भावनात्मक बुद्धिमत्ता आंशिक रूप से प्राकृतिक और आंशिक रूप से अर्जित है।

प्रश्न:  भावनात्मक बुद्धिमत्ता अंशतः स्वभावगत और अंशतः परवरिश के माध्यम से विकसित की जाती है। कथन की व्याख्या करते हुए चर्चा कीजिए कि सिविल सेवकों की भावनात्मक बुद्धिमत्ता को कैसे बढ़ाया जा सकता है।

दृष्टिकोण

  • व्याख्या कीजिए कि किस प्रकार भावनात्मक बुद्धिमत्ता आंशिक रूप से प्राकृतिक और आंशिक रूप से अर्जित है।
  • चर्चा कीजिए कि सिविल सेवकों की भावनात्मक बुद्धिमत्ता में किस प्रकार सुधार किया जा सकता है।

उत्तर

बुद्धिमत्ता आंशिक रूप से सीखी हुई और आंशिक रूप से आनुवांशिक होती है। ऐसी अनेक विशेषताएं हैं जो एक व्यक्ति को बुद्धिमान बनाती है। इन विशेषताओं में मस्तिष्क का आकार, इसकी प्रसंस्करण क्षमता, व्यक्ति की रुचि एवं अभिक्षमता तथा शिक्षकों, माता-पिता, मित्रों इत्यादि को समाहित करने वाला पालन-पोषण का परिवेश शामिल हैं। वैज्ञानिक साक्ष्य बताते हैं कि भावनात्मक बुद्धिमत्ता (EI) में आनुवंशिक घटक शामिल हैं। हालांकि, मनोवैज्ञानिक और विकासात्मक अनुसंधान और ‘प्लास्टिसिटी ऑफ़ ब्रेन’ (मस्तिष्क की स्वयं को परिवर्तित करने की क्षमता) की अवधारणा से संकेत मिलता है कि ‘पोषण’ भी इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जन्मजात El स्तर सुदृढ़ होता है किन्तु अपरिवर्तनीय नहीं। यह बाल्यावस्था के अनुभवों से प्रभावित होती है और जीवन के अनुभव अथवा परिपक्वता के माध्यम से सीखी जा सकती है। जो व्यक्ति भावनात्मक बुद्धिमत्ता में सुधार करने के लिए गंभीरता से समय का निवेश करते हैं, वे किसी कार्य में और समय के साथ जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। परिवर्तित परिस्थितियों में व्यक्तियों को बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए। भावनात्मक बुद्धिमत्ता व्यवहार में सुधार लाने के लिए पूर्व में सीखे गए व्यवहार में बदलाव लाने की आवश्यकता होती है, जिसे आंतरिक रूप से पुनर्निर्मित किया जाना चाहिए। पर्याप्त अभ्यास किया जाना चाहिए ताकि पूर्व की आदतों को परिवर्तित किया जा सके।

वे तरीके जिनसे El को अर्जित किया जा सकता है:

  • एक टीम के रूप में कार्य करना, पारस्परिक कौशल विकसित करना।
  • विविधता के प्रति उच्च संवेदनशीलता के साथ जनोन्मुख विशेषताओं का विकास करना।
  • धर्म के माध्यम से एक मूल्य प्रणाली विकसित करना, संगठन की नैतिकता इत्यादि।
  • सांस्कृतिक संवेदनाओं और व्यवहार मानदंडों की समझ प्राप्त करना।

सिविल सेवकों के मध्य El में सुधार

  • अभ्यास और फीडबैक के माध्यम से प्रशिक्षण- सिविल सेवक वास्तविक जीवन के उदाहरणों और अवसरों पर विचार करके अपनी गलतियों से सीख सकते हैं।
  • समर्थन: भावनात्मक क्षमता में परिवर्तन की गति मंद हो सकती है, इसलिए सिविल सेवकों को असफलताओं का सामना करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए क्योंकि असफलताएं स्वाभाविक हैं और पुरानी आदतों को पुनः अपनाने से बचने हेतु प्रेरित किया जाना चाहिए। मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और सहकर्मियों का समर्थन El दक्षताओं में स्थायी परिवर्तन और सकारात्मक विकास में सहायता कर सकता है।
  • अनुभव से सीखना: भावनात्मक और व्यावहारिक परिवर्तनों के लिए जीवन संबंधी गतिविधियों की आवश्यकता होती है जो मुख्यतः पारंपरिक कक्षाओं के दायरे से बाहर होती हैं और उन्हें सामान्यतः अनुभव द्वारा सीखने के रूप में जाना जाता है।
  • अधिगम हस्तांतरण: यह दर्शाता है कि लोग प्रदर्शन में सुधार के लिए प्रशिक्षण में जो सीखते हैं उसका किस प्रकार उपयोग करते हैं। अधिगम हस्तांतरण कार्य के दौरान सीखी गई जानकारी को सुदृढ़ बनाने और तत्काल लागू करने का प्रयास करता
  • मूल्यांकन: प्रशिक्षण कार्यक्रम से एक मूल्यांकन घटक संबद्ध किया जाएगा ताकि सिविल सेवक निरंतर सुधार और प्रशिक्षण प्रयासों को बनाए रखने के बारे में सूचित निर्णय ले सकें।
  • स्व-मॉडलिंग में संलग्न होना: विगत प्रदर्शन के सर्वोत्तम भागों का बार-बार अवलोकन करके और उन्हें प्रेरणा और अभिप्रेरण के रूप में उपयोग करके भविष्य में बेहतर प्रदर्शन किया जाना चाहिए।

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