247. स्टॉक एक्सचेंज में निम्नलिखित में से कौन सट्टेबाज नहीं है?
(a) दलाल
(b) तेजड़िया
(c) मंदड़िया
(d) स्टैग
[U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2017]
उत्तर- (a) दलाल
- भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में चार प्रकार के सट्टेबाज कार्य करते हैं, जो निम्न हैं- तेजड़िया (Bull), मंदड़िया (Bear), स्टैग (Stag) तथा लेमडक (Lameduck)|
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248. इन्साइड ट्रेडिंग संबंधित है-
(a) शेयर बाजार से
(b) घुड़दौड़ से
(c) करारोपण से
(d) अंतरराष्ट्रीय व्यापार से
[U.P.P.C.S. (Mains) 2007, 2009]
उत्तर- (a) शेयर बाजार से
- इन्साइड ट्रेडिंग (आंतरिक व्यापार) शेयर बाजार से संबंधित है।
- इसके अंतर्गत कंपनी के कर्मचारी या कोई संबंधित व्यक्ति कंपनी की आंतरिक सूचनाओं का उपयोग कर शेयर ट्रेडिंग में अनुचित लाभ प्राप्त करते हैं।
- यह अवैध कार्य माना जाता है।
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249. पूंजी-बाजार से आशय है-
(a) शेयर बाजार से
(b) वस्तु बाजार से
(c) मुद्रा बाजार से
(d) ऊपर सभी से
[U.P.P.C.S. (Pre) 2008]
उत्तर- (a) शेयर बाजार से
- पूंजी बाजार वित्तीय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण अंग है।
- यह दीर्घकालीन फंड का बाजार है जिसमें इक्विटी (या अंशपत्रों) तथा ऋण (Debt) के माध्यम से पूंजी की उगाही सम्मिलित है।
- यह देश के भीतर तथा बाहर दीर्घकालीन फंड प्राप्त करने का बाजार है।
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250. भारत में संगठित मुद्रा बाजार का अत्यधिक अस्थिर भाग है-
(a) सरकारी प्रतिभूति बाजार
(b) व्यापारिक बिल बाजार
(c) याचना मुद्रा बाजार
(d) जमा प्रमाण-पत्र बाजार
[R.A.S./R.T.S. (Pre) 2018]
उत्तर-(c) याचना मुद्रा बाजार
- भारत में प्रमुख संगठित वित्तीय (Financial) बाजार हैं- मुद्रा बाजार एवं पूंजी बाजार (Capital market)।
- मुद्रा बाजार जहां शॉर्ट टर्म सिक्योरिटीज (प्रतिभूतियों) का बाजार है, वहीं पूंजी बाजार दीर्घावधि प्रतिभूतियों का बाजार है।
- अतः स्पष्ट है कि अल्पावधिक होने के कारण मुद्रा बाजार में अस्थिरता की संभावना प्रबल होती है।
- मांग मुद्रा या कॉल मनी (call money) ऐसे वित्त को कहते हैं, जो लघु अवधि का होता है और जिसे मांगे जाने पर चुकता करना होता है।
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251. विश्वसनीय प्रतिभूतियों से तात्पर्य है-
(a) ऐसे शेयर जिनकी सरकार ने गारंटी दी हो।
(b) ऐसे शेयर जो स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हों।
(c) ऐसे शेयर जिन पर लगातार ऊंची दर का लाभ हो।
(d) उक्त में से कोई नहीं।
[U.P.P.C.S. (Mains) 2008]
उत्तर-(c) ऐसे शेयर जिन पर लगातार ऊंची दर का लाभ हो।
- विश्वसनीय प्रतिभूतियों से तात्पर्य ऐसे कंपनियों के शेयर से हैं जिनकी विस्तृत उत्पाद श्रृंखला हो, जिनका उच्च प्रबंधन हो तथा जिनसे हमेशा ऊंची आय और लाभांश प्राप्त होता रहे।
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252. ‘गिल्ट-एज्ड’ बाजार किससे संबंधित है?
(a) सर्राफा बाजार
(b) सरकारी प्रतिभूतियों का बाजार
(c) बंदूकों का बाजार
(d) शुद्ध धातुओं का बाजार
[I.A.S. (Pre) 2000, U.P.P.C.S. (Pre) 2002, 2008, U.P. Lower Sub. (Pre) 2002, U.P.P.C.S. (Mains) 2004]
उत्तर-(b) सरकारी प्रतिभूतियों का बाजार
- ‘गिल्ट एज्ड’ बाजार में रिजर्व बैंक के माध्यम से सरकारी और अर्द्ध- सरकारी प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय किया जाता है।
- ‘गिल्ट एज्ड’ का अर्थ सर्वोत्तम या उत्कृष्ट होता है।
- इसे उत्कृष्ट इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इन सरकारी और अर्द्ध-सरकारी प्रतिभूतियों का मूल्य स्थिर रहता है, अन्य प्रतिभूतियों के समान इनमें अस्थिरता नहीं होती है।
- यही कारण है कि बैंक और अन्य संस्थाएं इन प्रतिभूतियों के लिए विशेष आकर्षण रखती हैं।
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253. निम्नलिखित में से कौन-सा एक शेयर बाजार के संदर्भ में अप्रासंगिक है?
(a) सेंसेक्स
(b) बी.एस.ई.
(c) निफ्टी
(d) सेप्स
[M.P.P.C.S. (Pre) 2016, U.P.P.C.S. (Pre) 2005]
उत्तर- (d) सेप्स
- सेंसेक्स, बी.एस.ई. तथा निफ्टी शेयर बाजार से संबंधित हैं, जबकि सेप्स (SAPs- Structural Adjustment Programmes) देश के वित्तीय असंतुलन को ठीक करने हेतु कार्यक्रम था।
- भारत सरकार ने सेप्स को नई आर्थिक नीति के साथ वर्ष 1991 में प्रांरभ किया था।
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254. किसी कंपनी के डिबेंचर धारक उसके-
(a) शेयर धारक होते हैं
(b) लेनदार होते हैं
(c) देनदार होते हैं
(d) निदेशक होते हैं
[I.A.S. (Pre) 2003]
उत्तर-(b) लेनदार होते हैं
- डिबेंचर का अर्थ ऋण पत्रों से होता है।
- संयुक्त पूंजी कंपनियां ऋण प्राप्त करने हेतु अपने डिबेंचर जारी करती हैं।
- जो संस्था इन्हें जारी करती है, वह इन डिबेंचर्स पर धारक को एक निश्चित दर से ब्याज देती है।
- पब्लिक लिमिटेड कंपनी द्वारा डिबेंचर जारी करना, कंपनी अधिनियम, 1956 तथा 11 जून, 1992 को SEBI द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अधीन है।
- डिबेंचर की मूल राशि उसकी पूर्णता अवधि पर सौंप दी जाती है।
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255. स्वामित्व के आधार पर निम्नलिखित में से कौन एक अन्य से भिन्न है?
