1. निम्नलिखित में से कौन-सी गैस प्राचीन (आदिम) पृथ्वी के वायुमंडल से अनुपस्थित थी?
(a) मीथेन
(b) अमोनिया
(c) ऑक्सीजन
(d) कार्बन डाइऑक्साइड
[U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2016]
उत्तर – (c) ऑक्सीजन
- प्रश्नगत विकल्पों में प्राचीन (आदिम) पृथ्वी के वायुमंडल में ऑक्सीजन गैस नगण्य या अनुपस्थित थी, जबकि मीथेन (CH₃), अमोनिया (NH), कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) आदि गैसें उपस्थित थीं।
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2. वर्तमान प्रमाण के अनुसार, पृथ्वी पर जीव का उद्गम हुआ है, लगभग-
(a) 20,000 वर्ष पूर्व
(b) 2,00,000 वर्ष पूर्व
(c) 20,00,000 वर्ष पूर्व
(d) 2,000,000,000 वर्ष पूर्व
[40th B.P.S.C. (Pre) 1995]
उत्तर – (d) 2,000,000,000 वर्ष पूर्व
- वर्तमान प्रमाण के अनुसार, पृथ्वी पर कोशिकीय रूप में जीव का उद्गम (Origin) लगभग 2,000,000,000 वर्ष पूर्व हुआ।
- प्रारंभ में जीव साधारण तथा एककोशिकीय (Unicellular) थे, फिर बाद में बहुकोशिकीय जीवों (Multicellular organisms) का विकास हुआ, जो कि यूकैरियाटिक कोशिका वाले होते हैं।
- ज्ञातव्य है कि जीवाणु तथा नीले हरे शैवाल साधारण किस्म के प्रोकैरियाटिक कोशिका (Prokaryotic cell) वाले होते हैं।
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3. पृथ्वी पर सबसे पुराना जीव कौन-सा है?
(a) नील हरित शैवाल
(b) कवक
(c) अमीबा
(d) यूग्लीना
[U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2008]
उत्तर – (a) नील हरित शैवाल
- पृथ्वी पर सबसे पुराना जीव नील हरित शैवाल है।
- ये ऐसे प्रथम जीव हैं, जिन्होंने सूर्य के प्रकाश एवं जल के प्रयोग से भोजन का निर्माण करना प्रारंभ किया।
- इस प्रक्रिया से उत्पन्न हुई ऑक्सीजन गैस वायुमंडल में फैलने लगी, जो अन्य जीवों के विकास में सहायक हुई।
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4. डार्विन द्वारा प्रस्तुत प्राकृतिक वरणवाद निम्न में से किस पर आधारित है?
(a) ओवरप्रोडक्शन
(b) स्ट्रगल फॉर एक्जिस्टेन्स एंड वेरिएशंस
(c) सरवाइवल ऑफ द फिटेस्ट
(d) उपर्युक्त सभी
[M.P.P.C.S. (Pre) 1997]
उत्तर – (d) उपर्युक्त सभी
- चार्ल्स डार्विन (Charles Darwin) इंग्लैंड के जैव विकासविद् थे।
- इन्होंने डार्विनवाद (Darwinism) प्रस्तुत किया ।
- डार्विनवाद को प्राकृतिक वरणवाद (Theory of Natural Selection) भी कहते हैं।
- डार्विनवाद की विस्तृत व्याख्या इनकी पुस्तक “प्राकृतिक चुनाव द्वारा जातियों की उत्पत्ति” (1859) में छपी।
- डार्विन का प्राकृतिक वरणवाद ओवरप्रोडक्शन, स्ट्रगल फॉर एक्जिस्टेन्स एंड वेरिएशंस तथा सरवाइवल ऑफ द फिटेस्ट, इन तीनों पर आधारित है।
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5. पुस्तक ‘दि ऑरिजिन ऑफ स्पीशीज’ किसने लिखी है?
(a) लिनिअस
(b) लैमार्क
(c) मेंडेल
(d) डार्विन
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
[B.P.S.C. (Pre) 2019]
उत्तर – (d) डार्विन
- ‘दि ऑरिजिन ऑफ स्पीशीज’ पुस्तक डार्विन द्वारा लिखी गई है।
- चार्ल्स डार्विन इंग्लैंड के जैव विकासविद् थे।
- इनके द्वारा प्रस्तुत विकासवाद को डार्विनवाद या प्राकृतिक वरणवाद (Theory of Natural Selection) कहते हैं।
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6. विकासवाद का सिद्धांत किसने प्रतिपादित किया?
