1. निम्न पदार्थों में से कौन-सा पदार्थ खाने की वस्तुओं के परिरक्षण में प्रयोग होता है?
(a) साइट्रिक एसिड
(b) पोटैशियम क्लोराइड
(c) सोडियम बेंजोएट
(d) सोडियम क्लोराइड
[44th B.P.S.C. (Pre) 2000]
उत्तर – (c) सोडियम बेंजोएट
- सोडियम बेंजोएट का रासायनिक सूत्र NaC, H, O, होता है।
- इसका व्यापक रूप से खाद्य परिरक्षण में प्रयोग होता है।
- यह बेंजोइक अम्ल का सोडियम लवण होता है।
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2. खाद्य पदार्थों के परिरक्षण हेतु निम्न में से किस रसायन को प्रयुक्त किया जाता है?
(a) सोडियम क्लोराइड
(b) सोडियम बेंजोएट
(c) सोडियम टार्टरेट
(d) सोडियम एसीटेट
[U.P. U.D.A./L.D.A. (Spl) (Mains) 2010]
उत्तर – (b) सोडियम बेंजोएट
- सोडियम बेंजोएट खाद्य पदार्थों के परिरक्षण हेतु प्रयुक्त किया जाता है।
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3. फलों के रस को सुरक्षित रखने के लिए निम्नलिखित में से किसका उपयोग किया जाता है?
(a) एसीटिक एसिड
(c) सल्फ्यूरिक एसिड
(b) फार्मिक एसिड
(d) सोडियम बेंजोएट
[U.P.P.S.C. (R.I.) 2014]
उत्तर – (d) सोडियम बेंजोएट
- फलों के रस को सुरक्षित रखने के लिए सोडियम बेंजोएट का उपयोग किया जाता है।
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4. खाद्य पदार्थों के परिरक्षण हेतु निम्नांकित में से कौन-सा प्रयुक्त होता है?
(a) सोडियम कार्बोनेट
(b) एसीटिलीन
(c) बेंजोइक अम्ल
(d) सोडियम क्लोराइड
[U.P.P.C.S. (Pre) 1996, U.P.P.C.S. (Pre) 1992]
उत्तर – (c) बेंजोइक अम्ल
- बेंजोइक अम्ल ऐरोमैटिक कार्बोक्सिलिक अम्ल है।
- यह हल्के, रंगहीन, चमकदार, क्रिस्टलीय चूर्ण के रूप में प्राप्य है।
- इसका सूत्र CH, COOH होता है।
- इसके लवणों (यथा-सोडियम बेंजोएट) का खाद्य परिरक्षक के रूप में प्रयोग किया जाता है।
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5. आलू के चिप्स प्लास्टिक के थैलों में संकुलित किए जाते हैं-
(a) नाइट्रोजन वातावरण में
(b) हाइड्रोजन वातावरण में
(c) ऑक्सीजन वातावरण में
(d) आयोडीन वातावरण में
[U.P.R.O./A.R.O. (Re-exam) (Pre) 2016]
उत्तर – (a) नाइट्रोजन वातावरण में
- नाइट्रोजन गैस ऑक्सीजन की अपेक्षा कम क्रियाशील होती है, जो ऑक्सीकरण की प्रक्रिया को रोकती है, जिससे जीवाणु व दूसरे कीटाणु नहीं बढ़ते।
- इसीलिए आलू के चिप्स प्लास्टिक के थैलों में नाइट्रोजन वातावरण में संकुलित किए जाते हैं।
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6. प्रशीतन खाद्य परिरक्षण में मदद करता है-
(a) जीवाणुओं को मार कर।
(b) जैव रासायनिक अभिक्रियाओं की दर कम करके।
(c) एंजाइम क्रिया नष्ट करके।
(d) खाद्य पदार्थ को बर्फ की परत से ढक कर।
[U.P.P.C.S. (Pre) 2011, U.P. P.C.S. (Pre) 2013]
उत्तर – (b) जैव रासायनिक अभिक्रियाओं की दर कम करके।
- प्रशीतन का कार्य खाद्य पदार्थ को जीवाणु मुक्त करना नहीं है।
- अत्यधिक ठंड की स्थिति में भी जीवाणु, यीस्ट आदि की वृद्धि अथवा एंजाइम की क्रिया रोकी नहीं जा सकती।
- यद्यपि अत्यधिक प्रशीतन की स्थिति सूक्ष्म- जीवों की वृद्धि की गति को सीमित कर सकती है।
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7. निम्नलिखित में से कौन-सा सामान्य प्रशीतक है, जिसको घरेलू प्रशीतित्रों में प्रयुक्त किया जाता है?
