लगभग उत्तर-दक्षिणी होने से सुनामी लहरों की प्रबलतम शक्ति पूर्व-पश्चिमी दिशा में थी।
[47th B.P.S.C. (Pre) 2005]
उत्तर- (c) वर्तमान अनुमानों के अनुसार, भूकम्पजनित सुनामी ने समुद्र में डूब गई अनगिनत लाशों के अतिरिक्त 50 लाख से अधिक लोगों को मौत के घाट उतारा।
- 26 दिसंबर, 2004 को हिंद महासागर स्थित इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के पश्चिमी भाग पर समुद्र के अंदर आए रिक्टर स्केल पर 9.1- 9.3 परिमाण के भूकम्प से उत्पन्न सुनामी लहरों से लगभग 2 लाख 40 हजार से अधिक लोगों की मृत्यु हुई।
- उपर्युक्त प्रश्न में सुनामी से संबंधित दिए गए तथ्यों का विवरण क्रमशः इस प्रकार है-
- कथन (a)- इस शक्तिशाली भूकम्प से 1,200 किमी. लंबी भ्रंश रेखा का 15 मीटर तक अधःक्षेपण हुआ। यह अधःक्षेपण बर्मी प्लेट के नीचे भारतीय प्लेट के खिसकने से हुआ। अतः कथन (a) लगभग सही है।
- कथन (b)- हिंद महासागर में उठी इन सुनामी लहरों से इंडोनेशिया से लेकर पूर्वी अफ्रीका तट तक प्रभाव देखे गए। अधिकेंद्र से लगभग 8000 किमी. की दूरी पर दक्षिण अफ्रीका में 8 व्यक्ति तथा सोमालिया में 300 से अधिक व्यक्ति मारे गए थे। इससे लगभग 11 देश प्रभावित हुए थे।
- कथन (c)-इन सुनामी लहरों से लगभग 2-3 लाख लोगों के मारे जाने की आशंका व्यक्त की गई न कि 50 लाख। अतः यह कथन पूर्ण रूप से गलत है। इसलिए यही अभीष्ट उत्तर भी है।
- कथन (d)- भूकम्प प्रभावित भ्रंश रेखा की दिस्थिति लगभग उत्तर दक्षिण दिशा में थी, जिससे सुनामी लहरों की प्रबलतम शक्ति पूर्व-पश्चिम दिशा में थी, परिणामतः बांग्लादेश में बहुत कम लोग हताहत हुए थे।
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11. जापान के किस शहर ने हाल ही में विध्वंसकारी सुनामी एवं नाभिकीय विकिरण का सामना किया था?
(a) हिरोशिमा
(b) टोक्यो
(c) फुकुशीमा
(d) कोबे
[Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010]
उत्तर- (c) फुकुशीमा
- 11 मार्च, 2011 को जापान में आए भीषण भूकम्प के फलस्वरूप उत्पन्न विध्वंसकारी सुनामी से फुकुशीमा शहर गहन रूप से प्रभावित हुआ था।
- इस त्रासदी में वहां स्थित परमाणु विद्युत संयंत्र भी क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे वहां नाभिकीय विकिरण भी उत्पन्न हो गया था।
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12. भारतीय उप-महाद्वीप का उत्तर-पश्चिम प्रदेश भूकम्प ग्रहणशील है, जिसका कारण है-
(a) ज्वालामुखी क्रिया
(b) प्लेट टेक्टॉनिक क्रिया
(c) मूंगे बनने की क्रिया
(d) उपर्युक्त सभी
[U.P.P.C.S. (Mains) 2005]
उत्तर- (b) प्लेट टेक्टॉनिक क्रिया
- भारतीय उपमहाद्वीप का उत्तर-पश्चिम प्रदेश भूकम्प ग्रहणशील है, जिसका प्रमुख कारण प्लेटों के सीमांत पर इसकी अवस्थिति है।
- यह क्षेत्र भारतीय प्लेट एवं यूरेशियन प्लेट का अभिसरण क्षेत्र है।
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13. पृथ्वी की सतह का वह भाग, जिस पर भूकम्पीय तरंगों को सर्वप्रथम रिकॉर्ड किया जाता है, कहलाता है-
(a) भूकम्प मूल
(b) अधिकेंद्र
(c) सीस्मोसाइट
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
[UP RO/ARO (Pre) 2017]
उत्तर- (b) अधिकेंद्र
- भूकम्प का सर्वप्रथम जहां उद्भव होता है, उसे ‘भूकम्प मूल’ कहते हैं तथा जहां पर भूकम्पीय तरंगों को सर्वप्रथम रिकॉर्ड किया जाता है, उसे अधिकेंद्र (Epicentre) कहते हैं।
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14. कोकोस प्लेट किनके मध्य पाई जाती है?
(a) मध्य अमेरिका तथा प्रशांत प्लेट
(b) दक्षिण अमेरिका तथा प्रशांत प्लेट
(c) लाल सागर तथा फारस की खाड़ी
(d) एशियाई प्लेट तथा प्रशांत प्लेट
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
[63 B.P.S.C. (Pre) 2017]
उत्तर- (a) मध्य अमेरिका तथा प्रशांत प्लेट
- कोकोस (Cocos) प्लेट मध्य अमेरिका और प्रशांत महासागरीय प्लेट के बीच स्थित है।
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