1. न्यूटन के गति का पहला नियम जाना जाता है?
(a) गुरुत्वाकर्षण
(c) संवेग के संरक्षण का नियम
(b) जड़ता का नियम
(d) ऊर्ध्वाधर गति
[Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2019]
उत्तर – (b) जड़ता का नियम
- न्यूटन के गति के प्रथम नियम को ‘जड़त्व का नियम’ (Law of Inertia) भी कहा जाता है।
- इसके अनुसार, “प्रत्येक पिंड तब तक अपनी विरामावस्था अथवा सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था में रहता है, जब तक कोई बाह्य बल उसे अन्यथा व्यवहार करने के लिए विवश नहीं करता।”
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2. साधारण यंत्र किसी व्यक्ति की सहायता करता है-
(a) कम काम करने में।
(b) कम बल का प्रयोग करके भी उतनी ही मात्रा में काम करने में।
(c) उतनी ही कम मात्रा में काम धीरे-धीरे करने में।
(d) उतनी ही मात्रा में काम अधिक तेजी से करने में।
[I.A.S. (Pre) 1996]
उत्तर – (b) कम बल का प्रयोग करके भी उतनी ही मात्रा में काम करने में।
- साधारण यंत्र किसी व्यक्ति द्वारा कम बल प्रयोग करके भी उतनी ही मात्रा में काम करने में सहायता करते हैं।
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3. एक व्यक्ति एक संवेदनशील (Sensitive) तराजू पर खड़ा है। यदि वह गहरी सांस अंदर लेता है, तो तराजू की रीडिंग-
(a) बढ़ेगी
(b) घटेगी
(c) रीडिंग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा
(d) वह बढ़ेगी या घटेगी यह वायुमंडलीय दबाव पर निर्भर करेगा
[U.P.P.C.S. (Mains) 2013]
उत्तर – (a) बढ़ेगी
- व्यक्ति के गहरी सांस लेने (Inhale) में तराजू की रीडिंग बढ़ेगी अर्थात तराजू द्वारा व्यक्ति का वजन अधिक दर्शाया जाएगा।
- एक लीटर वायु 1.225 ग्राम वजनी होती है, अतः 1 लीटर वायु अंदर खींचने पर व्यक्ति का वजन 1.225 ग्राम बढ़ जाएगा।
- हालांकि व्यक्ति के घनत्व में कमी दर्ज होगी।
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4. वाशिंग मशीन का कार्य सिद्धांत है-
(a) अपकेंद्रण
(c) उत्क्रम परासरण
(b) अपोहन
(d) विसरण
[I.A.S. (Pre) 1997, U.P.P.C.S.(Mains) 2004]
उत्तर – (a) अपकेंद्रण
- वह प्रतिक्रिया बल जो परिमाण में अभिकेंद्रीय बल के बराबर होता है परंतु जिसकी दिशा अभिकेंद्रीय बल के विपरीत (अर्थात केंद्र से बाहर की ओर) होती है, अपकेंद्रीय बल (Centrifugal force) कहलाता है।
- कपड़ा साफ करने की मशीन, दूध से मक्खन निकालने की मशीन आदि अपकेंद्रीय बल के सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
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5. निम्नलिखित में कौन-सी राशि सदिश (Vector) नहीं है?
(a) विस्थापन
(b) वेग
(c) बल
(d) आयतन
[45th B.P.S.C. (Pre) 2001-02]
उत्तर – (d) आयतन
- वे राशियां जिनको व्यक्त करने के लिए दिशा एवं परिमाण दोनों की आवश्यकता होती है, सदिश राशियां कहलाती हैं।
- जिन राशियों को व्यक्त करने के लिए केवल परिमाण की आवश्यकता होती है दिशा की नहीं, उन्हें अदिश राशियां कहते हैं।
- अतः बल, वेग, विस्थापन, त्वरण, संवेग, आवेग आदि सदिश राशियां हैं, जबकि आयतन अदिश राशि है।
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6. पदार्थ के संवेग (Momentum) और वेग के अनुपात में कौन-सी भौतिक राशि प्राप्त की जाती है?