(a) निऑन
(b) ऑक्सीजन
(c) फ्रेऑन
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
[Jharkhand P.C.S. (Pre) 2013]
उत्तर – (c) फ्रेऑन
- घरेलू प्रशीतित्रों में प्रयुक्त सामान्य प्रशीतक ‘फ्रेऑन’ है।
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8. कच्ची चीनी को रंग विहीन करने हेतु जिस चारकोल का प्रयोग किया जाता है, वह है-
(a) लकड़ी का चारकोल
(b) चीनी का चारकोल
(c) एनीमल चारकोल
(d) नारियल का चारकोल
[U.P.P.C.S. (Pre) 1998]
उत्तर – (c) एनीमल चारकोल
- एनीमल चारकोल (जन्तु चारकोल) का उपयोग कार्बनिक पदार्थों के विरंजन में किया जाता है।
- कच्ची चीनी को रंगविहीन करने में यह प्रयुक्त होता है।
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9. शहद का प्रमुख घटक है-
(a) ग्लूकोज (द्राक्षशर्करा)
(b) सुक्रोज (इक्षुशर्करा)
(c) माल्टोज (यवशर्करा)
(d) फ्रक्टोज (फलशर्करा)
[U.P. P.C.S. (Pre) 2002, I.A.S. (Pre) 1997]
उत्तर – (d) फ्रक्टोज (फलशर्करा)
- शहद के प्रमुख घटकों में फ्रक्टोज 38.2 प्रतिशत, ग्लूकोज 31.3 प्रतिशत, सुक्रोज 1.3 प्रतिशत, माल्टोज 7.1 प्रतिशत तथा जल 17.2 प्रतिशत शामिल हैं।
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10. निम्न में सबसे मीठी चीनी है – –
(a) फ्रक्टोज
(b) ग्लूकोज
(c) माल्टोज
(d) सुक्रोज
(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
[66th B.P.S.C. (Pre) 2020]
उत्तर – (a) फ्रक्टोज
- सबसे मीठी चीनी फ्रक्टोज होती है।
- फ्रक्टोज एक प्राकृतिक मोनोसैकेराइड है, जो लगभग सभी फलों, शहद और कुछ सब्जियों में पाया जाता है।
- फ्रक्टोज का अणु-सूत्र CHO होता है।
- यह प्रकृति में पाई जाने वाली सबसे मीठी शर्करा है।
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11. बाजार में बिकने वाला ऐस्परटेम कृत्रिम मधुरक है। यह एमीनो अम्लों से बना होता है और अन्य एमीनो अम्लों के समान ही कैलोरी प्रदान करता है। फिर भी यह भोज्य पदार्थों में कम कैलोरी मधुरक के रूप में इस्तेमाल होता है। उसके इस इस्तेमाल का क्या आधार है?
