1. पर्णहरित (क्लोरोफिल) में निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व पाया जाता है?
(a) लोहा
(b) तांबा
(c) मैग्नीशियम
(d) मैंगनीज
[U.P.P.C.S. (Pre) 2012]
उत्तर – (c) मैग्नीशियम
- पर्णहरित या क्लोरोफिल एक प्रोटीनयुक्त जटिल रासायनिक यौगिक है।
- यह वर्णक पत्तों के हरे रंग का कारण है। मैग्नीशियम क्लोरोफिल का प्रमुख तत्व है।
- मैग्नीशियम के अतिरिक्त क्लोरोफिल में कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन व ऑक्सीजन भी उपस्थित रहते हैं।
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2. निम्नलिखित में से कौन-सा क्लोरोफिल का घटक नहीं है-
(a) कैल्शियम
(b) कार्बन
(c) मैग्नीशियम
(d) हाइड्रोजन
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
[66 B.P.S.C. (Pre) (Re. Exam) 2020]
उत्तर – (a) कैल्शियम
- मैग्नीशियम के अतिरिक्त क्लोरोफिल में कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन व ऑक्सीजन भी उपस्थित रहते हैं।
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3. क्लोरोफिल (पर्णहरित) में पाया जाता है-
(a) लोहा
(b) तांबा
(c) मैग्नीशियम
(d) मैंगनीज
[U.P. Lower Sub. (Pre) 2013]
उत्तर – (c) मैग्नीशियम
- मैग्नीशियम क्लोरोफिल का प्रमुख तत्व है।
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4. प्रकाश-संश्लेषण का उपोत्पाद है-
(a) CO2
(b) O2
(c) ऊर्जा
(d) शर्करा
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं। उपर्युक्त में से एक से अधिक
[B.P.S.C. (Pre) 2019]
उत्तर – (b) O2
- प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) यह क्रिया है, जिसमें पौधों के हरे भाग सूर्य से प्रकाश ऊर्जा को ग्रहण कर वायु से ली गई कार्बनडाइऑक्साइड (CO₂) तथा मृदा से शोषित जल (H2O) द्वारा कार्बोहाइड्रेट्स का निर्माण करते हैं एवं ऑक्सीजन (O2) को उपोत्पाद (By-Product) के रूप में बाहर निकालते हैं।
- प्रकाश संश्लेषण की संपूर्ण क्रिया को निम्नलिखित अभिक्रिया द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है- 6CO2 + 12H2O प्रकाश/पर्णहरिम→ C6H12O6+6H2O+602
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5. प्रकाश संश्लेषण के दौरान, हरे पौधे अवशोषित करते हैं-
(a) ऑक्सीजन
(b) नाइट्रोजन
(c) CO
(d) CO2
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
[66 B.P.S.C. (Pre) (Re. Exam) 2020]
उत्तर – (d) CO2
- प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) यह क्रिया है, जिसमें पौधों के हरे भाग सूर्य से प्रकाश ऊर्जा को ग्रहण कर वायु से ली गई कार्बनडाइऑक्साइड (CO₂) तथा मृदा से शोषित जल (H,O) द्वारा कार्बोहाइड्रेट्स का निर्माण करते हैं एवं ऑक्सीजन (O2) को उपोत्पाद (By-Product) के रूप में बाहर निकालते हैं।
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6. हरे पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में होता है-
(a) नाइट्रोजन लेना व ऑक्सीजन छोड़ना
(b) कार्बन डाइऑक्साइड लेना व ऑक्सीजन छोड़ना
(c) ऑक्सीजन लेना व कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ना
(d) ऑक्सीजन लेना व नाइट्रोजन छोड़ना
[R.A.S./R.T.S. (Pre) 1992]
उत्तर – (b) कार्बन डाइऑक्साइड लेना व ऑक्सीजन छोड़ना
- हरे पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में पौधों के हरे भाग सूर्य से प्रकाश ऊर्जा को ग्रहण कर वायु से ली गई कार्बनडाइऑक्साइड (CO₂) तथा मृदा से शोषित जल (H,O) द्वारा कार्बोहाइड्रेट्स का निर्माण करते हैं एवं ऑक्सीजन (O2) को उपोत्पाद (By-Product) के रूप में बाहर निकालते हैं।
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7. प्रकाश संश्लेषण में पौधों द्वारा निम्न में से कौन-सी गैस उपयोग की जाती है?