(a) जीवन बीमा निगम की पॉलिसी
(b) बैंक का सावधि जमा
(c) किसान विकास-पत्र
(d) कंपनी का ऋण-पत्र
[U.P.P.C.S. (Pre) 2011]
उत्तर-(d) कंपनी का ऋण-पत्र
- कंपनी के ऋण-पत्र का स्वामित्व कंपनी की सहमति से पृष्ठांकन द्वारा हस्तांतरणीय है अर्थात ऋण-पत्र का स्वामित्व बदलता रह सकता है। शेष का स्वामित्व बदलता नहीं है।
- जिस व्यक्ति के नाम पर जीवन बीमा पॉलिसी, बैंक सावधि जमा या किसान विकास-पत्र निर्गत किया जाता है अंत तक उसी का स्वामित्व उस पर रहता है।
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256. प्रथम भूमि विकास बैंक की स्थापना 1920 में हुई थी, यह अवस्थित था-
(a) मेरठ में
(b) झांग में
(c) मुंगेर में
(d) ठाणे में
[U.P. P.C.S (Mains) 2016]
उत्तर-(b) झांग में
- भूमि विकास बैंक किसानों को कृषि में स्थायी सुधार हेतु दीर्घकालिक ऋण प्रदान करता है।
- भारत में प्रथम भूमि विकास बैंक की स्थापना वर्ष 1920 में झांग (पंजाब) में हुई थी।
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257. भूमि विकास बैंक किसानों को ऋण उपलब्ध कराता है-
(a) कम अवधि के लिए
(b) मध्यम अवधि के लिए
(c) लंबी अवधि के लिए
(d) केवल भूमि सुधार के लिए
[R.A.S./R.T.S. (Pre) 1999]
उत्तर-(c) लंबी अवधि के लिए
- भूमि विकास बैंक किसानों को कृषि में स्थायी सुधार हेतु ऋण प्रदान करता है तथा इस हेतु भूमि विकास बैंक द्वारा प्रदान किया जाने वाला ऋण दीर्घावधिक प्रकृति (Long term) का होता है।
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258. भूमि विकास बैंक भाग है-
(a) व्यापारिक बैंकों का
(b) आई.डी.बी.आई. का
(c) एफ.सी.आई. का
(d) सहकारी साख संरचना का
[U.P.P.C.S. (Mains) 2008]
उत्तर-(d) सहकारी साख संरचना का
- भूमि विकास बैंक सहकारी साख संरचना का एक भाग है।
- सहकारी साख संरचना के अंतर्गत राज्य सहकारी बैंक, सहकारी भूमि विकास बैंक तथा प्राथमिक कृषि ऋण समितियां शामिल हैं।
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259. केंद्रीय सहकारी बैंकों का कार्यक्षेत्र है-
(a) जनपद स्तर पर
(b) राज्य स्तर पर
(c) राष्ट्रीय स्तर पर
(d) ब्लॉक स्तर पर
[U.P.P.C.S. (Mains) 2004]
उत्तर- (a) जनपद स्तर पर
- भारत में सहकारी बैंक तीन स्तरों पर कार्य करते हैं। प्रथम स्तर पर राज्य के राज्य सहकारी बैंक होते हैं।
- द्वितीय स्तर पर केंद्रीय सहकारी बैंक होते हैं जो जनपद स्तर पर कार्य करते हैं, इसीलिए इन्हें जिला सहकारी बैंक भी कहा जाता है।
- तृतीय स्तर पर ग्रामीण ऋण समितियां या प्राथमिक ऋण समितियां होती हैं, जो ग्राम स्तर पर कार्य करती हैं।
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260. उपभोक्ता सहकारी भंडार स्थापित किए जाते हैं-
(a) सदस्यों द्वारा
(b) सहकारी समितियों के निबंधक द्वारा
(c) केंद्र सरकार द्वारा
(d) राज्य सरकार द्वारा
[U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2016]
उत्तर- (a) सदस्यों द्वारा
- उपभोक्ता सहकारी भंडार सदस्यों द्वारा स्थापित किए जाते हैं, जबकि इनका पंजीकरण सहकारी समितियों के निबंधक के द्वारा होता है।
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261. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रत्यक्ष वित्त का स्रोत नहीं है?
(a) नाबार्ड
(b) क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
(c) भारतीय स्टेट बैंक
(d) इलाहाबाद बैंक
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
[Bihar P.C.S. (Pre.), 2019]
उत्तर-(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/ उपर्युक्त में से एक से अधिक
- विकल्पगत सभी संस्थाएं प्रत्यक्ष वित्त के स्रोत हैं।
- हालांकि नाबार्ड द्वारा नागरिकों को कोई प्रत्यक्ष वित्त नहीं उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन फूड पार्क, सहकारी बैंकों आदि को प्रत्यक्ष वित्त उपलब्ध कराया जाता है।
- अन्य संस्थाएं नागरिकों से लेकर छोटे, लघु तथा बड़े उद्यमों को भी प्रत्यक्ष वित्त उपलब्ध कराती हैं।
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262. राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की स्थापना किस पंचवर्षीय योजना की अवधि में की गई थी?
(a) चौथी
(b) पांचवीं
(c) छठी
(d) आठवीं
[47th B.P.S.C. (Pre) 2005]
उत्तर- (c) छठी
- राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) की स्थापना छठीं पंचवर्षीय योजना अवधि (1980-85) में जुलाई, 1982 में की गई थी।
- इसका मुख्यालय मुंबई में है।
- यह कृषि साख के क्षेत्र में शीर्षस्थ संस्था है।
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263. भारत में कृषि के लिए पुनर्वित्त प्रदान करने वाला सर्वोच्च बैंक है-
(a) आर.बी.आई.
(b) नाबार्ड
(c) एल.डी.बी.
(d) एस.बी.आई.
[Uttrakhand P.C.S. (Pre) 2016]
उत्तर-(b) नाबार्ड
- राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) भारत में कृषि क्षेत्र को वित्त प्रदान करने वाली सर्वोच्च संस्था है।
- इसकी स्थापना 12 जुलाई, 1982 को हुई थी।
- इसका मुख्यालय मुंबई में है।
- नाबार्ड ग्रामीण ऋण ढांचे में एक शीर्षस्थ संस्था के रूप में अनेक वित्तीय संस्थाओं को पुनर्वित्त सुविधाएं प्रदान करता है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादक गतिविधियों के विस्तृत क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए ऋण देती है।
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264. किस वर्ष में नाबार्ड (कृषि एवं ग्रामीण विकास हेतु राष्ट्रीय बैंक) की स्थापना हुई?
(a) 1992
(b) 1982
(c) 1962
(d) 1952
[M.P.P.C.S. (Pre) 2006, U.P.P.C.S. (Mains) 2003]
उत्तर-(b) 1982
- नाबार्ड की स्थापना 12 जुलाई, 1982 में हुई थी।
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265. निम्न में से नाबार्ड का मुख्यालय कहां है?
(a) नई दिल्ली
(b) चेन्नई
(c) मुंबई
(d) जयपुर
[Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Mains) 2007]
उत्तर-(c) मुंबई
- नाबार्ड का मुख्यालय मुंबई में है।
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266. कृषि एवं ग्रामीण विकास क्रियाओं की सभी प्रकार की साख आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाली एकमात्र संस्था है-
(a) आर.बी.आई.