(a) ऐस्परटेम सामान्य चीनी जितना ही मीठा होता है, किंतु चीनी के विपरीत यह मानव शरीर में आवश्यक एन्जाइमों के अभाव के कारण शीघ्र ऑक्सीकृत नहीं हो पाता।
(b) जब ऐस्परटेम आहार प्रसंस्करण में प्रयुक्त होता है, तब उसका मीठा स्वाद तो बना रहता है, किंतु यह ऑक्सीकरण-प्रतिरोधी हो जाता है।
(c) ऐस्परटेम चीनी जितना ही मीठा होता है, किंतु शरीर में अंतर्ग्रहण होने के बाद यह कुछ ऐसे उपचयजों (मेटाबोलाइट्स) में परिवर्तित हो जाता है, जो कोई कैलोरी नहीं देते।
(d) ऐस्परटेम सामान्य चीनी से कई गुना अधिक मीठा होता है, अतः थोड़े से ऐस्परटेम में बने भोज्य पदार्थ ऑक्सीकृत होने पर कम कैलोरी प्रदान करते हैं।
[I.A.S. (Pre) 2011]
उत्तर – (d) ऐस्परटेम सामान्य चीनी से कई गुना अधिक मीठा होता है, अतः थोड़े से ऐस्परटेम में बने भोज्य पदार्थ ऑक्सीकृत होने पर कम कैलोरी प्रदान करते हैं।
- ऐस्परटेम एक कृत्रिम मधुरक है।
- यह सुक्रोज या सामान्य चीनी की तुलना में लगभग 200 गुना अधिक मीठा होता है।
- यद्यपि ऐस्परटेम की प्रति ग्राम मात्रा शरीर द्वारा उपापचय क्रिया के पश्चात 4 किलो कैलोरी ऊर्जा उत्पन्न करती है, परंतु ऐस्परटेम की बहुत कम मात्रा ही मीठा स्वाद उत्पन्न करने के लिए पर्याप्त है इसलिए उसका कैलोरी अंश नगण्य होता है।
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12. नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है-
कथन (A): सुक्रोज की अपेक्षा प्रतीप शर्करा अधिक मधुर होती है।
कारण (R): प्रतीप शर्करा को सुक्रोज के जल-अपघटन से प्राप्त किया जाता है।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(c) (A) सत्य है, परंतु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, परंतु (R) सत्य है।
[U.P.P.C.S. (Pre) 2020]
उत्तर – (b) (A) और (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
- सुक्रोज के जल-अपघटन से प्रतीप शर्करा (Invert Sugar) प्राप्त की जाती है, जो सुक्रोज की अपेक्षा अधिक मधुर होती है।
- प्रतीप शर्करा ग्लूकोज एवं फ्रक्टोज का मिश्रण है तथा इसकी अधिक मधुरता का कारण सुक्रोज का जल-अपघटन नहीं, बल्कि फ्रक्टोज द्वारा प्रदत्त मिठास की उच्च मात्रा है।
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13. निम्नलिखित में से किसमें ‘ट्राइक्लोसन’ के विद्यमान होने की सर्वाधिक संभावना है, जिसके लंबे समय तक उच्च स्तर के प्रभावन में रहने को हानिकारक माना जाता है?
(a) खाद्य परिरक्षक
(b) फल पकाने वाले पदार्थ
(c) पुनःप्रयुक्त प्लास्टिक के पात्र
(d) प्रसाधन सामग्री
[I.A.S. (Pre) 2021]
उत्तर – (d) प्रसाधन सामग्री
- ट्राइक्लोसन (Triclosan) सामान्यतः प्रयुक्त होने वाला सूक्ष्म जीवरोधी यौगिक (Antimicrobial Compound) है, जो टूथपेस्ट, डिटर्जेंट तथा साबुन इत्यादि में पाया जाता है।
- वर्ष 2017 में USFDA (US Food & Drug Administration) की घोषणा के अनुसार, ट्राइक्लोसन एंटीसेप्टिक उत्पादों हेतु सुरक्षित एवं प्रभावी नहीं है।
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14. एस्पिरिन कहां से मिलती है?