(a) अमोनिया
(b) कार्बन डाइऑक्साइड
(c) क्लोरीन
(d) सल्फर डाइऑक्साइड
[Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2002]
उत्तर – (b) कार्बन डाइऑक्साइड
- प्रकाश संश्लेषण में पौधों द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड गैस उपयोग की जाती है।
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8. निम्नलिखित गैसों में से कौन प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया के लिए आवश्यक है?
(a) CO
(b) CO₂
(c) N
(d) O₂
[U.P.P.C.S. (Pre) 2011,43 B.P.S.C. (Pre) 1999]
उत्तर – (b) CO₂
- वनस्पति कोशिकाओं के द्वारा प्रकाशीय ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करने की क्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं।
- प्रकाश संश्लेषण वह क्रिया है, जिसमें पौधे अपने हरे रंग वाले अंगों, जैसे पत्ती द्वारा सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में वायु से कार्बन डाइऑक्साइड तथा भूमि से जल लेकर जटिल कार्बनिक खाद्य पदार्थों जैसे कार्बोहाइड्रेट्स का निर्माण करते हैं तथा ऑक्सीजन गैस बाहर निकालते हैं।
- जल, CO,, सूर्य का प्रकाश तथा क्लोरोफिल प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक अवयव हैं।
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9. हरे पौधों द्वारा प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया में प्रयुक्त सौर ऊर्जा का रूपांतरण किस रूप में होता है?
(a) रासायनिक ऊर्जा
(b) भौतिक ऊर्जा
(c) (a) और (b) दोनों
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
[M.P.P.S.C. (Pre) 2018]
उत्तर – (a) रासायनिक ऊर्जा
- वनस्पति कोशिकाओं के द्वारा प्रकाशीय ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करने की क्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं।
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10. प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया के लिए निम्नलिखित में से किसकी उपस्थिति आवश्यक नहीं है?
(a) सूर्य का प्रकाश
(b) ऑक्सीजन
(c) जल
(d) कार्बन डाइऑक्साइड
[R.O./A.R.O. (Pre) Exam. 2017]
उत्तर – (b) ऑक्सीजन
- प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में पौधे अपने हरे रंग वाले अंगों, जैसे पत्ती द्वारा सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में वायु से कार्बन डाइऑक्साइड तथा भूमि से जल लेकर जटिल खाद्य पदार्थों जैसे कार्बोहाइड्रेट्स का निर्माण करते हैं और ऑक्सीजन गैस बाहर निकालते हैं।
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11. ऑक्सीजन, जो प्रकाश संश्लेषण से उत्पन्न होती है, आती है-
(a) जल से
(b) कार्बन डाइऑक्साइड से
(c) क्लोरोफिल से
(d) फॉस्फोग्लिसेरिक एसिड से
[U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2014]
उत्तर – (a) जल से
- पौधों की प्रकाश संश्लेषण की क्रियाओं से निकली समस्त ऑक्सीजन जल से प्राप्त होती है।
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12. प्रकाश के निम्नलिखित प्रकारों में से किनका, पौधों द्वारा तीव्र अवशोषण होता है?