(b) नाबार्ड
(c) ए.आर.डी.सी.
(d) नेफेड
[R.A.S./R.T.S. (Pre) 1994]
उत्तर-(b) नाबार्ड
- राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (National Bank For Agriculture and Rural Development- NABARD) भारत में कृषि एवं ग्रामीण विकास क्षेत्र को वित्त प्रदान करने वाली सर्वोच्च संस्था है। इसकी स्थापना 12 जुलाई, 1982 को हुई थी।
- इसका मुख्यालय मुंबई में है।
- नाबार्ड ग्रामीण वित्त की शीर्षस्थ संस्था के रूप में अनेक वित्तीय संस्थाओं (राज्य भूमि विकास बैंक, राज्य सहकारी बैंक, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक) को पुनर्वित्त सुविधाएं प्रदान करता है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ऋण देती हैं।
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267. भारत में ‘नाबार्ड’ बैंक पुनर्वित्त उपलब्ध नहीं कराता-
(a) अनुसूचित व्यापारिक बैंकों को
(b) क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को
(c) निर्यात-आयात बैंक को
(d) राज्य भूमि विकास बैंक को
[U.P.P.C.S. (Mains) 2002]
उत्तर-(c) निर्यात-आयात बैंक को
- नाबार्ड अर्थात राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक की स्थापना वर्ष 1982 में की गई थी।
- यह अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों एवं राज्य भूमि विकास बैंकों आदि को कृषि एवं ग्रामीण विकास हेतु प्रदत्त ऋणों का पुनर्वित्तीयन करता है।
- निर्यात-आयात बैंक के पुनर्वित्तीयन से इसका कोई संबंध नहीं है।
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268. प्रथम क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना किस वर्ष में की गई?
(a) 1977
(b) 1976
(c) 1974
(d) 1975
[M.P.P.C.S. (Pre) 2006]
उत्तर-(d) 1975
- देश में सर्वप्रथम 2 अक्टूबर, 1975 को पांच क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक स्थापित किए गए।
- ये हैं- मुरादाबाद (उ.प्र.), गोरखपुर (उ.प्र.), भिवानी (हरियाणा), जयपुर (राजस्थान) और माल्दा (प. बंगाल)।
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269. निम्नलिखित में से कौन-सा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक का कार्य नहीं हैं?
(a) लघु एवं सीमांत कृषकों को साख प्रदान करना।
(b) ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य लोगों को साख प्रदान करना।
(c) अनुसूचित व्यापारिक बैंकों का पूरक होना।
(d) भारतीय कृषि पुनर्वित्त निगम के कार्यों को ले लेना।
[U.P.P.C.S. (Mains) 2005]
उत्तर-(d) भारतीय कृषि पुनर्वित्त निगम के कार्यों को ले लेना।
- भारतीय कृषि पुनर्वित्त निगम के कार्यों को ले लेना को छोड़कर शेष सभी कार्य क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक द्वारा किए जाते हैं।
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270. छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक किस बैंक के अंतर्गत कार्य करता है?
(a) सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
(b) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
(c) बैंक ऑफ इंडिया
(d) इलाहाबाद बैंक
[CHHATTISGARH P.C.S. (Pre.), 2019]
उत्तर-(b) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
- छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अंतर्गत कार्य करता है।
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271. ग्रामीण परिवारों को निम्नलिखित में से कौन सीधी ऋण सुविधा प्रदान करता है करते हैं?
1. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
2. कृषि और ग्रामीण विकास के लिए राष्ट्रीय बैंक
3. भूमि विकास बैंक
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
[I.A.S. (Pre) 2013]
उत्तर-(c) केवल 1 और 3
- ग्रामीण परिवारों को सीधे ऋण क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और भूमि विकास बैंक प्रदान करते हैं।
- नाबार्ड कृषि और ग्रामीण विकास हेतु एक शीर्ष बैंक है।
- यह सीधे ऋण नहीं प्रदान करता है।
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272. भारत में सेवा कर किसकी सिफारिशों से लागू हुआ?
(a) केलकर समिति
(b) राजा जे. चेलैया समिति
(c) मनमोहन सिंह समिति
(d) यशवंत सिन्हा समिति
(e) उपरोक्त में से कोई नहीं/ उपरोक्त में से एक से अधिक
[B.P.S.C. (Pre) 2016]
उत्तर-(b) राजा जे. चेलैया समिति
- कर आधार को ज्यादा विस्तृत करने के लिए राजा जे. चेलैया समिति की संस्तुति पर सेवा कर को वर्ष 1994-95 के केंद्रीय बजट से प्रारंभ किया गया।
- वर्तमान में सेवा कर का वस्तु एवं सेवा कर (GST) में विलय हो गया है।
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273. भारत सरकार द्वारा शेयर का पूंजी विनिवेश के लिए रंगराजन समिति की नियुक्ति कब की गई?
(a) 1991
(b) 1993
(c) 1999
(d) 2004
[Jharkhand P.C.S. (Pre) 2013]
उत्तर-(b) 1993
- भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक उपक्रमों के शेयरों के पूंजी विनिवेश के लिए ‘रंगराजन समिति’ गठित की गई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट अप्रैल, 1993 में सौंपी।
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274. रंगराजन समिति का गठन किसलिए किया गया था ?
(a) विनिवेश
(b) बैंकिंग सुधार
(c) कर सुधार
(d) विदेश व्यापार
[M. P. P. C. S. (Pre) 2014]
उत्तर- (a) विनिवेश
- भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक उपक्रमों के शेयरों के पूंजी विनिवेश के लिए ‘रंगराजन समिति’ गठित की गई थी|
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275. वित्त क्षेत्रक सुधार पर नरसिम्हन समिति ने किन्हें कम करने का सुझाव दिया?
(a) एस.एल.आर. और सी.आर.आर.
(b) एस.एल.आर., सी.आर. आर. और अग्रता क्षेत्रीय वित्तपोषण
(c) एस.एल.आर. और पूंजीगत माल क्षेत्रीय वित्तपोषण
(d) सी.आर.आर., अग्रता क्षेत्रीय वित्तपोषण और पूंजीगत माल क्षेत्रीय वित्तपोषण
[L.A.S. (Pre) 1995]
उत्तर- (a) एस.एल.आर. और सी.आर.आर.
- वित्तीय सुधार पर गठित नरसिम्हन समिति ने नवंबर, 1991 में प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की थी कि अगले 5 वर्षों में SLR को तत्कालीन 38.5% से घटाकर 25% के स्तर पर लाया जाए तथा CRR को क्रमिक रूप में इसके तत्कालीन उच्च स्तर से नीचे लाया जाए।
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276. निम्नलिखित समितियों में से किसने वित्तीय क्षेत्र के सुधारों के बारे में विचार कर सुझाव दिए?