(a) पेट्रोलियम से
(b) पृथ्वी से
(c) एक पेड़ से
(d) एसिडों की रासायनिक अभिक्रिया से
[47th B.P.S.C. (Pre) 2005]
उत्तर – (c) एक पेड़ से
- एस्पिरिन पेड़ के लैटेक्स से प्राप्त होता है, जो एण्टीपायरेटिक के रूप में ज्वर होने पर दी जाती है, यह वेदना निवारक का भी कार्य करती है।
- एस्पिरिन को एसिटिल सैलिसिलिक एसिड के नाम से भी जाना जाता है।
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15. एस्पिरिन है-
(a) प्रतिजैविकी
(b) एण्टीपायरेटिक
(c) शमक
(d) उपरोक्त में कोई नहीं
[40th B.P.S.C. (Pre) 1995]
उत्तर – (b) एण्टीपायरेटिक
- एस्पिरिन पेड़ के लैटेक्स से प्राप्त होता है, जो एण्टीपायरेटिक के रूप में ज्वर होने पर दी जाती है, यह वेदना निवारक का भी कार्य करती है।
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16. निम्नलिखित यौगिकों में कौन-सा एक शान्तिकारक औषधि के रूप में प्रयुक्त होता है?
(a) पोटैशियम ब्रोमाइड
(b) कैल्शियम क्लोराइड
(c) एथिल एल्कोहॉल
(d) फॉस्फोरस ट्राइक्लोराइड
[U.P.P.C.S. (Pre) 2010]
उत्तर – (a) पोटैशियम ब्रोमाइड
- पोटैशियम ब्रोमाइड (KBr) एक लवण है, जिसका शान्तिकारक औषधि के रूप में भी प्रयोग होता है।
- इसका प्रयोग व्यापक रूप से मिर्गी रोग के उपचार में भी होता है।
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17. निम्नांकित में से कौन-सा रक्त के हीमोग्लोबिन के साथ अनुत्क्रमणीय संश्लिष्ट बनाता है?
(a) कार्बन डाइऑक्साइड
(b) शुद्ध नाइट्रोजन गैस
(c) कार्बन मोनोऑक्साइड
(d) कार्बन डाइऑक्साइड और हीलियम का मिश्रण
[U.P.P.C.S. (Pre) 1996]
उत्तर – (c) कार्बन मोनोऑक्साइड
- कार्बन मोनोऑक्साइड एक अत्यन्त ही जहरीली एवं प्राणघातक गैस है।
- ऊंची सांद्रता में यह मनुष्यों और जानवरों के लिए विषाक्त होती है।
- रक्त के हीमोग्लोबिन पर इस गैस की क्रिया से कार्बोक्सी हीमोग्लोबिन बन जाता है, जिससे रक्त गाढ़ा हो जाता है और रक्त प्रवाह रुक जाता है, परिणामस्वरूप व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।
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18. दूध उदाहरण है, एक-
(a) विलयन का
(b) फेन का
(c) इमल्सन (पायस) का
(d) वायुवियल का
[42nd B.P.S.C. (Pre) 1997, U.P.P.C.S. (Pre) 1996]
उत्तर – (c) इमल्सन (पायस) का
- दूध एक पायस (इमल्सन) का उदाहरण है।
- इससे विटामिन-सी के अलावा सभी पोषक तत्व प्राप्त होते हैं।
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19. इसमें से कौन कोलॉइड नहीं है?
(a) दूघ
(c) आइसक्रीम
(b) खून
(d) शहद
[U.P.P.C.S. (Pre) 2002]
उत्तर – (d) शहद
- कोलॉइड एक विषमांगी विलयन होते हैं।
- ये विलयन टिण्डल प्रभाव (अर्थात कोलाइडी कणों द्वारा प्रकाश का प्रकीर्णन) तथा ब्राउनियन गति दर्शाते हैं।
- शहद टिण्डल प्रभाव नहीं दर्शाता, अतः ये कोलॉइड नहीं है।
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20. दूध को निम्न विधि से एकरूप (होमोजिनाइज) किया जाता है-
(a) इसमें थोड़ा सोडियम कार्बोनेट मिला दिया जाता है।
(b) इसकी वसा हटा दी जाती है।
(c) इसके वसा कणों को सेन्ट्राफ्यूज की सहायता से सूक्ष्म आकार में बदला जाता है।