(a) बैंगनी और नारंगी
(b) नीला और लाल
(c) इंडिगो और पीला
(d) पीला और बैंगनी
[I.A.S. (Pre) 2007]
उत्तर – (b) नीला और लाल
- पौधे क्लोरोफिल नामक वर्णक की सहायता से सूर्य के प्रकाश एवं कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति में अपना भोजन तैयार करते हैं।
- इस क्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहा जाता है।
- क्लोरोफिल का रंग हरा होता है, लेकिन यह सूर्य के विद्युत-चुंबकीय स्पैक्ट्रम (Electro-Magnetic Spectrum) में उपस्थित नीले तथा लाल रंग का अवशोषण तीव्रता से करता है।
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13. पृथ्वी पर अधिकांश ऑक्सीजन उत्पादित होती है –
(a) घास से
(b) शैवालों से
(c) वृक्षों से
(d) धान के खेतों से
[U.P. Lower Sub. (Pre) 2015]
उत्तर – (b) शैवालों से
- पृथ्वी पर कुल प्रकाश संश्लेषण का लगभग 90 प्रतिशत भाग जलीय पौधे व शैवालों द्वारा होता है।
- इसमें लगभग 80-85 प्रतिशत भाग समुद्र में (मुख्यतः शैवालों द्वारा) तथा शेष 5-10 प्रतिशत भाग नदी, तालाब आदि में होता है।
- हरे पौधों द्वारा प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में CO, का अवशोषण एवं कार्बोहाइड्रेट तथा 0, का उत्पादन होता है।
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14. प्रकाश संश्लेषण होता है-
(a) रात्रि में
(b) दिन में और रात्रि में
(c) दिन में अथवा रात्रि में
(d) केवल दिन में
[43 B.P.S.C. (Pre) 1999]
उत्तर – (c) दिन में अथवा रात्रि में
- प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) हरे पौधों में होने वाली एक क्रिया है, जिसमें वे भोज्य पदार्थ का निर्माण करते हैं।
- इस क्रिया में प्रकाश ही ऊर्जा प्रदान करता है।
- प्राकृतिक रूप से पौधे सूर्य के प्रकाश से ही ऊर्जा ग्रहण करते हैं, किंतु समुद्रीय शैवाल चंद्रमा के प्रकाश में यह क्रिया करते हैं तथा विद्युत प्रकाश में भी पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया होती है।
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15. पौधे व पेड़ का खाना तैयार करने की प्रक्रिया कहलाती है-
(a) कार्बोहाइड्रोलिसिस
(b) मेटोबोलिक सिन्थेसिस
(c) फोटोसेन्सिटाइजेशन
(d) फोटोसिन्थेसिस
[44 B.P.S.C. (Pre) 2000]
उत्तर – (d) फोटोसिन्थेसिस
- पौधे व पेड़ का खाना तैयार करने की प्रक्रिया फोटोसिन्थेसिस कहलाती है।
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16. वह क्रिया जिसके द्वारा पौधे अपना भोजन तैयार करते हैं. कहलाती है-
(a) रसाकर्षण
(b) श्वसन
(c) प्रकाश संश्लेषण
(d) रस संकुचन
[U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2013]
उत्तर – (c) प्रकाश संश्लेषण
- प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) हरे पौधों में होने वाली एक क्रिया है, जिसमें वे भोज्य पदार्थ का निर्माण करते हैं।
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17. प्रकाश संश्लेषण होता है-
(a) न्यूक्लिअस में
(b) माइटोकॉन्ड्रिया में
(c) क्लोरोप्लास्ट में
(d) परऑक्सीसोम में
[53 to55th B.P.S.C. (Pre) 2011]
उत्तर – (c) क्लोरोप्लास्ट में
- क्लोरोप्लास्ट नामक कोशिकांग में जैव रासायनिक क्रिया ‘प्रकाश संश्लेषण’ संपन्न होती है।
- क्लोरोप्लास्ट में हरे रंग का वर्णक क्लोरोफिल (पर्णहरिम) पाया जाता है।
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18. प्रकाश संश्लेषण हेतु सर्वाधिक क्रियाशील प्रकाश है-
(a) बैंगनी प्रकाश
(b) लाल प्रकाश
(c) नीला प्रकाश
(d) हरा प्रकाश
[Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Mains) 2006]
उत्तर – (b) लाल प्रकाश
- प्रकाश संश्लेषण पर प्रकाश का प्रभाव तीन प्रकार से होता है।
- यह प्रखरता (Intensity), प्रकाश का प्रकार (Quality) तथा उसके अंतराल (Duration), तीनों से प्रभावित होता है।
- दुर्बल प्रखरता के प्रकाश में संभवतः पर्णरंचों के न खुलने से तथा गैसीय विसरण बहुत धीमी दर से होने के कारण प्रकाश संश्लेषण की क्रिया नहीं होती।
- जैसे-जैसे प्रकाश की तीव्रता बढ़ती है, प्रकाश संश्लेषण की क्रिया आरंभ हो जाती है तथा गति प्राप्त करती है।
- विभिन्न तरंग दैों के प्रभाव के संबंध में, अधिकतम प्रकाश संश्लेषण लाल प्रकाश (तरंग दैर्ध्य: 650 नैनोमीटर) में तथा द्वितीय अधिकतम नीले प्रकाश (तरंग दैर्ध्य 475 नैनोमीटर) में पाया जाता है।
- हालांकि पर्णहरित लाल प्रकाश की अपेक्षा नीला प्रकाश अधिक अवशोषित करता है, परंतु प्रकाश संश्लेषण में सर्वाधिक प्रयोग लाल प्रकाश का ही होता है।
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19. प्रकाश संश्लेषण में कौन-सा प्रकाश सबसे अधिक प्रभावकारी होता है?