(a) आबिद हुसैन समिति
(b) भगवती समिति
(c) चेलैय्या समिति
(d) नरसिम्हन समिति
[I.A.S. (Pre) 2001]
उत्तर-(d) नरसिम्हन समिति
- अगस्त, 1991 में तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने वित्तीय क्षेत्र के सभी पहलुओं में सुधार हेतु एम. नरसिम्हन की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था।
- पुनः बैंकिंग सुधार के लिए द्वितीय नरसिम्हन समिति का गठन किया गया था, जिसने 23 अप्रैल, 1998 को सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।
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277. भारत में वित्तीय क्षेत्रों में सुधार समिति, 2008 के अध्यक्ष थे-
(a) विमल जालान
(b) रघुराम राजन
(c) सी. रंगराजन
(d) एम. नरसिम्हन
[Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2012]
उत्तर-(b) रघुराम राजन
- योजना आयोग द्वारा वर्ष 2008 में रघुराम राजन की अध्यक्षता में गठित वित्तीय क्षेत्र सुधार समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी।
- कमेटी को वित्तीय क्षेत्र सुधार की अगली पीढ़ी (Next Generation of Financial Sector Reform) के संबंध में सुझाव देना था।
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278. भारतीय रिजर्व बैंक ने सूक्ष्म वित्त के अध्ययन तथा उस पर सुझावों हेतु एक समिति का गठन किया था। इसके अध्यक्ष थे-
(a) वाई.एच. मालेगाम
(b) आबिद हुसैन
(c) विमल जालान
(d) राकेश मोहन
[U.P.P.C.S. (Mains) 2010]
उत्तर- (a) वाई.एच. मालेगाम
- वर्ष 2010-11 में सूक्ष्म वित्त संस्थाओं द्वारा ऋणों की वसूली के लिए अनुचित व्यवहार अपनाने तथा इन व्यवहारों के कारण कुछ किसानों द्वारा आत्महत्याओं की रिपोर्टों को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने सूक्ष्म वित्त क्षेत्र के अध्ययन एवं उस पर सुझावों हेतु वाई.एच. मालेगाम की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था, जिसने अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कर दी हैं।
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279. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विमल जालान पैनल गठित किया गया था-
(a) अनर्जक (नॉन-परफॉर्मिंग) परिसंपत्तियों को कम करने हेतु सुझाव देने के लिए।
(b) नए बैंकों को लाइसेंस देने हेतु आवेदन-पत्रों के सूक्ष्म परीक्षण के लिए।
(c) वित्तीय समावेशन के दिशा-निर्देश बनाने के लिए।
(d) बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के लिए मोबाइल प्रयोग के अध्ययन हेतु।
[U.P.P.C.S. (Pre) 2014]
उत्तर-(b) नए बैंकों को लाइसेंस देने हेतु आवेदन-पत्रों के सूक्ष्म परीक्षण के लिए।
- भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रिजर्व बैंक के भूतपूर्व गवर्नर विमल जालान के नेतृत्व में नए बैंकों को लाइसेंस देने हेतु आवेदन-पत्रों के सूक्ष्म परीक्षण के लिए एक उच्चस्तरीय पैनल गठित किया गया था जिसने 25 फरवरी, 2014 को अपनी रिपोर्ट सौंपी।
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280. भारत के ‘विनिवेश आयोग’ का प्रथम अध्यक्ष कौन था?
(a) जी. वी. रामकृष्ण
(b) सी. रंगराजन
(c) अरुण जेटली
(d) मोंटेक सिंह अहलूवालिया
[U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004]
उत्तर- (a) जी. वी. रामकृष्ण
- विनिवेश की प्रक्रिया के तहत सरकार सार्वजनिक उपक्रमों में अपने हिस्से की पूंजी को बेचकर अपनी अंश पूंजी को कम करती है।
- वर्ष 1996 में जी. वी. रामकृष्ण की अध्यक्षता में विनिवेश आयोग का गठन किया गया था।
- अगस्त, 1999 में इस आयोग ने 58 सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के बारे में अपनी सिफारिशें दी, जिसमें यह कहा गया कि 41 मामलों में सार्वजनिक विक्रय की अपेक्षा रणनीतिक विक्रय का प्रयोग करना चाहिए।
- इसने केवल 5 सार्वजनिक उद्यमों में सार्वजनिक विक्रय की नीति की सिफारिश दी।
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281. ‘वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद्’ (Financial Stability and Development Council) के सदंर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
1. यह नीति (NITI) आयोग का एक अंग है।
2. संघ का वित्त मंत्री इसका प्रमुख होता है।
3. यह अर्थव्यवस्था के समष्टि सविवेक (मैक्रोप्रूडेंशियल) पर्यवेक्षण का अनुवीक्षण (मॉनिटरिंग) करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 3
(d) 1, 2 और 3
[I.A.S. (Pre) 2016]
उत्तर-(c) केवल 3
- भारत सरकार द्वारा वित्तीय क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने, अंतर- नियामकीय समन्वय को बढ़ाने तथा वित्तीय स्थिरता बनाए रखने की प्रणाली को सुदृढ़ बनाने एवं इसे संस्थागत रूप देने के उद्देश्य से दिसंबर, 2010 में ‘वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद’ (FSDC) की स्थापना की गई।
- केंद्रीय वित्त मंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं, जबकि वित्तीय नियामकों (RBI, SEBI, PFRDA, IRDA & FMC) के प्रमुख, वित्त सचिव, आर्थिक मामलों के सचिव, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव तथा मुख्य आर्थिक सलाहकार इसके सदस्य होते हैं।
- यह परिषद अर्थव्यवस्था के समष्टि सविवेक (Macroprudential) पर्यवेक्षण की निगरानी, अंतर नियमकीय समन्वय तथा वित्तीय क्षेत्र के विकास, वित्तीय साक्षरता, समावेशन आदि के संदर्भ में कार्य करती है।
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282. भारतीय रिजर्व बैंक ने भारत में वित्तीय समावेशन हेतु भुगतान बैंक की स्थापना का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। इन बैंकों की स्थापना की सिफारिश निम्न समिति ने की है-
(a) अरविंद मायाराम
(b) युद्धवीर रेड्डी
(c) विमल जालान
(d) नचिकेत मोर
[U.P.P.C.S. (Mains) 2014]
उत्तर-(d) नचिकेत मोर
- नचिकेत मोर समिति ने वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहित करने के लिए नए बैंकिंग ढांचे के रूप में भुगतान बैंकों की स्थापना की सिफारिश की थी।
- इस समिति का गठन सितंबर, 2013 में किया गया था; इसने अपनी रिपोर्ट 7 जनवरी, 2014 को भारतीय रिजर्व बैंक को सौंपी थी।
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283. भारत में बैंकिंग लोकपाल संस्था के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा एक कथन सही नहीं है?