(a) स्पेन्सर ने
(b) डार्विन ने
(c) वालेस ने
(d) हक्सले ने
[M.P.P.C.S. (Pre) 2010]
उत्तर – (b) डार्विन ने
- चार्ल्स डार्विन का मत था कि प्रकृति क्रमिक परिवर्तन द्वारा अपना विकास करती है।
- विकासवाद कहलाने वाला यही सिद्धांत आधुनिक जीव विज्ञान की नींव बना।
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7. जैव विकास (Evolution) को सर्वप्रथम किसने समझाया ?
(a) न्यूटन
(b) आइन्स्टीन
(c) चार्ल्स डार्विन
(d) लैमार्क
[43rd B.P.S.C. (Pre) 1999]
उत्तर – (d) लैमार्क
- जैव विकास (Evolution) परिकल्पना पर पहला तर्कसंगत सिद्धांत फ्रांसीसी जीव-वैज्ञानिक, जीन बैप्टिस्टे डी लैमार्क ने प्रस्तुत किया, जो 1809 ई. में उनकी पुस्तक “फिलॉसफी जूलोजिक” (Philosophie Zoologique) में छपा।
- इसे लैमार्क का सिद्धांत या “उपार्जित लक्षणों की वंशागति का सिद्धांत” (Theory of Inheritance of Acquired Characters) कहते हैं।
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8. विकास के उत्परिवर्तन सिद्धांत का प्रतिपादन किया था-
(a) हक्सले ने
(b) डार्विन ने
(c) लैमार्क ने
(d) ह्यूगो डी व्रीज ने
[U.P.P.C.S. (Pre) 2005]
उत्तर – (d) ह्यूगो डी व्रीज ने
- विकास के उत्परिवर्तन सिद्धांत (Mutation theory) को हॉलैण्ड के पादपशास्त्री (Botanist) ह्यूगो डी व्रीज ने दिया।
- इनके अनुसार, नई जाति (Species) की उत्पत्ति अचानक एक ही बार में होने वाली स्पष्ट तथा स्थायी (वंशागत) बड़ी विभिन्नताओं (उत्परिवर्तनों) के कारण होती है।
- जाति का पहला सदस्य, जिसमें उत्परिवर्तित लक्षण दिखाई देता है, उत्परिवर्ती (Mutant) कहलाता है।
- इन्होंने अपना प्रयोग सांध्य प्रिमरोज (Evening Primrose) पर किया था।
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9. सूची-1 को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
| सूची-1 |
सूची-II |
| A. उत्परिवर्तन (Mutation) का सिद्धांत |
1. बीडल और टैटम |
| B. विकास का सिद्धांत |
2. जैकब और मोनोड |
| C. एक जीन एक एंजाइम की परिकल्पना |
3. डार्विन |
| D. ओपेरॉन अवधारणा |
4. डी व्रीज |
कूट :
ABCD
(a) 3,4,1,2
(b) 4,3,1,2
(c) 4,3,2,1
(d) 3,4,2,1
[I.A.S. (Pre) 1998]
उत्तर – (b) 4,3,1,2
| उत्परिवर्तन (Mutation) का सिद्धांत |
ह्यूगो डी ब्रीज |
| विकास का सिद्धांत |
डार्विन |
| एक जीन एंजाइम की परिकल्पना |
बीडल और टैटमएक |
| ओपेरॉन अवधारणा |
जैकब और मोनोड |
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10. विकास का मुख्य कारक है-
(a) उत्परिवर्तन
(b) हासिल किए हुए गुण
(c) लैंगिक जनन
(d) प्राकृतिक वरण
[39th B.P.S.C. (Pre) 1994]
उत्तर – (d) प्राकृतिक वरण
- जैव विकास (Evolution) का मुख्य कारक प्राकृतिक वरण (Natural Selection) है, क्योंकि यही विभेदों एवं अन्य हासिल किए हुए जीनों को अगली पीढ़ी (Generation) में दिशा प्रदान करता है।
- प्राकृतिक वरण या चयन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके कारण जीवों की आबादियों में जीनरूपों (Genotypes) तथा एलीली जीनों, दोनों की ही आवृत्तियों में महत्वपूर्ण परिवर्तन होते रहते हैं।
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11. जैव विकास के संदर्भ में, सांपों में अंगों का लोप होने को स्पष्ट किया जाता है-
(a) अंगों का उपयोग तथा अनुपयोग किए जाने से
(b) बिलों में रहने के प्रति अनुकूलन से
(c) प्राकृतिक चयन से
(d) उपार्जित लक्षणों की वंशागति से
[I.A.S. (Pre) 2002]
उत्तर – (a) अंगों का उपयोग तथा अनुपयोग किए जाने से
- फ्रांसीसी जैव वैज्ञानिक लैमार्क के अनुसार, परिवर्तन शरीर के उपयोग तथा अनुपयोग (Use and disuse) के कारण होते हैं।
- बदलते वातावरण में जीवधारी नई आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु अपने कुछ अंगों का अधिक प्रयोग करते हैं जबकि कुछ अंगों का कम, जिसके कारण अधिक प्रयोग किए जाने वाले अंग सुदृढ़ एवं सुविकसित हो जाते हैं तथा वे अंग जिनका प्रयोग कम होता है वे निष्क्रिय तथा धीरे-धीरे करके लुप्त हो जाते हैं, जिसका उदाहरण हमारे शरीर के अवशेषी अंग हैं।
- लैमार्क ने अंगों के अनुपयोग के उदाहरण के रूप में सर्पों (Snakes) में टांगों के अभाव को बताया।
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12. भारत की विशाल वन्य बिल्लियों में किसके बारे में कहा जाता है कि वह हाल ही में विलुप्त हो गई हैं?