(a) लाल
(b) नीला
(c) हरा
(d) बैंगनी
[U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2014]
उत्तर – (a) लाल
- विभिन्न तरंग दैों के प्रभाव के संबंध में, अधिकतम प्रकाश संश्लेषण लाल प्रकाश (तरंग दैर्ध्य: 650 नैनोमीटर) में तथा द्वितीय अधिकतम नीले प्रकाश (तरंग दैर्ध्य 475 नैनोमीटर) में पाया जाता है।
- हालांकि पर्णहरित लाल प्रकाश की अपेक्षा नीला प्रकाश अधिक अवशोषित करता है, परंतु प्रकाश संश्लेषण में सर्वाधिक प्रयोग लाल प्रकाश का ही होता है।
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20. प्रकाश संश्लेषण में सूर्य के प्रकाश की कौन-सी रश्मियों का पर्णहरित द्वारा सर्वाधिक उपयोग किया जाता है?
(a) लाल
(b) पीला
(c) हरा
(d) नीला
[Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010]
उत्तर – (a) लाल
- प्रकाश संश्लेषण में सर्वाधिक प्रयोग लाल प्रकाश का ही होता है।
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21. सही कथन चुनिए।
(a) लाल प्रकाश का तरंगदैर्ध्य, बैंगनी प्रकाश से कम है।
(b) लाल प्रकाश का तरंगदैर्ध्य, बैंगनी प्रकाश से ज्यादा है।
(c) बैंगनी प्रकाश का तरंगदैर्ध्य, हरे प्रकाश से ज्यादा है।
(d) बैंगनी प्रकाश का तरंगदैर्ध्य, पीले प्रकाश से ज्यादा है।
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं उपर्युक्त में से एक से अधिक
[B.P.S.C. (Pre) 2018]
उत्तर – (b) लाल प्रकाश का तरंगदैर्ध्य, बैंगनी प्रकाश से ज्यादा है।
- बैंगनी रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे कम व आवृत्ति सबसे अधिक, जबकि लाल रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक तथा आवृत्ति न्यूनतम होती है।
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22. कृत्रिम प्रकाश –
(a) पर्णहरित (क्लोरोफिल) नष्ट कर सकता है।
(b) पर्णहरित का संश्लेषण कर सकता है।
(c) प्रकाश संश्लेषण का कारण हो सकता है।
(d) प्रकाश संश्लेषण का कारण नहीं हो सकता
[U.P. Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2010]
उत्तर – (c) प्रकाश संश्लेषण का कारण हो सकता है।
- सूर्य का प्रकाश, प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक है।
- बल्ब आदि के तीव्र कृत्रिम प्रकाश में भी प्रकाश संश्लेषण की क्रिया होती है।
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23. प्रकाश ऊर्जा का रासायनिक ऊर्जा में रूपांतरण निम्नवत होता है:
(a) इलेक्ट्रोलाइसिस द्वारा
(b) प्रकाश संश्लेषण द्वारा
(c) श्वसन द्वारा
(d) उत्स्वेदन द्वारा
[Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2007]
उत्तर – (b) प्रकाश संश्लेषण द्वारा
- प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की क्रिया में हरे पौधे प्रकाश की ऊर्जा (Light Energy) को रासायनिक ऊर्जा (Chemical Energy) में रूपांतरित कर देते हैं, जो कि पौधों में कार्बनिक पदार्थ के रूप में संचित हो जाती है तथा इन्हीं कार्बनिक पदार्थों द्वारा जंतु तथा पौधों का पालन-पोषण होता है।
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24. निम्नलिखित में से कौन-सा एक प्रक्रम प्रकाश संश्लेषण में सम्मिलित है?