(a) बैंकिंग लोकपाल की नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक करता है।
(b) बैंकिंग लोकपाल भारत में खाता रखने वाले अनिवासी भारतीयों की शिकायतें सुन सकता है।
(c) बैंकिंग लोकपाल द्वारा पारित आदेश अंतिम और संबंधित पक्षों के लिए बाध्यकारी हैं।
(d) बैंकिंग लोकपाल द्वारा दी गई सेवाएं निःशुल्क होती हैं।
[I.A.S. (Pre) 2010]
उत्तर- (c) बैंकिंग लोकपाल द्वारा पारित आदेश अंतिम और संबंधित पक्षों के लिए बाध्यकारी हैं।
- बैंकिंग लोकपाल की नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक करता है।
- बैंकिंग लोकपाल भारत में खाता रखने वाले अनिवासी भारतीयों की शिकायतें सुन सकता है।
- बैंकिंग लोकपाल द्वारा पारित आदेश अंतिम और संबंधित पक्षों के लिए बाध्यकारी नहीं होता बल्कि इसके खिलाफ अपील, अपीलीय प्राधिकरण में की जा सकती है जो कि रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के नेतृत्व में कार्य करता है।
- साथ ही बैंकिंग लोकपाल द्वारा दी गई सेवाएं निःशुल्क होती हैं।
- इस प्रकार अभीष्ट उत्तर विकल्प (c) है।
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284. भारतीय सरकारी बॉण्ड प्रतिफल निम्नलिखित में से किससे/किनसे प्रभावित होता है/होते हैं?
1. यूनाइटेड स्टेट्स फेडरल रिजर्व की कार्रवाई
2. भारतीय रिजर्व बैंक की कार्रवाई
3. मुद्रास्फीति एवं अल्पावधि ब्याज दर
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2
(c) केवल 3
(d) 1, 2 और 3
[I.A.S. (Pre) 2021]
उत्तर-(d) 1, 2 और 3
- एक बॉण्ड एक ऋण साधन है जिसमें एक निवेशक एक इकाई (आमतौर पर कॉर्पोरेट या सरकार) को पैसा उधार देता है जो एक निश्चित अवधि के लिए एक चर या निश्चित ब्याज दर पर धन उधार लेता है।
- बॉण्ड प्रतिफल (Bond Yield) एक निवेशक को उस बॉण्ड पर या किसी विशेष सरकारी प्रतिभूति पर मिलने वाला रिटर्न है।
- इस प्रतिफल को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति, विशेष रूप से ब्याज दरों की दिशा, सरकार की वित्तीय स्थिति और उसके उधार कार्यक्रम, वैश्विक बाजार (जो यू. एस. फेडरल रिजर्व की कार्रवाई से प्रभावित होते हैं), अर्थव्यवस्था और मुद्रास्फीति शामिल हैं।
- इसलिए, दिए गए सभी कथन सही हैं।
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285. सरकार की ‘संप्रभु स्वर्ण बॉण्ड योजना’ (Sovereign Gold Bond Scheme) एवं ‘स्वर्ण मुद्रीकरण योजना’ (Gold Monetization Scheme) का/के उद्देश्य क्या है/हैं?
1. भारतीय गृहस्थों के पास निष्क्रिय पड़े स्वर्ण को अर्थव्यवस्था में लाना
2. स्वर्ण एवं आभूषण के क्षेत्र में एफ.डी.आई. (FDI) को प्रोत्साहित करना
3. स्वर्ण-आयात पर भारत की निर्भरता में कमी लाना
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
[I.A.S. (Pre) 2016]
उत्तर-(c) केवल 1 और 3
- तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वर्ष 2015-16 के बजट भाषण में पूर्व में चल रही ‘स्वर्ण जमा योजना’ तथा ‘स्वर्ण धातु ऋण योजना’ के स्थान पर ‘स्वर्ण मुद्रीकरण योजना’ (Gold Monetization Scheme) तथा ‘संप्रभु स्वर्ण बॉण्ड योजना’ (Sovereign Gold Bond Scheme) को प्रारंभ करने का प्रस्ताव किया था।
- स्वर्ण मुद्रीकरण योजना भंडारित स्वर्ण को गतिशील बनाने (मुद्रा में रूपांतरित) की योजना है, जबकि संप्रभु स्वर्ण बॉण्ड योजना नकद भुगतान द्वारा स्वर्ण मूल्य के बराबर वाले स्वर्ण बॉण्डों की खरीद से संबंधित है।
- इन योजनाओं का समग्र उद्देश्य भारत के घरेलू तथा संस्थाओं में रखे स्वर्ण को गतिशील कर उन्हें उत्पादक गतिविधियों में लगाना तथा दीर्घकाल में देश की स्वर्ण आयात पर निर्भरता को कम करना है।
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286. निम्नलिखित में से कौन स्वयं सहायता समूह (एस.एच.जी.) – बैंक लिंकेज कार्यक्रम को कार्यान्वित नहीं करता है?
(a) नाबार्ड
(b) व्यापारिक बैंक
(c) आर.आर.बी.
(d) सहकारिता बैंक
[U. P. P. C. S. (Pre) (Re-Exam)2015]
उत्तर- (a) नाबार्ड
- स्वयं सहायता समूह-बैंक लिंकेज कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 1992 में नाबार्ड द्वारा लघु वित्त प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी।
- यह कार्यक्रम व्यापारिक बैंक, आर.आर.बी. तथा सहकारिता बैंक द्वारा कार्यान्वित किया जाता है।
- नाबार्ड इस कार्यक्रम को कार्यान्वित नहीं करता है।
- यह एक नियामक संस्था है।
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287. निम्नलिखित में से कौन-सा किसान क्रेडिट कार्ड की स्कीम से आच्छादित है?
(a) उपभोग साख एवं निवेश साख
(b) केवल उपभोग साख
(c) केवल निवेश साख
(d) उपरोक्त में कोई नहीं
[U.P. U.D.A./L.D.A. (Mains) 2010]
उत्तर- (a) उपभोग साख एवं निवेश साख
- किसान क्रेडिट कार्ड योजना की घोषणा वर्ष 1998-99 के बजट में की गई थी, जबकि इसकी शुरुआत अगस्त, 1998 में की गई।
- यह किसानों को व्यापारिक बैंकों, सहकारी बैंकों तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से ऋण लेने में सुविधा देता है।
- इस योजना के तहत किसानों को निवेश साख के साथ-साथ उपभोग साख भी प्रदान किया जाता है।
- मार्च, 2012 में हुए संशोधन के तहत इच्छुक के.सी.सी. धारकों को ए.टी.एम. डेबिट कार्ड निर्गत किए गए हैं।
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288. किसानों हेतु किसान क्रेडिट कार्ड (के.सी.सी.) योजना लागू की गई-
(a) वर्ष 1998-1999 में
(b) वर्ष 1999-2000 में
(c) वर्ष 2000-2001 में
(d) वर्ष 2001-2002 में
[U.P. P.C.S. (Mains) 2014]
उत्तर- (a) वर्ष 1998-1999 में
- किसान क्रेडिट कार्ड योजना की घोषणा वर्ष 1998-99 के बजट में की गई थी|
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289. भारत में शुरू की गई ‘स्वाभिमान योजना’ किससे संबंधित है?