(a) चीता
(b) तेंदुआ
(c) बाघ
(d) सिंह
[R.A.S./R.T.S. (Pre) 1992]
उत्तर – (a) चीता
- प्रश्नगत विकल्पों में चीता ही वह अकेला पशु है, जो भारत में विलुप्त घोषित किया गया है।
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13. आधुनिक मनुष्य के हाल का पूर्वज है-
(a) जावा मनुष्य
(b) क्रो-मैगनॉन मानुष
(c) निएंडरथल मानुष
(d) पेकिंग मानुष
[39th B.P.S.C. (Pre) 1994]
उत्तर – (b) क्रो-मैगनॉन मानुष
- क्रो-मैगनॉन (Cro-Magnon) मनुष्य को आधुनिक वैज्ञानिक वर्तमान मानव होमो सैपियंस का अंतिम सीधा पूर्वज तथा आधुनिक मानव की एक उपजाति (Subspecies) होमो सैपियंस फॉसिल्स (Homo Sapiens Fossils) मानते हैं।
- क्रो-मैगनॉन का शरीर गठा हुआ और लगभग 180 सेमी. (6 फुट) लंबा था तथा इसकी कपालगुहा 1600 क्यूबिक सेमी. थी।
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14. शब्द ‘डेनिसोवन (Denisovan)’ कभी-कभी समाचार माध्यमों में किस संदर्भ में आता है?
(a) एक प्रकार के डायनासोर का जीवाश्म
(b) एक आदिमानव जाति (स्पीशीज़)
(c) पूर्वोत्तर भारत में प्राप्त एक गुफा तंत्र
(d) भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास में एक भू-वैज्ञानिक कल्प
[I.A.S. (Pre) 2019]
उत्तर – (b) एक आदिमानव जाति (स्पीशीज़)
- डेनिसोवन एक आदिमानव प्रजाति थी, जो यूरेशिया के जंगलों में लगभग 1.5 से 2 लाख वर्ष पूर्व निवास करती थी।
- पहली बार वर्ष 2010 में साइबेरिया की गुफाओं में प्राप्त अस्थि अवशेषों से इसकी पहचान हुई थी तथा फिर चीन के तिब्बत की एक गुफा से प्राप्त एक जीवाश्म जबड़े के विश्लेषण से इनके पूर्वी एशिया तक विस्तारित होने की पुष्टि की घोषणा 1 मई, 2019 को प्रतिष्ठित विज्ञान मैगजीन ‘नेचर’ में प्रकाशित एक शोध-पत्र में की गई है।
- तिब्बत में प्राप्त डेनिसोवन का यह जबड़ा उत्तर-मध्य प्लाइस्टोसीन काल (लगभग 1.6 लाख वर्ष पूर्व) का है।
- डेनिसोवन के अवशेषों के डीएनए विश्लेषण के आधार पर इन्हें होमो सैपियंस और निएंडरथल से पृथक तीसरे प्रकार की समकालिक मानव प्रजाति माना जा रहा है।
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15. आर्कियोप्टेरिक्स है-
(a) जुरैसिक युग का सर्वपुरातन पक्षी
(b) जुरैसिक काल का सरीसृप
(c) ट्राइएसिक काल का सरीसृप
(d) ट्राइएसिक तथा जुरैसिक दोनों कालों का सरीसृप
[40th B.P.S.C. (Pre) 1995]
उत्तर – (a) जुरैसिक युग का सर्वपुरातन पक्षी
- ‘आर्कियोप्टेरिक्स’ (Archaeopteryx), जुरैसिक (Jurassic) युग का एक सर्वपुरातन पक्षी था, जिसके जीवाश्म (fossils) लगभग 15 करोड़ वर्ष पुरानी जुरैसिक चट्टानों से मिले हैं।
- यह सरीसृपों तथा पक्षियों के बीच का संयोजक जंतु था, जिसमें सरीसृपों (Reptiles) की भांति लंबी पूंछ, चोंच में दांत तथा अग्रपादों की अंगुलियों पर पंजे (claws) थे, फिर भी यह पक्षी था, क्योंकि इसके अग्रपाद उड़ने के लिए पंखों में रूपांतरित हो चुके थे।
- यह जंतु जैव विकास (Organic Evolution) को सिद्ध करता है।
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16. ‘आर्कियोप्टेरिक्स’ किन वर्गों के प्राणियों के बीच की योजक कड़ी है?
