1. निम्नलिखित में से कौन-सा आर्थिक विकास का प्रमुख कारक नहीं है?
(a) पूंजी का संचय एवं तकनीक सुधार
(b) जनसंख्या में परिवर्तन
(c) विशेषीकृत क्रियाओं/गतिविधियों में श्रम विभाजन
(d) तकनीकविद एवं नौकरशाह
[U.P. P.C.S. (Pre) 2021]
उत्तर-(d) तकनीकविद एवं नौकरशाह
- ध्यातव्य है कि आर्थिक विकास के प्रमुख तत्वों में पूंजी का संचयन, तकनीकी सुधार, जनसंख्या में परिवर्तन, विशेषीकृत श्रम विभाजन, उद्यमशीलता, प्राकृतिक सम्पदा आदि का प्रत्यक्ष योगदान है, परंतु तकनीकविद एवं नौकरशाही का प्रमुख योगदान नहीं माना जाता है।
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2. भारत 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य कब तक प्राप्त कर लेने का लक्ष्य रखा है?
(a) 2022
(b) 2024
(c) 2026
(d) 2030
[U.P.P.C.S. (Pre) 2020]
उत्तर-(b) 2024
- केंद्र सरकार द्वारा भारत की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2024 तक 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर इकोनॉमी बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- ज्ञातव्य है कि आर्थिक समीक्षा 2019-20 खंड (1), पृष्ठ 231 पर लक्ष्य 2025 बताया गया है, लेकिन अन्य स्रोतों के अनुसार वर्ष 2024 ही मान्य है।
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3. नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिसमें से एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है –
कथन (A) : ‘राष्ट्रीय ढांचागत पाइपलाइन (एन.आई.पी.)’ सरकार द्वारा वर्ष 2020-30 की अवधि के लिए आरंभ किया गया है।
कारण (R) : एन.आई.पी. का उद्देश्य सभी को समान ढांचागत सुविधा प्राप्त कराना है।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
कूट :
(a) (A) तथा (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(b) (A) तथा (R) दोनों सत्य हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(c) (A) सत्य है, परंतु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, परंतु (R) सत्य है।
[U.P.P.C.S. (Pre) 2020]
उत्तर-(d) (A) सत्य है, परंतु (R) गलत है।
- राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (NIP) पर गठित कार्यदल द्वारा अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 29 अप्रैल, 2020 को जारी किया गया।
- राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन का उद्देश्य सभी नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना तथा देश में विश्वस्तरीय अवसंरचना उपलब्ध कराना है।
- कार्यदल द्वारा पेश अंतिम रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-25 तक की अवधि के दौरान देश में अवसरंचना क्षेत्र (Infrastructure Sector) में कुल निवेश 111 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
- उपर्युक्त व्याख्या के आधार पर स्पष्ट है कि कथन (A) गलत, किंतु कारण (R) सत्य है।
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4. कंपनियां प्रौद्योगिकी की मदद से कारोबारी प्रक्रिया की पुनर्रचना क्यों करती हैं?