(a) ग्रामीण महिला अधिकारों से
(b) ग्रामीण वृद्धजनों की देखभाल से
(c) ग्रामीण बैंकिंग से
(d) ग्रामीण खाद्य सुरक्षा से
[U.P.P.C.S. (Pre) 2012]
उत्तर-(c) ग्रामीण बैंकिंग से
- वित्तीय समावेशन हेतु 10 फरवरी, 2011 से प्रारंभ ‘स्वाभिमान’ कार्यक्रम का उद्देश्य बैंक शाखा रहित ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराना है।
- इसके माध्यम से ग्रामीण निर्धनों के घरों तक बैंकिंग सुविधाओं को पहुंचाने का प्रावधान किया गया।
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290. शाखारहित क्षेत्रों में व्यावसायिक संवाददाताओं (बैंक साथी) की सेवाओं द्वारा लाभार्थियों को कौन-सी सुविधा/सुविधाएं प्राप्त होती है/हैं?
1. यह लाभार्थियों को अपने गांव में अपने साहाय्य और सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त करने योग्य बनाती है।
2. यह ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों को धनराशि जमा करने व आहरण करने योग्य बनाती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों
(d) न तो 1 और न ही 2
[I.A.S. (Pre) 2014]
उत्तर- (c) 1 और 2 दोनों
- केंद्र सरकार द्वारा फरवरी, 2011 में ‘स्वाभिमान’ नामक वित्तीय सुरक्षा योजना का आरंभ किया गया था, जिसका उद्देश्य 2000 से ऊपर आबादी वाले बैंकविहीन गांवों को बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करना था।
- इस योजना के अंतर्गत बैंकों द्वारा व्यावसायिक संवाददाताओं या बैंक साथी (Business Correspondents) का चयन किया जाता है जो ग्रामीणों और बैंकों के बीच मध्यस्थता का कार्य करते हैं।
- बैंक जमा, आहरण, विप्रेषण (Remittances) जैसी बुनियादी सेवाएं बैंक साथी के द्वारा प्रदान की जाती हैं।
- साथ ही, इस योजना द्वारा सरकारी साहाय्यों (Subsidies) और सामाजिक सुरक्षा लाभों को लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित किया जा सकता है।
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291. ‘इंडिया मिलेनियम डिपॉजिट्स’ योजना के विषय में निम्न कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह योजना स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा प्रारंभ की गई थी।
2. यह योजना केवल निवासी भारतीयों के लिए थी।
3. इसकी परिपक्वता अवधि केवल छः वर्ष थी।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है / हैं?
(a) केवल 1 तथा 2
(b) केवल 1 तथा 3
(c) केवल 1, 2 तथा 3
(d) केवल 1
[U.P.P.C.S. (Mains) 2005]
उत्तर-(d) केवल 1
- अनिवासी भारतीयों तथा विदेशी निगमित निकायों (OCBs : इनमें अनिवासी भारतीयों की न्यूनतम 60 प्रतिशत हिस्सेदारी होती है) से विदेशी मुद्रा जुटाने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक ने इंडिया मिलेनियम डिपॉजिट्स योजना के नाम से एक नई जमा योजना 21 अक्टूबर, 2000 को प्रारंभ की थी, जो पंद्रह दिनों तक जारी रही।
- इसके तहत पांच वर्ष के लिए डॉलर, पाउंड, स्टर्लिंग तथा यूरो में जमाएं स्वीकार की गईं।
- इस योजना के तहत 5.5 बिलियन डॉलर की विदेशी मुद्रा जमाएं प्राप्त हुई थीं।
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292. भारत में कौन क्रेडिट रेटिंग एजेंसी है?
(a) क्रिसिल
(b) केयर
(c) इक्रा
(d) उपरोक्त सभी
[U.P.P.C.S. (Mains) 2008]
उत्तर-(d) उपरोक्त सभी
- क्रिसिल, केयर तथा इक्रा तीनों ही भारत में क्रेडिट रेटिंग एजेंसी के रूप में कार्यरत हैं।
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293. निम्नलिखित में से किस/किन परिस्थिति/परिस्थितियों में ‘पूंजीगत लाभ’ हो सकता है?
1. जब किसी उत्पाद के विक्रय में वृद्धि हो
2. जब किसी संपत्ति के मूल्य में प्राकृतिक वृद्धि हो
3. जब आप कोई रंगचित्र खरीदें और उसकी लोकप्रियता बढ़ने के कारण उसके मूल्य में वृद्धि हो
निम्नलिखित कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनिए :
(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 2
(d) 1, 2 और 3
[I.A.S. (Pre) 2012]
उत्तर-(b) केवल 2 और 3
- पूंजीगत लाभ से तात्पर्य किसी वस्तु या संपत्ति के मूल्य में प्राकृतिक रूप से वृद्धि होने या उसकी लोकप्रियता बढ़ने के कारण उसके मूल्य में होने वाली वृद्धि से है।
- किसी उत्पाद के विक्रय में वृद्धि होने से इसका कोई संबंध नहीं है।
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294. निम्नलिखित में से कौन भारतीय मुद्रा व्यापार का अंग नहीं है?
(a) आई.डी.बी.आई.
(b) आई.सी.आई.सी.आई.
(c) मुद्रा व्यापार सहयोग निधि
(d) भारतीय रिजर्व बैंक
[U.P.P.C.S. (Pre) 1999]
उत्तर-(d) भारतीय रिजर्व बैंक
- आई.डी.बी.आई., आई.सी.आई.सी.आई. तथा मुद्रा व्यापार सहयोग निधि, मुद्रा व्यापार के अंग हैं, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक, मुद्रा बाजार का अंग नहीं है।
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295. S & P 500 किससे संबंधित है?
(a) सुपर कंप्यूटर
(b) ई-व्यापार में नई तकनीक
(c) पुल निर्माण में नई तकनीक
(d) बड़ी कंपनियों के स्टॉक सूचक
[I.A.S. (Pre) 2008]
उत्तर-(d) बड़ी कंपनियों के स्टॉक सूचक
- S & P 500 स्टॉक बाजार का सूचकांक है, जिसमें अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध 500 वृहद कंपनियां शामिल होती हैं।
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296. निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा एक सही सुमेलित नहीं है?
(a) जापान निक्की
(b) सिंगापुर श्कॉम्प
(c) यू.के. एफ.टी.एस.ई.
(d) यू.एस.ए. नास्डाक
[I.A.S. (Pre) 2009]
उत्तर-(b) सिंगापुर – श्कॉम्प
- उपर्युक्त सभी स्टॉक मार्केट सूचकांक तथा उनसे संबंधित देश हैं, जिसमें सिंगापुर सही सुमेलित नहीं है।
- सिंगापुर का सूचकांक STI (Straits Times Index) है।
- श्कॉम्प (SHCOMP- Shanghai Stock Exchange Composite Index) – शंघाई स्टाक एक्सचेंज का मूल्य सूचकांक है।
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297. बाजार के अस्तित्व के लिए सबसे अनिवार्य क्या है?