(d) इसको केवल उबाला जाता है।
[R.A.S./R.T.S. (Pre) 1999]
उत्तर – (c) इसके वसा कणों को सेन्ट्राफ्यूज की सहायता से सूक्ष्म आकार में बदला जाता है।
- एकरूपण (Homogenization) प्रक्रिया द्वारा दूध की क्रीम में उपस्थित वसा कणों को सूक्ष्म आकार में परिवर्तित किया जाता है, जिससे वह दूध में समान रूप से वितरित रह सकें।
- इस प्रक्रिया के द्वारा दूध की क्रीम इकट्ठी होकर ऊपरी सतह पर नहीं आती और दूध का गाढ़ापन (Consistency) और प्रकृति (Texture) एकरूप हो जाती है।
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21. खुले में कुछ देर रखा दूध खट्टा हो जाता है-
(a) कार्बोनिक अम्ल के कारण
(b) लैक्टिक अम्ल के कारण
(c) साइट्रिक अम्ल के कारण
(d) एसीटिक अम्ल के कारण
[U.P. Lower Sub. (Pre) 2004]
उत्तर – (b) लैक्टिक अम्ल के कारण
- ताजे दूध को वायु में खुला रखने से यह अनेक रोगजनक एवं अविकारी सूक्ष्मजीवों से संदूषित हो जाता है।
- अनेक अविकारी जीवाणु दूध की शर्करा लैक्टोज को लैक्टिक अम्ल में परिवर्तित कर देते हैं, जो दूध के खट्टेपन का कारण है।
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22. खट्टे दूध के उत्पादों में कौन-सा अम्ल होता है?
(a) एसीटिक अम्ल
(b) ब्यूटायरिक अम्ल
(c) टार्टरिक अम्ल
(d) लैक्टिक अम्ल
[U.P.P.C.S. (Mains) 2012]
उत्तर – (d) लैक्टिक अम्ल
- अनेक अविकारी जीवाणु दूध की शर्करा लैक्टोज को लैक्टिक अम्ल में परिवर्तित कर देते हैं, जो दूध के खट्टेपन का कारण है।
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23. निम्न में से कौन-सा अम्ल, दूध से दही बनने के दौरान बनता है?
(a) एसीटिक अम्ल
(c) साइट्रिक अम्ल
(b) एस्कॉर्बिक अम्ल
(d) लैक्टिक अम्ल
[R.A.S./R.T.S. (Pre) 2008]
उत्तर – (d) लैक्टिक अम्ल
- दूध से दही उचित तापमान (30°C) पर लगभग 12 घंटों में स्ट्रेप्टोकॉक्स एवं लैक्टोबैसिलस सूक्ष्मजीवों (जीवाणु) द्वारा दूध की शर्करा लैक्टोज के लैक्टिक अम्ल में परिवर्तन के कारण बनता है।
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24. प्राचीन काल से दही जमाने की प्रक्रिया में निम्न जीव की आवश्यकता होती थी?
(a) जीवाणु
(b) विषाणु
(d) प्रोटोजोवा
(c) कवक
[R.A.S./R.T.S. (Pre) 2010]
उत्तर – (a) जीवाणु
- प्राचीन काल से दही जमाने की प्रक्रिया में जीवाणु की आवश्यकता होती थी।
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25. लौंग के तेल का निम्नलिखित में से कौन-सा एक प्रमुख घटक है?
(a) मेंथाल
(b) यूजेनाल
(c) मीथेनाल
(d) बेन्जैल्डिहाइड
[I.A.S. (Pre) 2005, U.P.U.D.A./L.D.A. (Spl) (Mains) 2010]
उत्तर – (b) यूजेनाल
- लौंग के तेल (Cloves Oil) का प्रमुख घटक यूजेनाल (Eugenol) है।
- यह एक प्राकृतिक दर्द निवारक (Analgesic) तथा एन्टिसेप्टिक्स है।
- इसका उपयोग दांतों के दर्द को दूर करने में बखूबी रूप से किया जाता है।
- लौंग के तेल का उपयोग सौंदर्य प्रसाधन, साबुन तथा टूथपेस्ट निर्माण में भी किया जाता है।
- मेडागास्कर तथा इंडोनेशिया मुख्य लौंग तेल उत्पादक देश हैं।
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26. जेली बनाने हेतु निम्नलिखित में से कौन-सा फल सर्वाधिक उपयुक्त है?