(a) उपभोक्ताओं की मांग एवं अपेक्षाएं निरंतर बढ़ रही हैं।
(b) कम लागत पर उत्पादों और सेवाओं में प्रतिस्पर्धी बढ़त प्राप्त करने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी का लाभ उठाया जा रहा है।
(c) अर्थव्यवस्थाओं के विश्वव्यापी उदारीकरण के साथ परिवर्तन की दर तीव्र हो गई है।
(d) ये सभी।
[R.A.S./R.T.S. (Pre) 2018]
उत्तर-(d) ये सभी।
- वैश्विक अर्थव्यवस्था में विश्वव्यापी उदारीकरण के साथ परिवर्तन की दर तीव्र हो गई है, जिससे उपभोक्ताओं की मांग एवं अपेक्षाएं निरंतर बढ़ रही है।
- फलतः कंपनियां प्रौद्योगिकी की मदद से कारोबारी प्रक्रिया की पुनर्रचना कर रही हैं, जिसका लाभ उन्हें कम लागत पर उत्पादों एवं सेवाओं में प्रतिस्पर्धी बढ़त हासिल करने में मिलता है।
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5. अल्पविकसित अर्थव्यवस्था की सामान्यतया विशेषता होती है-
i. प्रति व्यक्ति निम्न आय
ii. पूंजी निर्माण की निम्न दर
iii. निम्न आश्रितता अनुपात
iv. तृतीयक क्षेत्र में अधिक कार्यबल शक्ति का होना
नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर चुनिए-
कूट :
(a) I तथा II
(b) II तथा III
(c) III तथा IV
(d) I तथा IV
[U.P. P.C.S. (mains) 2017]
उत्तर-(a) I तथा II
- ‘अल्पविकसित’ शब्द सामान्यतया उन अर्थव्यवस्थाओं के संबंध में प्रयुक्त होता है, जहां उस देश के लोगों का रहन-सहन का स्तर काफी निम्न होता है, क्योंकि वहां पर उत्पादकता का स्तर कम एवं जनसंख्या का स्तर अधिक होने से प्रति व्यक्ति आय का स्तर निम्न पाया जाता है।
अल्पविकसित अर्थव्यवस्था की निम्नलिखित विशेषताएं हैं-
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- निम्न प्रति व्यक्ति आय
- निम्न जीवन स्तर
- जनसंख्या वृद्धि की ऊंची दर
- बेरोजगारी एवं अल्प रोजगार का ऊंचा स्तर
- कृषि क्षेत्र का आधिपत्य
- पूंजी निर्माण की निम्न दर
- आय की विषमता आदि।
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6. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषताएं भारतीय अर्थव्यवस्था को विकासशील श्रेणी में दर्शाती हैं?
i. कृषि मुख्य व्यवसाय
ii. प्रच्छन्न बेरोजगारी
iii. मानव पूंजी की निम्न गुणवत्ता
iv. प्रोटीन का प्रतिव्यक्ति सेवन उच्च होना
नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर चुनिए-
कूट :
(a) केवल I तथा II
(b) I तथा IV
(c) केवल II तथा III
(d) I, II तथा III
[U.P. P.C.S. (mains) 2017]
उत्तर-(d) I, II तथा III
| भारतीय अर्थव्यवस्था को विकासशील अर्थव्यवस्था या मिश्रित अर्थ- व्यवस्था भी कहा जाता है।
भारतीय अर्थव्यवस्था के निम्न लक्षण हैं-
- कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था,
- पूंजी निर्माण की निम्न दर,
- अत्यधिक जनसंख्या एवं जनसंख्या वृद्धि,
- बेरोजगारी,
- निम्न प्रतिव्यक्ति आय,
- औद्योगिक पिछड़ापन,
- तकनीकी पिछड़ापन,
- मिश्रित अर्थव्यवस्था,
- आयात पर निर्भरता तथा
- निरक्षरता।
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7. भारतीय अर्थव्यवस्था वर्णित की जा सकती है-
(a) एक पिछड़ी एवं गतिहीन अर्थव्यवस्था
(b) एक विकासशील अर्थव्यवस्था
(c) एक अर्द्धविकसित अर्थव्यवस्था
(d) एक विकसित अर्थव्यवस्था
[U.P.P.C.S. (Mains) 2011]
उत्तर-(b) एक विकासशील अर्थव्यवस्था
- भारतीय अर्थव्यवस्था को विकासशील अर्थव्यवस्था या मिश्रित अर्थ- व्यवस्था भी कहा जाता है।
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8. मिश्रित अर्थव्यवस्था का अर्थ है-
(a) जहां कृषि और उद्योग दोनों को समान महत्व दिया जाता है।