(a) स्थितिज ऊर्जा मुक्त होकर प्राप्यतम ऊर्जा बनती है।
(b) प्राप्यतम ऊर्जा, स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तित होती है और संचित हो जाती है।
(c) भोजन ऑक्सीकृत होकर कार्बन डाइऑक्साइड और जल मुक्त करता है।
(d) ऑक्सीजन ली जाती है तथा कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प बाहर निकलते हैं।
[I.A.S. (Pre) 2014, Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2017]
उत्तर – (b) प्राप्यतम ऊर्जा, स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तित होती है और संचित हो जाती है।
- प्रकाश संश्लेषण की क्रिया मुख्यतः पौधों में संपन्न होती है, जिसके द्वारा सूर्य के प्रकाश (मुक्त ऊर्जा) को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है।
- यह ऊर्जा बाद में पौधों की विभिन्न क्रियाओं में प्रयुक्त होती है।
- इस रासायनिक ऊर्जा का संचयन कार्बोहाइड्रेट अणुओं यथा शर्करा के रूप में होता है, जिनका संश्लेषण कार्बन डाइऑक्साइड और जल की सहायता से किया जाता है।
- रासायनिक ऊर्जा एक प्रकार की स्थितिज ऊर्जा है, जो परमाणुओं व अणुओं के बंधन (Bonds) में संचित होती है।
- प्रकाश संश्लेषण की क्रिया दो चरणों में संपन्न होती है।
- पहले चरण में प्रकाश पर निर्भर प्रतिक्रियाओं के द्वारा प्रकाश की ऊर्जा ATP और NADPH के ऊर्जा संचित करने वाले अणुओं के निर्माण में प्रयुक्त होती है।
- दूसरे बरण में प्रकाश से स्वतंत्र प्रतिक्रियाओं द्वारा इन उत्पादों का प्रयोग कार्बन डाइऑक्साइड के संग्रहण और न्यूनीकरण में किया जाता है।
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25. प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में ए.टी.पी. के कितने अणु ग्लूकोज के प्रत्येक अणु के संश्लेषण में शामिल रहते हैं?
(a) 16
(b) 18
(c) 20
(d) 24
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं उपर्युक्त में से एक से अधिक
[Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2020]
उत्तर – (b) 18
- प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के दौरान ग्लूकोज के प्रत्येक अणु के संश्लेषण में ए.टी.पी. के 18 अणु शामिल होते हैं।
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26. निम्नलिखित में से कौन अधिकतम कुशलतापूर्वक सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करता है?
(a) क्लोरेला
(b) बाघ
(c) केंचुआ
(d) कसकुट्टा
[U.P.P.S.C. (R.L.) 2014]
उत्तर – (a) क्लोरेला
- क्लोरेला अधिक-से-अधिक कुशलतापूर्वक सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
- वस्तुतः क्लोरेला, क्लोरोफाइटा से संबंधित एककोशिकीय हरित शैवाल की एक प्रजाति (Genus) है।
- सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलने की क्लोरेला की दक्षता सर्वाधिक 8% है।
- अतः विकल्प (a) सही उत्तर है।
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27. निम्न में कौन-सा पौधों की जड़ों का कार्य नहीं है?
(a) प्रकाश संश्लेषण
(b) जल का अवशोषण
(c) पोषक तत्वों का अवशोषण
(d) पौधों को सहारा प्रदान करना
[Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006]
उत्तर – (a) प्रकाश संश्लेषण
- प्रकाश संश्लेषण की क्रिया पत्तियों में होती है।
- प्रकाश संश्लेषण की दर पत्तियों में उपस्थित स्टोमेटा’ की संख्या तथा उनके बंद एवं खुलने के समय पर निर्भर करती है।
- इसके अलावा पत्ती की कोशिकाओं में क्लोरोप्लास्ट की व्यवस्था भी प्रकाश संश्लेषण की दर को प्रभावित करती है।
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28. अधोलिखित में से कौन-सा पृथ्वी के कार्बन चक्र में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को नहीं बढ़ाता है?
(a) श्वसन
(b) प्रकाश संश्लेषण
(c) जैविक पदाथों का क्षय
(d) ज्वालामुखी क्रिया
[U.P.P.C.S. (Mains) 2012]
उत्तर – (b) प्रकाश संश्लेषण
- वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड गैस श्वसन, दहन, किण्वन, विघटन आदि क्रियाओं के द्वारा मुक्त होती है।
- स्थलीय पौधे इसे सीधे ही वायु से ग्रहण कर लेते हैं।
- हरे पौधे प्रकाश संश्लेषण की क्रिया करते समय इस गैस को ग्रहण करके कार्बोहाइड्रेट का निर्माण करते हैं।
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