(a) उभयचर व पक्षी
(b) सरीसृप व पक्षी
(c) सरीसृप व स्तनधारी
(d) पक्षी व स्तनधारी
[R.A.S./R.T.S. (Pre) 2008]
उत्तर – (b) सरीसृप व पक्षी
- यह सरीसृपों तथा पक्षियों के बीच का संयोजक जंतु था, जिसमें सरीसृपों (Reptiles) की भांति लंबी पूंछ, चोंच में दांत तथा अग्रपादों की अंगुलियों पर पंजे (claws) थे, फिर भी यह पक्षी था, क्योंकि इसके अग्रपाद उड़ने के लिए पंखों में रूपांतरित हो चुके थे।
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17. मैमथ पूर्वज है :
(a) कुत्ते का
(b) घोड़े का
(c) ऊंट का
(d) हाथी का
[R.A.S./R.T.S. (Pre) 2008]
उत्तर – (d) हाथी का
- ‘मैमथ’ (Mammoth) प्रजाति वर्तमान समय में विलुप्त है। यह हाथी का पूर्वज माना जाता है।
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18. डाइनोसोर थे-
(a) सीनोजोइक सरीसृप
(b) मेसोजोइक पक्षी
(c) पैलियोजोइक एम्फीबिया
(d) मेसोजोइक सरीसृप
[U.P.U.D.A./L.D.A. (Pre) 2001]
उत्तर – (d) मेसोजोइक सरीसृप
- ‘डाइनोसोर’ (Dinosaurs) विशालकाय सरीसृप (Reptiles) थे, जो कि मध्यजीवी या मेसोजोइक महाकाय (Mesozoic Era) में थे।
- मध्यजीवी महाकल्प को तीन कल्पों ट्रायसिक कल्प (3.8 करोड़ वर्ष का), जुरैसिक कल्प (5.7 करोड़ वर्ष का) तथा क्रिटेशियस कल्प (7 करोड़ वर्ष का) में बांटा गया है।
- क्रिटेशियस में डाइनोसोर, पुष्पीय पादपों, स्तनियों का विकास होता रहा, किंतु अंतिम चरण में उत्तरी महाद्वीपों के जुड़ने, गोंडवाना महाद्वीप के पृथक होने तथा पृथ्वी पर उल्कापिंडों के गिरने से डाइनोसोरों सहित लगभग 76 प्रतिशत जातियों की व्यापक विलुप्ति हुई।
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19. डाइनोसोर (Dinosaurs) रहे-
(a) पेलियोजोइक युग में
(b) सेनोजोइक युग में
(c) मेसोजोइक युग में
(d) प्लाइस्टोसीन युग में
[U.P. Lower Sub. (Pre) 1998]
उत्तर – (c) मेसोजोइक युग में
- ‘डाइनोसोर’ (Dinosaurs) विशालकाय सरीसृप (Reptiles) थे, जो कि मध्यजीवी या मेसोजोइक महाकाय (Mesozoic Era) में थे।
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20. जीवों के विकास (इवॉल्यूशन) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा अनुक्रम सही है?
(a) ऑक्टोपस-डॉल्फिन-शार्क
(b) पैंगोलिन-कच्छप-बाज़
(c) सैलामैंडर-अजगर-कंगारू
(d) मेंढक-केकड़ा-झींगा
[I.A.S. (Pre) 2009]
उत्तर – (c) सैलामैंडर-अजगर-कंगारू
- दिए गए विकल्पों में सैलामैंडर का विकास काल सबसे पहले लगभग 360 मिलियन वर्ष पूर्व तथा कंगारू का सबसे बाद में लगभग 145 मिलियन वर्ष पूर्व का है।
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