(b) जहां राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में सार्वजनिक क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्र भी विद्यमान हो।
(c) जहां राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में भूमंडलीकरण की प्रक्रिया भारी मात्रा में स्वदेशी से प्रभावित हो।
(d) जहां आर्थिक नियोजन और विकास में केंद्र और राज्यों की समान भागीदारी हो।
[U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 1999]
उत्तर-(b) जहां राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में सार्वजनिक क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्र भी विद्यमान हो।
- ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें निजी एवं सार्वजनिक दोनों क्षेत्र विद्यमान होते हैं, मिश्रित अर्थव्यवस्था कहलाती है।
- भारतीय अर्थव्यवस्था, मिश्रित अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख उदाहरण है।
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9. भारतीय अर्थव्यवस्था है-
(a) मिश्रित अर्थव्यवस्था
(b) समाजवादी अर्थव्यवस्था
(c) पूंजीवादी अर्थव्यवस्था
(d) गांधीवादी समाजवादी अर्थव्यवस्था
[U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2016]
उत्तर- (a) मिश्रित अर्थव्यवस्था
- भारत एक मिश्रित अर्थव्यवस्था वाला देश है।
- मिश्रित अर्थव्यवस्था एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें निजी और सार्वजनक दोनों क्षेत्र का सह-अस्तित्व रहता है।
- समाजवादी अर्थव्यवस्था में आर्थिक शक्तियों का केंद्रीकरण सरकार के हाथ में होता है, अतः संसाधनों पर राज्य का स्वामित्व होता है।
- पूंजीवादी अर्थव्यवस्था में बाजार को नियंत्रित करने में सरकार की कोई खास सक्रिय भूमिका नहीं होती है तथा उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व होता है।
- गांधीवादी समाजवादी अर्थव्यवस्था उत्पादन के संसाधनों के विकेंद्रीकरण पर आधारित है।
- अतः इस आर्थिक प्रणाली में स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे सामाजिक न्याय की स्थापना की जा सके।
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10. यह सत्य होगा कि भारत को परिभाषित किया जाए-
(a) एक खाद्य की कमी वाली अर्थव्यवस्था के रूप में
(b) एक श्रम-आधिक्य वाली अर्थव्यवस्था के रूप में
(c) एक व्यापार-आधिक्य वाली अर्थव्यवस्था के रूप में
(d) एक पूंजी-आधिक्य वाली अर्थव्यवस्था के रूप में
[48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008]
उत्तर-(b) एक श्रम-आधिक्य वाली अर्थव्यवस्था के रूप में
- भारत में जनसंख्या की अधिकता के कारण ही इसे एक श्रम-आधिक्य वाली अर्थव्यवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है।
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11. निम्नलिखित में से क्या सही ढंग से समझाता है कि भारत अल्पविकसित अर्थव्यवस्था है?
1. आय का असमान वितरण।
2. उच्च निर्भरता दर।
3. राष्ट्रीय आय में वृद्धि की धीमी दर।
4. बैंक व वित्तीय क्षेत्र में परिवर्तन।
नीचे दिए गए कोड का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए।
(a) 1, 3 और 4
(b) 1, 2 और 4
(c) 1 और 4
(d) उपरोक्त सभी
(e) इनमें से कोई नहीं
[Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2017]
उत्तर-(e) इनमें से कोई नहीं
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भारतीय अर्थव्यवस्था की निम्नलिखित विशेषताएं हैं-
- प्रति व्यक्ति आय का निम्न स्तर
- प्रति व्यक्ति / राष्ट्रीय आय में धीमी वृद्धि