(a) बैंक
(b) आर्थिक विधान
(c) कीमतें
(d) श्रमिक संघ
[M.P.P.C.S. (Pre) 1997]
उत्तर- (c) कीमतें
- बाजार वह स्थान है, जहां वस्तुओं एवं सेवाओं का क्रय-विक्रय होता है।
- वस्तुओं एवं सेवाओं का क्रय-विक्रय उनकी उत्पादन लागत के आधार पर किया जाता है, जिसे वस्तु अथवा सेवा की कीमत कहते हैं।
- अतः बाजार के अस्तित्व के लिए कीमत आधारभूत तत्व होता है।
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298. भारत में निम्नलिखित में से कौन-सा, वायदा बाजार आयोग द्वारा विनियमित होता है?
(a) मुद्रा फ्यूचर्स व्यापार
(b) जिंस फ्यूचर्स व्यापार
(c) इक्विटी फ्यूचर्स व्यापार
(d) जिंस फ्यूचर्स व्यापार तथा वित्तीय फ्यूचर्स व्यापार दोनों
[I.A.S. (Pre) 2010*]
उत्तर-(b) जिंस फ्यूचर्स व्यापार
- भारत में वायदा बाजार आयोग (FMC) की स्थापना वर्ष 1953 में की गई थी।
- यह जिंसों के वायदा व्यापार का विनियमन करता था।
- 28 सितंबर, 2015 को वायदा बाजार आयोग का सेबी में विलय (Merge) कर दिया गया।
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299. कथन (A): सभी व्यापारी मूल्य बढ़ोत्तरी से लाभ कमाते हैं।
कारण (R): मूल्य बढ़ोत्तरी के कारण ग्राहक को अपनी आवश्यकताओं में कटौती करनी पड़ती है।
उपरोक्त दोनों वक्तव्यों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(c) (A) सही है, परंतु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, परंतु (R) सही है।
[U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2002]
[U.P.P.C.S (Pre) 2003]
उत्तर-(b) (A) और (R) दोनों सही हैं परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
- मूल्य में बढ़ोत्तरी से व्यापारी वर्ग को लाभ तथा उपभोक्ता वर्ग को हानि होती है।
- पुनः वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्य में वृद्धि होने से मुद्रा की क्रय शक्ति घट जाती है जिसके कारण उतनी ही मुद्रा से पूर्व की अपेक्षा कम वस्तुओं एवं सेवाओं का क्रय किया जा सकता है।
- स्पष्ट है कि ऐसी दशा में उपभोक्ताओं को अपनी आवश्यकता में कटौती करनी पड़ेगी।
- इस प्रकार कथन एवं कारण दोनों सही हैं परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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300. द्रव्य की पूर्ति यथावत रहने पर यदि द्रव्य की मांग में वृद्धि होती है, तो-
(a) कीमत स्तर में गिरावट आ जाएगी
(b) ब्याज की दर में वृद्धि हो जाएगी
(c) ब्याज की दर में कमी हो जाएगी
(d) आय और रोजगार के स्तर में वृद्धि हो जाएगी
[I.A.S. (Pre) 2013]
उत्तर-(b) ब्याज की दर में वृद्धि हो जाएगी
- द्रव्य की पूर्ति यथावत रहने पर यदि द्रव्य की मांग में वृद्धि हो जाए, तो ब्याज दर में वृद्धि हो जाएगी, क्योंकि बैंक अब ऊंची ब्याज दर पर ऋण देंगे।
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301. फिलिप्स वक्र किनके मध्य संबंध को व्यक्त करता है?
(a) मुद्रा विस्फीति एवं बेरोजगारी
(b) मुद्रास्फीति एवं बेरोजगारी
(c) मुद्रास्फीति एवं अदृश्य बेरोजगारी
(d) मुद्रा विस्फीति एवं चक्रीय बेरोजगारी
[Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2012]
उत्तर-(b) मुद्रास्फीति एवं बेरोजगारी
- वर्ष 1958 में ए. डब्ल्यू. फिलिप्स ने मुद्रास्फीति दर एवं बेरोजगारी के मध्य अल्पकालिक संबंध की व्याख्या की।
- उन्होंने अल्पकाल में ‘मुद्रास्फीति तथा बेरोजगारी की दर’ के बीच एक विलोम संबंध पाया अर्थात यह पाया कि ऊंची स्फीतिकारी दर के साथ बेरोजगारी की दर कम होगी।
- इस संबंध को प्रदर्शित करने के लिए उन्होंने जिस वक्र को प्रतिपादित किया उसे ‘फिलिप्स वक्र’ कहते हैं।
- फिलिप्स वक्र ऋणात्मक ढाल का दाहिनी ओर गिरते हुए होता है।
- यह स्फीति की दर तथा बेरोजगारी के बीच विलोम या व्युत्क्रम संबंध प्रदर्शित करता है।
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302. भारत की विदेशी मुद्रा आरक्षित निधि में निम्नलिखित में से कौन-सा एक मदसमूह सम्मिलित है?
(a) विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, विशेष आहरण अधिकार (एस.डी.आर.) तथा विदेशों से ऋण
(b) विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा धारित स्वर्ण तथा विशेष आहरण अधिकार (एस.डी.आर.)
(c) विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, विश्व बैंक से ऋण तथा विशेष आहरण अधिकार (एस.डी. आर.)
(d) विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा धारित स्वर्ण तथा विश्व बैंक से ऋण
[I.A.S. (Pre) 2013]
उत्तर- (b) विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा धारित स्वर्ण तथा विशेष आहरण अधिकार (एस.डी.आर.)
- विदेशी मुद्रा आरक्षित निधियां किसी देश की अर्थव्यवस्था की बाह्य स्थिति के विश्लेषण में एक अनिवार्य तत्व होती हैं।
- भारत की विदेशी मुद्रा आरक्षित निधियों में 4 घटकों को सम्मिलित किया जाता है- विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, स्वर्ण, विशेष आहरण अधिकार तथा I.M.F. में प्रारक्षित स्थिति।
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303. ‘स्मार्ट मनी’ शब्द का प्रयोग होता है-
(a) इंटरनेट बैंकिंग में
(b) क्रेडिट कार्ड में
(c) बैंक में बचत खाता में
(d) बैंक में चालू खाता में
[U.P. Lower Sub. (Pre) 2008]
उत्तर- (b) क्रेडिट कार्ड में
- ‘स्मार्ट मनी’ शब्द का प्रयोग क्रेडिट कार्ड के लिए किया जाता है।
- रिजर्व बैंक इस हेतु सूचना तकनीक को बढ़ावा देता है, जिससे क्रेडिट कार्ड/स्मार्ट कार्ड आदि का उपयोग करते हुए बैंक अपनी पहुंच अधिक से अधिक ग्राहकों तक बनाए।
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304. किसे ‘प्लास्टिक मनी’ कहा जाता है?
(a) कागजी मुद्रा
(b) क्रेडिट कार्ड
(c) डिस्काउंट कूपन
(d) शेयर
[Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007]
[U.P.P.C.S. (Mains) 2006]
उत्तर- (b) क्रेडिट कार्ड
- प्लास्टिक मनी (Plastic Money) नकद (Cash) का एक विकल्प है, जिसकी सहायता से वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीदारी की जाती है।
- प्लास्टिक मनी के उदाहरण हैं-क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, स्मार्ट कार्ड एवं ए.टी.एम. आदि।
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305. निम्नलिखित में कौन-से पूर्व भुगतानित भुगतान उपकरण नहीं है?