(a) वेग
(b) त्वरण
(c) द्रव्यमान
(d) बल
[45th B.P.S.C. (Pre) 2001]
उत्तर – (c) द्रव्यमान
- किसी वस्तु के द्रव्यमान तथा वेग के गुणनफल को वस्तु का संवेग कहते हैं।
- संवेग = द्रव्यमान × वेग
- इसलिए द्रव्यमान = संवेग वेग
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7. बल गुणनफल है-
(a) द्रव्यमान और वेग का
(b) द्रव्यमान और त्वरण का
(c) भार और वेग का
(d) भार और त्वरण का
[45th B.P.S.C. (Pre) 2001]
उत्तर – (b) द्रव्यमान और त्वरण का
- बल वह धक्का या खिंचाव है, जो एक वस्तु द्वारा दूसरी वस्तु पर आरोपित किया जाता है।
- बल = द्रव्यमान × त्वरण
- F = ma
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8. यदि किसी घन के आयतन और पृष्ठ क्षेत्रफल को निरूपित करने वाली संख्याएं समान हों, तो उस घन के किनारे की लंबाई माप की इकाई में होगी
(a) 3
(b) 4
(c) 5
(d) 6
[I.A.S. (Pre) 1997]
उत्तर – (d) 6
- घन का आयतन = 1 (जहां । घन की एक भुजा है)
- घन का पृष्ठ क्षेत्र. = 612
- प्रश्नानुसार, दोनों आपस में समान हैं।
- इसलिए I3 = 612
- अतः 1-6
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9. ऊर्जा संरक्षण का आशय है कि
(a) ऊर्जा का सृजन और विनाश होता है।
(b) ऊर्जा का सृजन हो सकता है।
(c) ऊर्जा का सृजन नहीं हो सकता परंतु विनाश हो सकता है।
(d) ऊर्जा का न तो सृजन हो सकता है और न ही विनाश।
[M.P. P.C.S. (Pre) 2000]
उत्तर – (d) ऊर्जा का न तो सृजन हो सकता है और न ही विनाश।
- ऊर्जा संरक्षण के मूल सिद्धांत के अनुसार, ऊर्जा का न तो सृजन हो सकता है और न ही ऊर्जा का विनाश हो सकता है।
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10. हवाओं की ऊर्जा होती है-
(a) केवल स्थितिज
(b) केवल गतिज
(c) वैद्युत
(d) स्थितिज और गतिज दोनों
[Uttarakhand Lower Sub. (Pre) 2010]
उत्तर – (b) केवल गतिज
- ‘बहती हुई हवा’ (Wind) में केवल गतिज ऊर्जा होती है।
- हवाओं की गतिज ऊर्जा को ऊर्जा के अन्य रूपों जैसे विद्युत या यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है।
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11. वायु शक्ति (विंड पॉवर) में ऊर्जा का कौन-सा रूप विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होता है?
(a) गतिज ऊर्जा
(c) सौर ऊर्जा
(b) स्थितिज ऊर्जा
(d) विकिरण ऊर्जा
[U.P.P.C.S. (Pre) 2016]
उत्तर – (a) गतिज ऊर्जा
- बहती वायु से उत्पन्न की गई ऊर्जा को पवन ऊर्जा कहते हैं।
- पवन ऊर्जा के उत्पादन के लिए हवादार जगहों पर पवन चक्कियों को लगाया जाता है, जिनके द्वारा वायु की गतिज ऊर्जा यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
- इस यांत्रिक ऊर्जा को जनित्र की मदद से विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है।
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12. एक ट्रेन जैसे ही चलना आरंभ करती है, उसमें बैठे हुए यात्री का सिर पीछे की ओर झुक जाता है। इसका कारण है-
(a) स्थिरता का जड़त्व
(b) गति का जड़त्व
(c) जड़त्व आघूर्ण
(d) द्रव्यमान का संरक्षण
[U.P. U.D.A/L.D.A. (Pre) 2010]
उत्तर – (a) स्थिरता का जड़त्व
- यात्री ट्रेन के एकाएक चल देने से पीछे की ओर गिर जाते हैं।
- इसका कारण यह है कि यात्री के शरीर का निचला हिस्सा जो गाड़ी के संपर्क में है, यह हिस्सा गाड़ी के साथ-साथ चलने लगता है परंतु ऊपरी हिस्सा स्थिरता के जड़त्व के कारण विरामावस्था में ही बने रहने का प्रयत्न करता है।