- जनसंख्या का भारी दबाव
- गरीबी का अस्तित्व – कृषि पर निर्भरता
- बेरोजगारी की अधिकता
- तकनीकी कौशल की कमी
- साक्षरता की निम्न दर
- रूढ़िवादी/ परंपरावादी समाज
- विकास के लिए योजना बनाना
- योजनाओं पर व्यय
- राष्ट्रीय आय की धीमी वृद्धि दर भी भारतीय अर्थव्यवस्था में देखने को मिलती थी परन्तु वर्तमान में राष्ट्रीय आय की धीमी वृद्धि दर भारतीय संदर्भ में सही नहीं है।
- उपरोक्त विशेषताओं के आधार पर कहा जा सकता है कि भारत अल्पविकसित (Underdeveloped) देश है।
- हालांकि भारत अब विकासशील देश का दर्जा प्राप्त कर चुका है।
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12. भारतीय अर्थव्यवस्था की विशेषता है-
I. कृषि की प्रधानता
II. उद्योग की प्रधानता
III. न्यून प्रति व्यक्ति आय
IV. वृहद बेरोजगारी
नीचे लिखे कूट से सही उत्तर चुनिए :
(a) I व II केवल
(b) I, II व III केवल
(c) II, III व IV केवल
(d) I, III व IV केवल
[U.P. Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2004]
उत्तर-(d) I, III व IV केवल
- उद्योग की प्रधानता, विकसित अर्थव्यवस्था का अभिलक्षण है, चूंकि भारत की अर्थव्यवस्था विकासशील है।
- अतः यह भारतीय अर्थव्यवस्था की विशेषता नहीं है, जबकि शेष तीनों लक्षण भारतीय अर्थव्यवस्था की विशेषता को बताते हैं।
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13. देश की वृद्धि में निम्न में से कौन-सा अनार्थिक तत्व है?
(a) सामाजिक व्यवहार
(b) प्राकृतिक संसाधन
(c) शक्ति संसाधन
(d) पूंजी संसाधन
[R.A.S./R.T.S. (Pre) 1996]
उत्तर- (a) सामाजिक व्यवहार
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आर्थिक विकास के निर्धारक तत्व
आर्थिक तत्व
- प्राकृतिक साधन
- श्रम शक्ति व जनसंख्या
- पूंजी निर्माण
- तकनीक तथा नवाचार
- पूंजी उत्पाद अनुपात
- संगठन
अनार्थिक तत्व
- सामाजिक घटक
- धार्मिक घटक
- राजनीतिक घटक
- अंतरराष्ट्रीय घटक
- वैज्ञानिक घटक
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14. निम्न में से कौन ‘आर्थिक सुधारों के द्वितीय प्रजनन (जेनरेशन)’ में सरकार द्वारा चिह्नित किए गए हैं, का भाग नहीं है?
(a) तेल के क्षेत्र में सुधार
(b) सार्वजनिक क्षेत्र में सुधार
(c) न्यायिक प्रणाली में सुधार
(d) शासकीय एवं सार्वजनिक संस्थाओं के सुधार
[U.P.P.C.S. (Mains) 2009]
उत्तर-(c) न्यायिक प्रणाली में सुधार
- उपर्युक्त विकल्पों में ‘न्यायिक प्रणाली में सुधार’ को छोड़कर बाकी सभी विकल्प सरकार द्वारा चिह्नित ‘Second Generation of Economic Reform’ के भाग हैं।
- अतः विकल्प (c) अभीष्ट उत्तर है।
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15. विकास का भारतीय मॉडल किसके हितों की सुरक्षा करता है?
(a) व्यक्ति
(b) राज्य
(c) व्यक्ति और राज्य दोनों
(d) उपर्युक्त में से किसी की नहीं
[U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2013]
उत्तर- (c) व्यक्ति और राज्य दोनों
- भारत में मिश्रित अर्थव्यवस्था (Mixed Economy) के स्वरूप को अपनाया गया है।
- मिश्रित अर्थव्यवस्था के तहत सार्वजनिक (Public) एवं निजी (Private) दोनों क्षेत्रों की देश के विकास कार्यक्रमों में भागीदारी होती है।
- सार्वजनिक क्षेत्र का प्रशासन जहां राज्य (State) करता है, वहीं निजी क्षेत्र का प्रशासन व्यक्ति (Person) के हाथ में होता है।
- इस प्रकार विकास का भारतीय मॉडल राज्य एवं व्यक्ति दोनों के हितों की रक्षा करता है।
- अतः विकल्प (c) सही उत्तर है।
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