(a) आम
(b) पपीता
(c) अमरूद
(d) कैथे
[U.P.P.C.S. (Mains) 2013]
उत्तर – (c) अमरूद
- पपीते में पपाइन नामक तत्व पाया जाता है, जो जेलेटिन को सेट नहीं होने देता अतः यह जेली बनाने हेतु श्रेष्ठ फल नहीं है।
- आम और कैथे में पेक्टीन की उपस्थिति क्रमशः कच्चे और पूर्णतः परिपक्व होने पर निर्भर करती है।
- जबकि अमरूद में पेक्टीन की उपस्थिति के लिए ये शर्त अनिवार्य नहीं है।
- अतः अमरूद जेली बनाने के लिए उपयुक्त फल है।
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27. कार्बनिक खाद्य हमारे लिए बेहतर माने जाते हैं, क्योंकि वे-
(a) रुचिकर स्वाद हेतु रसायनों पर निर्भर होते हैं।
(b) खरीदने में महंगे होते हैं।
(c) पर्यावरणीय प्रदूषकों से मुक्त रखे जाने हेतु ग्लासहाउस में उगाए जाते हैं।
(d) बिना कृत्रिम खादों एवं कीटनाशकों के उपयोग किए, उगाए जाते हैं।
[U.P.P.S.C. (R.I.) 2014]
उत्तर – (d) बिना कृत्रिम खादों एवं कीटनाशकों के उपयोग किए, उगाए जाते हैं।
- कार्बनिक खाद्य हमारे लिए बेहतर माने जाते हैं, क्योंकि वे कृत्रिम खादों एवं कीटनाशकों के उपयोग के बिना उगाए जाते हैं।
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28. ‘ACE2’ पद का उल्लेख किस संदर्भ में किया जाता है?
(a) आनुवंशिक रूप से रूपांतरित पादपों में पुरःस्थापित(इंट्रोड्यूस्ड) जीन
(b) भारत के निजी उपग्रह संचालन प्रणाली का विकास
(c) वन्य प्राणियों पर निगाह रखने के लिए रेडियो कॉलर
(d) विषाणुजनित रोगों का प्रसार
[I.A.S. (Pre) 2021]
उत्तर – (d) विषाणुजनित रोगों का प्रसार
- ACE2 का पूर्ण रूप है:- Angiotensin-converting enzyme2 यह कोविड-19 हेतु उत्तरदायी विषाणु SARS-CoV-2 हेतु प्रवेश ग्राही (Entry receptor) का काम करता है।
- वास्तव में ACE 2 विभिन्न कोशिका प्रकारों की सतह पर पाया जाने वाला एक एंजाइम है।
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29. बॉलगार्ड-1 और बॉलगार्ड-11 प्रौद्योगिकियों का उल्लेख किसके संदर्भ में किया जाता है?
(a) फसली पादपों का क्लोनी प्रवर्धन
(b) आनुवंशिक रूप से रूपांतरित फसली पादपों का विकास
(c) पादप वृद्धिकर पदार्थों का उत्पादन
(d) जैव उर्वरकों का उत्पादन
[I.A.S. (Pre) 2021]
उत्तर – (b) आनुवंशिक रूप से रूपांतरित फसली पादपों का विकास
- बॉलगॉर्ड 1 बीटी कॉटन (एकल जीन प्रौद्योगिकी) भारत की प्रथम फसल जैव प्रौद्योगिकी है, जिसे वर्ष 2002 में भारत में व्यावसायीकरण हेतु अनुमोदित किया गया था।
- बॉलगॉर्ड-II दोहरी जीन प्रौद्योगिकी (Double gene technology) है, जिसे वर्ष 2006 में अनुमोदित किया गया।
- ये दोनों प्रौद्योगिकियां आनुवंशिक रूप से रूपांतरित फसलों के विकास से संबंधित हैं।
- ये दोनों प्रौद्योगिकियां बॉलवर्म (Ballworms) के नियंत्रण की एक पर्यावरण अनुकूल विधि है।
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