- फलतः यात्री के शरीर का ऊपरी हिस्सा पीछे की ओर झुक जाता है।
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13. कथन (A): एक पूर्णतः घर्षणहीन पृष्ठ (Completely Friction- less Surface) पर खड़ा एक व्यक्ति सीटी बजाने से अपने को गति में ला सकता है।
कारण (R): यदि किसी तंत्र पर कोई बाह्य बल क्रियाशील नहीं है, तो इसका संवेग H परिवर्तित नहीं हो सकता।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं, और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं, और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
(c) (A) सही है, परंतु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, परंतु (R) सही है।
[I.A.S. (Pre) 2000]
उत्तर – (b) (A) और (R) दोनों सही हैं, और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
- घर्षणहीन पृष्ठ पर कोई भी व्यक्ति गति नहीं कर सकता, क्योंकि किसी भी प्रकार की गति के लिए घर्षण आवश्यक है।
- हालांकि पूर्णतः घर्षणरहित सतह पर कोई व्यक्ति सीटी बजाकर अपने को गति में ला सकता है।
- सीटी बजाने के लिए व्यक्ति एक दिशा में हवा छोड़ेगा, जिसके परिणामस्वरूप विपरीत दिशा में वह गति करने लगेगा।
- कारण (R) में संवेग संरक्षण के सिद्धांत का उल्लेख है, जो कि पूर्णतः सत्य है।
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14. सड़क पर चलने की अपेक्षा बर्फ पर चलना कठिन है, क्योंकि-
(a) बर्फ सड़क से सख्त होती है।
(b) सड़क बर्फ से सख्त होती है।
(c) जब हम अपने पैर से धक्का देते हैं, तो बर्फ कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करती।
(d) बर्फ में सड़क की अपेक्षा घर्षण कम होता है।
[U.P. P.C.S. (Pre) 1994]
उत्तर – (d) बर्फ में सड़क की अपेक्षा घर्षण कम होता है।
- सड़क पर चलने में हमें आसानी इसलिए होती है, क्योंकि पृथ्वी पर उसकी सतह खुरदरी होने के कारण घर्षण बल उत्पन्न होता है।
- उसकी सतह खुरदरी होने के कारण ही हम उस पर पैर टिका कर पृथ्वी को पीछे ढकेलते हैं और न्यूटन के तृतीय नियम के अनुसार हम आगे बढ़ जाते हैं।
- इसके विपरीत बर्फ में सड़क की अपेक्षा घर्षण कम होने के कारण उस पर चलना सड़क पर चलने की तुलना में कठिन होता है।
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15. निम्न कथन पर तथा उससे निकाले गए निष्कर्ष पर विचार करिए तथा बताइए कि कौन-सा निष्कर्ष सही है?
कथन : भरी हुई गाड़ी (cart) को चलाने में, उसे चलायमान रखने के लिए आवश्यक ताकत से अपेक्षाकृत अधिक ताकत से धक्का देना पड़ता है।
निष्कर्ष :
(a) किसी चलायमान वस्तु का भार कम होता है।
(b) प्रारंभ में पहिए फिसलने लगते हैं।
(c) एक बार गाड़ी चल पड़ने के बाद घर्षण कम होता है।
(d) अभ्यास से निपुणता प्राप्त होती है।
[U.P.P.C.S. (Mains) 2013]
उत्तर – (c) एक बार गाड़ी चल पड़ने के बाद घर्षण कम होता है।
- भरी हुई गाड़ी को चलाने में उसे चलायमान रखने के लिए आवश्यक बल से अपेक्षाकृत अधिक बल लगाना पड़ता है, क्योंकि एक बार गाड़ी चल देने के बाद घर्षण कम होता है।
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16. एक मनुष्य स्थिर नाव से पांच मीटर प्रति सेकंड की चाल से कूदा और नाव 0.5 मीटर प्रति सेकंड की चाल से खिसकी। बताएं कि नाव का द्रव्यमान मनुष्य के द्रव्यमान का कितना गुना है?