(a) दिल्ली मेट्रो का रेल कार्ड
(b) इलेक्ट्रॉनिक बटुआ
(c) राष्टीयकृत बैंक का साख पत्र
(d) एयरटेल मुद्रा
[U.P. P.C.S. (Mains) 2014]
उत्तर- (c) राष्टीयकृत बैंक का साख पत्र
- राष्ट्रीयकृत बैंकों का साख पत्र (Credit card) पूर्व भुगतानित भुगतान उपकरण नहीं है।
- क्रेडिट कार्ड या उधार कार्ड एक छोटा प्लास्टिक कार्ड है, जो एक विशिष्ट भुगतान प्रणाली के उपयोगकर्ताओं को जारी किए जाते हैं।
- इस कार्ड के द्वारा धारक इस वादे के साथ वस्तुएं और सेवाएं खरीद सकते हैं कि बाद में वे इन वस्तुओं और सेवाओं का भुगतान करेंगे।
- विकल्पों में दिए गए शेष सभी पूर्व भुगतानित भुगतान उपकरण हैं।
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306. निजी क्षेत्र के साझा कोषों को, भारत में, अनुमति मिली-
(a) 1964 में
(b) 1993 में
(c) 1994 में
(d) 2001 में
[U.P.P.C.S. (Pre) 2011]
उत्तर- (b) 1993 में
- भारत में वर्ष 1963 में संसदीय अधिनियम द्वारा भारतीय यूनिट ट्रस्ट (UTI) के गठन के साथ साझा कोषों (Mutual Funds) की स्थापना हुई थी।
- UTI द्वारा पहला साझा कोष US-64 वर्ष 1964 में प्रारंभ किया गया।
- वर्ष 1987 से UTI के अतिरिक्त सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों एवं बीमा कंपनियों द्वारा भी साझा कोष प्रारंभ किए गए।
- निजी क्षेत्र के साझा कोषों को भारत में अनुमति वर्ष 1993 में मिली तथा जुलाई, 1993 में पंजीकृत होने वाला कोठारी पायनियर (अब फ्रैंकलिन टेम्पलटन में समाहित) पहला निजी क्षेत्र का साझा कोष था।
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307. सामान्य कीमत-स्तर में बढ़ोत्तरी निम्नलिखित में से किस/किन कारण/कारणों से हो सकती है/हैं?
1. द्रव्य की पूर्ति में वृद्धि
2. उत्पादन के समग्र स्तर में गिरावट
3. प्रभावी मांग में वृद्धि
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
[I.A.S. (Pre) 2013]
उत्तर- (d) 1, 2 और 3
- उत्पादन के स्तर में गिरावट, वस्तु की प्रभावी मांग में वृद्धि तथा मुद्रा की पूर्ति में वृद्धि सामान्य कीमत स्तर में वृद्धि ला देगी।
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308. ‘राज्य भविष्य निधि’ के अंतर्गत सरकार जो मुद्रा पाती है, उसको जमा किया जाता है-
(a) आकस्मिक निधि में
(b) संयुक्त निधि में
(c) सामान्य विकास निधि में
(d) सार्वजनिक लेखा निधि में
[Jharkhand P.C.S. (Pre) 2013]
उत्तर-(d) सार्वजनिक लेखा निधि में
- भारत का संविधान केंद्र सरकार के लिए तीन प्रकार की निधियों की व्यवस्था करता है, जो इस प्रकार हैं-
(i) भारत की संचित निधि
(ii) भारत की सार्वजनिक लेखा
(iii) भारत की आकस्मिकता निधि
- राज्य भविष्य निधि के अंतर्गत सरकार जो धन पाती है, उसको सार्वजनिक लेखा निधि में जमा किया जाता है।
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309. सार्वजनिक वस्तुओं की कीमत निर्धारण हेतु ‘छाया कीमतों’ की अवधारणा को किसने प्रतिपादित किया था?
(a) जे. टिनबरगिन ने
(b) ए.के. सेन ने
(c) पी.सी. महालनोबीस ने
(d) आर. नर्क्स ने
[U.P. U.D.A./L.D.A. (Spl.) (Pre) 2010]
उत्तर- (a) जे. टिनबरगिन ने
- कल्पित कीमत छाया कीमत (Shadow Price) जिनका प्रयोग पूंजी निवेश के प्रस्तावों के मूल्यांकन के लिए किया जाता है, को जे. टिनबरगिन (J. Tinbergen) और होलिस (Hollis) ने प्रतिपादित किया था।
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310. कथन (A): सरकार के बजट में घाटे का एक बड़ा स्रोत अर्थ साहाय्य है।
कारण (R) : भारतीय कृषि में विकसित देशों की तुलना में अर्थ साहाय्यों का स्तर बहुत अधिक है।
सही उत्तर का चयन नीचे दिए गए कूट की सहायता से कीजिए –
(a) (A) तथा (R) दोनों सत्य हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।
(b) (A) तथा (R) दोनों सत्य हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(c) (A) सत्य है, परंतु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, परंतु (R) सत्य है।
[U.P.P.C.S. (Mains) 2002]
उत्तर- (c) (A) सत्य है, परंतु (R) गलत है।
- कथन (A) सत्य है, क्योंकि भारत अपने व्यय का 12% आर्थिक सहायता (Subsidy) (बजट 2022-23 में सब्सिडी कुल व्यय का 9.02% है) के रूप में प्रदान करता है जो कि बजट घाटे का एक बड़ा स्रोत है।
- इसका उद्देश्य किसानों, गरीबों तथा आम जनता को राहत प्रदान करना है।
- कारण (R) असत्य है, क्योंकि पश्चिमी देश कृषि क्षेत्र में भारत की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं।
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311. वर्ष 1995-96 में स्थापित ग्रामीण अवस्थापना विकास कोष का हिसाब रखता है-
(a) भारतीय रिजर्व बैंक
(b) भारतीय स्टेट बैंक
(c) क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
(d) राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक
[U.P.P.C.S. (Mains) 2004, 2009, U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2008]
उत्तर- (d) राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक
- वर्ष 1995-96 में स्थापित ग्रामीण अवस्थापना विकास कोष का हिसाब राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) रखता है।
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312. भारत में निम्नलिखित में से किस संस्था का महत्व सर्वाधिक कम हुआ है?
(a) निजी बैंक
(b) विकास बैंक
(c) निर्यात-आयात बैंक
(d) पेंशन फंड्स
[U.P.P.C.S. (GIC) 2010]
उत्तर- (d) निजी बैंक
- भारत में पेंशन फंड्स का महत्व क्रमशः कम होता गया है, क्योंकि Venture व्यापारी प्रायः अपने पूंजी उपलब्धकर्ता पर निर्भर होते हैं और बैंक प्रायः अपने सहयोगी संस्थाओं में निवेश करना चाहते हैं।
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