(a) 5.5 गुना
(c) 2.5 गुना
(b) 4.5 गुना
(d) 10 गुना
[I.A.S. (Pre) 1994]
उत्तर – (d) 10 गुना
- माना व्यक्ति का द्रव्यमान m तथा नाव का द्रव्यमान n है।
- नाव + व्यक्ति का कूदने के पूर्व संवेग = 0 व्यक्ति के कूदने के उपरांत दोनों का संवेग = m × 5-n × 0.5 ⇒ mx5-nx 0.5=0 (संवेग संरक्षण के सिद्धांत से) 5
- n x 0.5mx5 17 m -=10 0.5
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17. एक ट्रक, एक कार और एक मोटर साइकिल की गतिज ऊर्जाएं समान हैं, यदि समान अवरोधक बल लगाए जाएं और वे क्रमशः X, Y और Z दूरी पर रुकें, तो-
(a) X > Y > Z
(b) X < Y < Z
(c) X = Y = Z
(d) X ≅ 4Y ≅ 8X
[I.A.S. (Pre) 1996]
उत्तर – (c) X = Y = Z
- यदि किन्हीं वस्तुओं की गतिज ऊर्जा समान हैं और उन पर समान अवरोधक बल लगाए जाएं, तो वे समान दूरी पर ही रुकेंगी।
- अतः X, Y और Z आपस में बराबर होंगे।
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18. दो समान द्रव्यमान की वस्तुओं की गतिज ऊर्जाओं का अनुपात 4:9 है, तो उनके वेगों का अनुपात होगा –
(a) 4 : 9
(b) 2 : 3
(c) 16 : 81
(d) √2 : √3
[R.O./A.R.O. (Pre) Exam. 2017]
उत्तर – (b) 2 : 3
- प्रश्नानुसार दोनों वस्तुओं का द्रव्यमान समान है।
- अतः द्रव्यमान = m माना दूसरी वस्तु का वेग = V₂ पहली वस्तु का वेग = V, पहली वस्तु की गतिज ऊर्जा (K) =mv तथा दूसरी वस्तु की गतिज ऊर्जा (K) = mv 1 mv K2 Kmv 2
- प्रश्नानुसार
= K₁ 9
= 2 2 4 ←
= V2 A
= V 4 3
→ V 2
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19. एक व्यक्ति कार में, जो विराम में बैठा है, सड़क से कार के चार पहियों में से प्रत्येक पर प्रतिक्रिया R है, जब कार सीधी समतल सड़क पर चलेगी, तो अग्र पहियों में प्रत्येक पर प्रतिक्रिया में क्या परिवर्तन आएगा?
(a) यह R से अधिक होगा।
(b) यह R से कम होगा।
(c) यह R के बराबर होगा।
(d) यह सड़क के पदार्थ पर निर्भर करेगा।
[I.A.S. (Pre) 2008]
उत्तर – (b) यह R से कम होगा।
- किसी वस्तु में गतिक घर्षण (Dynamic Friction) अवलंब प्रतिक्रिया के समानुपाती तथा स्थैतिक घर्षण (Static Friction) से कम होता है।
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20. तेल से अंशतः भरा हुआ तेल का एक टैंकर समतल सड़क पर आगे की ओर एकसमान त्वरण से जा रहा है। तेल का मुक्त पृष्ठ ?
(a) क्षैतिज बना रहेगा।
(b) क्षैतिज से इस प्रकार आनत होगा कि पिछले सिरे पर कम गहराई होगी।
(c) क्षैतिज से इस प्रकार आनत होगा कि पिछले सिरे पर अधिक गहराई होगी।
(d) परवलयी वक्र का आकार लेगा।
[I.A.S. (Pre) 2003]
उत्तर – (c) क्षैतिज से इस प्रकार आनत होगा कि पिछले सिरे पर अधिक गहराई होगी।
- समतल सड़क पर समान त्वरण से गति करने के कारण टैंकर में उपस्थित तेल का मुक्त पृष्ठ क्षैतिज से इस प्रकार आनत होगा कि पिछले सिरे पर अधिक गहराई होगी।
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21. निम्न कथनों पर विचार कीजिए-
एक तीक्ष्ण वृत्ताकार पथ पर तीव्र गति से जाता हुआ 4 पहियों वाला वाहन
1. बाहरी पहियों पर उलटेगा
2. अंदर के पहियों पर उलटेगा
3. बाहर की तरफ फिसलेगा
4. अंदर की तरफ फिसलेगा
इसमें से कौन-से कथन सही हैं?
(a) 1 और 3
(c) 2 और 3
(b) 2 और 4
(d) 1 और 4
[I.A.S. (Pre) 2003]
उत्तर – (a) 1 और 3
- Tan = V / rg
0 = अभिलंब से झुकाव
r = वृत्ताकार पथ की त्रिज्या
V= गाड़ी का वेग
- यदि कोई गाड़ी वांछित चाल के सापेक्ष तेज चल रही है, तो वह मोड़ पर बाहर की ओर को फिसलने लगती है परंतु तब घर्षण बल भीतर की ओर लगकर अतिरिक्त अभिकेंद्रीय बल प्रदान कर देता है।
- एक तीक्ष्ण वृत्ताकार पथ पर वाहन बाहर की ओर फिसलेगा और बाहरी पहियों पर उलट जाएगा।
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22. त्वरण ज्ञात करने का सही सूत्र कौन-सा है?
(a) a = v – u ÷ t
(b) a = u + vt
(c) a = v + u ÷ t
(d) a = v + u ÷ 2
[U.P. P.C.S. (Pre) 2003]
उत्तर – (a) a = v – u ÷ t
- चूंकि v = u + at या at = v-u
v-u÷ t=a
जहां पर
v = कण का अंतिम वेग
u = कण का प्रारंभिक वेग
a = त्वरण
t = समय
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